Hafiz Saeed Trial: गैरमौजूदगी में ट्रायल की तैयारी, NIA कोर्ट का समन विदेश मंत्रालय के जरिए पाकिस्तान जाएगा

पहलगाम आतंकी हमले के मामले में NIA ने पाकिस्तान में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा संस्थापक हाफिज सईद के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी है। जम्मू की विशेष NIA अदालत पहले ही उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर चुकी है। अब कोर्ट का समन विदेश मंत्रालय के जरिए पाकिस्तान भेजा जाएगा और उसकी गैरमौजूदगी में ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।

Hafiz Saeed Trial : पहलगाम आतंकी हमले के मामले में लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और आतंकी हाफिज सईद के खिलाफ भारत कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। जम्मू की विशेष एनआईए अदालत से उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी होने के बाद अब उसे अदालत में पेश होने के लिए समन भेजने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए भारत पाकिस्तान में समन तामील कराने की कोशिश करेगा।

ads
Adst

विदेश मंत्रालय के जरिए पाकिस्तान में भेजा जाएगा समन

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, भारत समन की तामील के लिए कूटनीतिक माध्यम का इस्तेमाल कर सकता है। विदेश मंत्रालय के जरिए पाकिस्तान के लाहौर में हाफिज सईद तक अदालत का समन पहुंचाने की कोशिश होगी। इस प्रक्रिया का मकसद आरोपी को भारतीय अदालत के सामने पेश होने का औपचारिक अवसर देना है।

Adst

8 जुलाई को जारी हुआ था गैर-जमानती वारंट

एनआईए के मुताबिक, जम्मू की विशेष एनआईए अदालत ने 8 जुलाई 2026 को हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। जांच एजेंसी का कहना है कि सईद इस समय पाकिस्तान में मौजूद है। मौजूदा परिस्थितियों में उसे पाकिस्तान से भारत लाकर अदालत में पेश कराना बेहद चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में भारतीय जांच एजेंसी अब उपलब्ध कानूनी विकल्पों के तहत आगे बढ़ रही है।

पहलगाम हमले की साजिश का कथित मास्टरमाइंड

एनआईए ने जुलाई 2026 में अदालत में दाखिल की गई सप्लीमेंट्री चार्जशीट में हाफिज सईद को 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले की साजिश का कथित मास्टरमाइंड बताया है। जांच एजेंसी के अनुसार, हमले की योजना तैयार करने और उसे अंजाम तक पहुंचाने की निगरानी में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी।

जांच में सामने आए साजिश से जुड़े अहम पहलू

पहलगाम हमले के बाद एनआईए ने मामले की जांच को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया। जांच एजेंसी ने हमले की साजिश, आतंकियों की मदद और उनसे जुड़े नेटवर्क की पड़ताल करते हुए कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की। इसी क्रम में हाफिज सईद का नाम भी मामले की जांच और चार्जशीट में प्रमुखता से सामने आया है।

Adst

गैरमौजूदगी में ट्रायल की तैयारी पर चर्चा

अब भारत हाफिज सईद के खिलाफ उसकी गैरमौजूदगी में मुकदमा चलाने की संभावनाओं पर भी कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। नए आपराधिक कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 356 में निर्धारित परिस्थितियों में ऐसे आरोपी के खिलाफ अनुपस्थिति में ट्रायल का प्रावधान है, जो कानूनी प्रक्रिया से बच रहा हो और जिसे अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित किया जा चुका हो।

गैरमौजूदगी में मुकदमे से पहले पूरी करनी होगी प्रक्रिया

हालांकि, किसी आरोपी के खिलाफ सीधे उसकी अनुपस्थिति में मुकदमा शुरू नहीं किया जा सकता। इसके लिए कानून में निर्धारित कई चरणों का पालन आवश्यक है। सबसे पहले आरोपी को अदालत में उपस्थित होने के लिए समन और वारंट जारी किए जाते हैं। यदि इसके बावजूद आरोपी अदालत में पेश नहीं होता है, तो आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई की जा सकती है।

पाकिस्तान से प्रत्यर्पण भारत के लिए बड़ी चुनौती

भारत और पाकिस्तान के बीच फिलहाल कोई प्रत्यर्पण संधि नहीं है। यही वजह है कि हाफिज सईद को पाकिस्तान से भारत लाना कानूनी और कूटनीतिक दोनों स्तरों पर बड़ी चुनौती है। भारत पहले भी सईद के खिलाफ कार्रवाई और उसके प्रत्यर्पण की मांग करता रहा है। ऐसे में पाकिस्तान में समन की तामील कराने की कोशिश इस मामले में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

समन की तामील से मजबूत होगा कानूनी रिकॉर्ड

लाहौर में समन पहुंचाने की प्रक्रिया का एक अहम उद्देश्य अदालत के रिकॉर्ड को मजबूत करना भी है। भारत यह स्थापित करना चाहता है कि आरोपी को भारतीय न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में उपस्थित होने का उचित अवसर दिया गया। यदि समन और बाद की कानूनी कार्रवाई के बावजूद सईद अदालत में पेश नहीं होता है, तो उसकी अनुपस्थिति में ट्रायल आगे बढ़ाने के लिए जरूरी कानूनी आधार मजबूत हो सकता है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बढ़ सकता है दबाव

हाफिज सईद को भारत लंबे समय से कई आतंकी गतिविधियों से जोड़ता रहा है। ऐसे में पहलगाम हमले के मामले में उसके खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ाना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण संदेश दे सकता है। भारत इस प्रक्रिया के जरिए यह रिकॉर्ड सामने रखना चाहता है कि आरोपी पाकिस्तान में मौजूद है और भारतीय अदालत की कार्रवाई में शामिल होने से बच रहा है।

पाकिस्तान की भूमिका पर भी रहेगी नजर

अब इस मामले में पाकिस्तान की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। भारत की ओर से कूटनीतिक माध्यम से समन की तामील की कोशिश के बाद वहां की संबंधित एजेंसियों की भूमिका पर नजर रहेगी। हालांकि, समन भेजना और आरोपी को भारत लाना अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाएं हैं। भारत के सामने फिलहाल प्राथमिक चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि हाफिज सईद को अदालत में पेश होने का वैधानिक अवसर दिया जाए।

पहलगाम केस में आगे बढ़ेगी न्यायिक प्रक्रिया

कुल मिलाकर, हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट के बाद समन की प्रक्रिया पहलगाम आतंकी हमले की जांच में अगला महत्वपूर्ण कानूनी कदम है। भारत उपलब्ध कानूनों और कूटनीतिक माध्यमों के जरिए मामले को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। यदि आरोपी निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के बावजूद अदालत के सामने पेश नहीं होता है, तो आगे उसकी अनुपस्थिति में मुकदमा चलाने से जुड़े विकल्पों पर विचार किया जा सकता है।

Read More : Ambikapur News : सेवा सुरक्षा और TET अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का धरना, निकाली ‘सेवा सुरक्षा न्याय पदयात्रा’

Adst
Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
पिछले पोस्ट

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.

Adst