Vande Mataram Row: वंदे मातरम को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक टकराव लगातार तेज होता जा रहा है। उत्तर प्रदेश से लेकर केरल तक राष्ट्रगीत को लेकर दोनों दल आमने-सामने हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कांग्रेस पर हमले के बाद कांग्रेस ने बीजेपी नेताओं पर दिखावटी राष्ट्रवाद करने का आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना है कि जनता से जुड़े मुद्दों और सरकार की कथित नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए वंदे मातरम को राजनीतिक विवाद बनाया जा रहा है।
कांग्रेस ने बीजेपी पर लगाया दिखावटी राष्ट्रवाद का आरोप
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में वंदे मातरम को लेकर चर्चा हुई थी। इस दौरान पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कांग्रेस का रुख स्पष्ट किया। रमेश के मुताबिक, पार्टी 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा पारित प्रस्ताव का पालन करती रहेगी। उन्होंने बीजेपी नेताओं पर फर्जी और दिखावटी राष्ट्रवाद का सहारा लेने का आरोप लगाया।
1937 के प्रस्ताव का कांग्रेस ने दिया हवाला
जयराम रमेश ने बताया कि 1937 के प्रस्ताव में जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, सुभाष चंद्र बोस, मौलाना अबुल कलाम आजाद और अन्य प्रमुख नेताओं की भूमिका थी। कांग्रेस के अनुसार यह फैसला गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह को ध्यान में रखते हुए लिया गया था। पार्टी का तर्क है कि राष्ट्रीय आयोजनों में वंदे मातरम के शुरुआती दो छंदों के इस्तेमाल की परंपरा ऐतिहासिक रूप से चली आ रही है।
संविधान सभा के फैसले को लेकर कांग्रेस का तर्क
कांग्रेस ने वंदे मातरम के दर्जे को लेकर संविधान सभा के फैसले का भी उल्लेख किया। पार्टी नेताओं के मुताबिक, संविधान सभा के अंतिम दौर में जन गण मन को राष्ट्रगान और वंदे मातरम को राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार किया गया था। जयराम रमेश ने यह भी कहा कि राष्ट्रगान के रूप में जन गण मन के भी एक हिस्से को ही अपनाया गया है। कांग्रेस इसी आधार पर अपने मौजूदा रुख को उचित ठहरा रही है।
बीजेपी पर मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप
जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि वंदे मातरम की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को लेकर बीजेपी एक अलग राजनीतिक नैरेटिव तैयार करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस का कहना है कि छात्रों और आम जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे मौजूद हैं, लेकिन सरकार उन पर चर्चा के बजाय राष्ट्रगीत के विवाद को आगे बढ़ा रही है। पार्टी ने इसे राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश बताया।
केरल में बीजेपी ने किया बड़े कार्यक्रम का ऐलान
केरल में विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। बीजेपी ने शुक्रवार को राज्य के सभी संगठनात्मक जिला मुख्यालयों पर वंदे मातरम से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है। पार्टी के राज्य महासचिव एस. सुरेश के अनुसार, प्रदेश के 30 संगठनात्मक जिलों में कार्यक्रम होंगे। बीजेपी का आरोप है कि राज्य सरकार ने स्वतंत्रता दिवस समारोहों में राष्ट्रगीत को उचित स्थान नहीं दिया।
बीजेपी ने केरल सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
बीजेपी ने केरल सरकार पर वंदे मातरम की कथित अनदेखी करने का आरोप लगाने के साथ कुछ संगठनों की विचारधारा को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया। पार्टी का कहना है कि राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। बीजेपी के कार्यक्रमों को इसी मुद्दे पर सरकार के खिलाफ राजनीतिक प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
यूपी में भी कांग्रेस पर बीजेपी का हमला
उत्तर प्रदेश में भी वंदे मातरम विवाद ने राजनीतिक रंग ले लिया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस पर वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां बदलने के बावजूद कांग्रेस पुराने फैसले पर कायम है। मौर्य ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला भी बोला।
अखिलेश और संजय सिंह ने बीजेपी को घेरा
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि कई नेता खुद वंदे मातरम नहीं गाते। वहीं आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने बीजेपी से स्वतंत्रता आंदोलन में उसके योगदान को लेकर सवाल किया। उन्होंने ऐतिहासिक घटनाओं और आरएसएस से जुड़े पुराने रुख का हवाला देते हुए बीजेपी के राष्ट्रवाद पर सवाल उठाए।
कांग्रेस बोली- पार्टी में पुरानी परंपरा जारी
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम लंबे समय से गाया जाता रहा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस में 1937 से इस संबंध में एक परंपरा चली आ रही है। फिलहाल दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और वंदे मातरम का मुद्दा आने वाले दिनों में और बड़ा राजनीतिक विवाद बनता दिखाई दे रहा है।
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