Raipur Crypto Fraud : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में क्रिप्टोकरेंसी और USDT ट्रेडिंग के नाम पर एक कॉमर्स शिक्षक से करोड़ों रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आजाद चौक थाना क्षेत्र में दर्ज शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने शिक्षक को निवेश पर हर महीने आकर्षक और तय मुनाफा देने का भरोसा दिलाया था। इस झांसे में आकर शिक्षक ने अपनी जमा पूंजी के साथ कर्ज लेकर भी रकम निवेश कर दी। शिकायत में कुल 1 करोड़ 54 लाख 90 हजार रुपये की ठगी का आरोप लगाया गया है।
कोचिंग के दौरान छात्र से हुई थी पहचान
शिकायतकर्ता पुष्कर जैन के अनुसार, वर्ष 2020-21 में कोचिंग के दौरान उनकी पहचान छात्र नेहल अग्रवाल से हुई थी। कुछ समय बाद नेहल ने शिक्षक की मुलाकात ललित अग्रवाल उर्फ लक्की, विवेक अग्रवाल और परिवार के अन्य सदस्यों से कराई। आरोप है कि इन लोगों ने खुद को क्रिप्टोकरेंसी और USDT ट्रेडिंग से जुड़ा कारोबारी बताया और निवेश के बदले लगातार अच्छा रिटर्न देने का दावा किया।
25 से 30 प्रतिशत मुनाफे का किया दावा
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने शिक्षक को बताया कि क्रिप्टो और USDT ट्रेडिंग के जरिए हर महीने करीब 25 से 30 प्रतिशत तक मुनाफा कमाया जा सकता है। शिक्षक को उनके निवेश पर लगभग 8 से 10 प्रतिशत तक निश्चित रिटर्न देने का कथित भरोसा भी दिया गया। शुरुआत में कुछ समय तक शिक्षक को मुनाफे की रकम मिलने लगी, जिससे उनका विश्वास आरोपियों पर और मजबूत हो गया।
जमा पूंजी के साथ कर्ज लेकर लगाया पैसा
शिकायतकर्ता का आरोप है कि 22 अगस्त 2024 से उन्होंने अलग-अलग तारीखों में आरोपियों के बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करनी शुरू की। उन्होंने अपनी बचत के अलावा बैंक और अन्य माध्यमों से कर्ज लेकर भी निवेश किया। शुरुआत में कथित तौर पर मुनाफा मिलने के कारण उन्हें लगा कि निवेश सुरक्षित है और आगे भी अच्छा रिटर्न प्राप्त होगा। इसी भरोसे में उन्होंने धीरे-धीरे बड़ी रकम आरोपियों को दे दी।
रकम वापस मांगने पर मिलने लगे अलग-अलग बहाने
जब शिक्षक ने अपनी मूल रकम वापस मांगनी शुरू की तो कथित तौर पर आरोपियों ने अलग-अलग कारण बताकर भुगतान टालना शुरू कर दिया। शिकायत के अनुसार, कभी मुंबई से पैसा आने की बात कही गई तो कभी ट्रेडिंग आईडी ब्लॉक होने का हवाला दिया गया। इसके अलावा निवेश की रकम फंसने जैसी वजहें भी बताई गईं। इस तरह कथित तौर पर शिक्षक को लगातार आश्वासन देकर भुगतान में देरी की गई।
दो महीने में पैसा लौटाने का दिया भरोसा
जनवरी 2025 में शिक्षक आरोपियों के मोवा स्थित घर पहुंचे और अपनी रकम वापस मांगी। शिकायत के मुताबिक, उस समय उन्हें भरोसा दिलाया गया कि करीब दो महीने के भीतर उनकी पूरी रकम लौटा दी जाएगी। इसी दौरान नमित अग्रवाल उर्फ विक्की ने कथित तौर पर व्यक्तिगत गारंटी देकर शिक्षक से दोबारा निवेश करने के लिए कहा।
दोबारा 9.90 लाख रुपये लगाने का आरोप
शिकायतकर्ता के मुताबिक, भरोसे में आकर उन्होंने 3 फरवरी 2026 को सीमा देवी अग्रवाल के बैंक खाते में 9.90 लाख रुपये और ट्रांसफर कर दिए। हालांकि, इसके महज दो दिन बाद यानी 5 फरवरी से आरोपियों के मोबाइल फोन बंद हो गए। आरोप है कि इसके बाद वे अपना रायपुर स्थित मकान छोड़कर फरार हो गए। शिक्षक को तब कथित धोखाधड़ी का संदेह और गहरा हुआ।
टेलीग्राम के ‘पंप एंड डंप’ ग्रुप में जोड़ने का दावा
शिकायत में शिक्षक ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें टेलीग्राम के एक ‘पंप एंड डंप’ ग्रुप में जोड़ा गया था। उनका दावा है कि उन्होंने नेहल, ललित, विवेक और सीमा देवी सहित अन्य संबंधित लोगों के बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 54 लाख 90 हजार रुपये ट्रांसफर किए। अब पुलिस इन सभी लेन-देन और संबंधित खातों की जांच कर रही है।
आजाद चौक पुलिस ने शुरू की जांच
मामले की शिकायत मिलने के बाद आजाद चौक थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की भूमिका, बैंक खातों में हुए वित्तीय लेन-देन और क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर किए गए कथित निवेश की वास्तविकता की जांच कर रही है। साथ ही पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शिकायत में बताए गए सभी लोग इस कथित ठगी में किस तरह शामिल थे और रकम का इस्तेमाल कहां किया गया।
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