FIFA World Cup Controversy: दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय सॉकर फैन ग्रुप्स ने FIFA अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को कई प्रमुख प्रशंसक संगठनों ने एक ऑनलाइन पिटीशन शुरू करते हुए उनसे FIFA अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की मांग की। इस अभियान के साथ #InfantinoOut हैशटैग भी चलाया जा रहा है। फैन संगठनों का कहना है कि FIFA की मौजूदा कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां दोबारा पैदा न हों।
वर्ल्ड कप के मुनाफे को निजी निवेशकों को बेचने की योजना पर विवाद
पिटीशन में इन्फेंटिनो की उस विवादित योजना का प्रमुखता से जिक्र किया गया है, जिसके तहत भविष्य के वर्ल्ड कप से होने वाले मुनाफे को निजी निवेशकों से जोड़ने की कोशिश की गई थी। भारी विरोध के बाद इस योजना को वापस ले लिया गया था। फैन संगठनों ने इस प्रस्ताव को FIFA के संचालन और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाला कदम बताया है। उनका आरोप है कि विश्व फुटबॉल की सबसे बड़ी प्रतियोगिता को निजी निवेश के नजरिए से देखने की कोशिश प्रशंसकों के हितों के खिलाफ थी।
करीब 40 राष्ट्रीय फैन संगठनों ने अभियान को दिया समर्थन
इस पिटीशन में यूरोप, अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका के कई बड़े प्रशंसक संगठन शामिल हैं। इनमें फुटबॉल सपोर्टर्स यूरोप, फुटबॉल सपोर्टर्स अफ्रीका और इंडिपेंडेंट सपोर्टर्स काउंसिल प्रमुख हैं। इनके अलावा दुनिया के करीब 40 राष्ट्रीय फैन समूहों ने भी अभियान का समर्थन किया है। इन संगठनों का कहना है कि FIFA को प्रशंसकों की आवाज सुननी चाहिए और फैसले लेते समय अधिक पारदर्शी तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया अपनानी चाहिए।
UEFA समेत कई फुटबॉल संगठनों से रिश्तों पर भी सवाल
इन्फेंटिनो की कार्यशैली को लेकर अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल जगत में पहले भी सवाल उठते रहे हैं। UEFA ने उनके प्रति भरोसे की कमी जाहिर की है, हालांकि उसने उनके इस्तीफे की मांग का समर्थन नहीं किया है। वहीं, उत्तर अमेरिकी फुटबॉल परिसंघ CONCACAF और एशियाई फुटबॉल परिसंघ के कुछ नेताओं ने भी FIFA अध्यक्ष की आलोचना की है। इससे पता चलता है कि इन्फेंटिनो की नेतृत्व शैली को लेकर फुटबॉल प्रशासन के भीतर मतभेद मौजूद हैं।
कुछ सदस्य देश अब भी इन्फेंटिनो के समर्थन में
FIFA के कुल 211 सदस्य महासंघों में से कई अभी भी इन्फेंटिनो के साथ खड़े दिखाई देते हैं। इनमें 2030 विश्व कप के सह-मेजबान मोरक्को, कतर और लेबनान शामिल हैं। लेबनान ने इसी साल इन्फेंटिनो को नागरिकता भी प्रदान की थी। दूसरी ओर, 2034 विश्व कप की मेजबानी करने वाले सऊदी अरब के इन्फेंटिनो के साथ करीबी संबंध होने के बावजूद देश ने सार्वजनिक रूप से उनके समर्थन की घोषणा नहीं की है।
फैन ग्रुप्स ने नेतृत्व और पारदर्शिता पर उठाए सवाल
पिटीशन में इन्फेंटिनो के नेतृत्व को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्रशंसक संगठनों का कहना है कि FIFA अध्यक्ष पद के आसपास सत्ता का अत्यधिक केंद्रीकरण हो गया है। इसके साथ ही उन्होंने निर्णय लेने की प्रक्रिया में कथित अपारदर्शिता, जवाबदेही की कमी और व्यक्ति-केंद्रित नेतृत्व पर भी सवाल उठाए हैं। फैन समूहों का दावा है कि इन कारणों से FIFA की विश्वसनीयता और संस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर हुआ है।
टिकटों की बढ़ती कीमतों से भी नाराज हैं प्रशंसक
इन्फेंटिनो के खिलाफ नाराजगी का एक बड़ा कारण 2026 FIFA वर्ल्ड कप के टिकटों की कीमतें भी हैं। अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होने वाले इस टूर्नामेंट में कुल 104 मुकाबले खेले जाएंगे। फैन संगठनों का आरोप है कि टिकटों की कीमत तय करने से पहले FIFA ने उनसे पर्याप्त सलाह-मशविरा नहीं किया। उनका कहना है कि इससे आम और लंबे समय से टीमों का समर्थन करने वाले प्रशंसकों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है।
पुराने विवादित प्रोजेक्ट्स भी बने आलोचना का आधार
पिटीशन में इन्फेंटिनो के कार्यकाल के दौरान सामने आए कुछ पुराने प्रस्तावों और परियोजनाओं का भी उल्लेख किया गया है। इनमें यूरोपियन सुपर लीग से जुड़ा विवाद और हर दो साल में विश्व कप आयोजित करने का विचार शामिल है। प्रशंसक संगठनों का कहना है कि इन प्रस्तावों ने फुटबॉल के पारंपरिक ढांचे और प्रशंसकों के हितों को लेकर चिंता पैदा की थी।
FIFA से जवाब का इंतजार
फैन समूहों ने अपनी पिटीशन में स्पष्ट किया है कि FIFA की विश्वसनीयता और फुटबॉल के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए इन्फेंटिनो का इस्तीफा जरूरी है। अभियान के आयोजकों का कहना है कि संस्था में जवाबदेही, लोकतांत्रिक प्रक्रिया और पारदर्शिता को मजबूत किया जाना चाहिए। पिटीशन पर प्रतिक्रिया जानने के लिए FIFA से संपर्क किया गया है, लेकिन फिलहाल उसकी ओर से आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है।
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