Shashi Tharoor : केरल से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पलक्कड़ रेलवे डिवीजन के एक बड़े हिस्से को मैंगलुरु रेलवे स्टेशन से जोड़ने के केंद्र सरकार के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। थरूर ने इस निर्णय को राज्य के हितों के खिलाफ बताते हुए इसके विरोध का ऐलान किया है। उनका कहना है कि इस फैसले के कारण केरल को वित्तीय और परिचालन स्तर पर नुकसान उठाना पड़ सकता है।
यूडीएफ सांसदों के साथ देर रात हुई अहम बैठक
शशि थरूर ने शनिवार, 22 अगस्त की देर रात केरल के यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) सांसदों के साथ ऑनलाइन बैठक की। बैठक में पलक्कड़ रेलवे डिवीजन के पुनर्गठन से जुड़े केंद्र के फैसले पर विस्तार से चर्चा हुई। सांसदों ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए केंद्र सरकार के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराने और फैसले को चुनौती देने की रणनीति पर विचार किया।
थरूर ने केंद्र के फैसले को बताया अस्वीकार्य
रविवार, 23 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए थरूर ने कहा कि यूडीएफ सांसदों की बैठक में केंद्र के फैसले के संभावित प्रभावों पर गंभीर चर्चा हुई। उन्होंने दावा किया कि प्रभावित राज्य सरकार और सांसदों से किसी तरह की पर्याप्त चर्चा या सलाह किए बिना फैसला लिया गया, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिहाज से उचित नहीं है।
केरल पर वित्तीय और परिचालन असर की जताई आशंका
कांग्रेस सांसद के मुताबिक, पलक्कड़ रेलवे डिवीजन के बड़े हिस्से को अलग करने का असर केवल प्रशासनिक व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा। इससे राज्य के वित्तीय हितों और रेलवे संचालन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। थरूर ने कहा कि केरल को इस मामले में अपनी बात रखने और पूरे प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा करने का अधिकार मिलना चाहिए।
फैसला स्थगित करने की यूडीएफ सांसदों की मांग
यूडीएफ सांसदों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि पलक्कड़ रेलवे डिवीजन से संबंधित निर्णय को फिलहाल स्थगित किया जाए। उनका कहना है कि अंतिम निर्णय लेने से पहले राज्य सरकार, सांसदों और संबंधित पक्षों के साथ व्यापक विचार-विमर्श होना चाहिए। थरूर ने संकेत दिया कि जब तक इस मामले पर उचित चर्चा नहीं होती, तब तक विरोध जारी रहेगा।
रेल मंत्री को भेजा जाएगा संयुक्त पत्र
शशि थरूर ने बताया कि उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को भेजे जाने वाले पत्र का मसौदा तैयार किया है। इस पत्र पर केरल के यूडीएफ सांसद सर्वसम्मति से हस्ताक्षर करेंगे। इसके बाद संयुक्त रूप से इसे रेल मंत्री के पास भेजकर केंद्र सरकार से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की जाएगी।
पलक्कड़ डिवीजन के सांसद देंगे धरना
थरूर ने कहा कि पलक्कड़ रेलवे डिवीजन और इससे प्रभावित अन्य क्षेत्रों के सांसद इस फैसले के विरोध में धरना भी देंगे। उनका कहना है कि विरोध का उद्देश्य केंद्र सरकार पर दबाव बनाना और केरल के हितों की रक्षा करना है। सांसदों की कोशिश रहेगी कि सरकार बातचीत के जरिए इस विवाद का समाधान निकाले।
केरल को सुनवाई और न्यायसंगत प्रक्रिया की उम्मीद
कांग्रेस सांसद ने अपने बयान में कहा कि केरल निष्पक्ष सुनवाई, उचित प्रक्रिया और न्यायसंगत परिणाम का हकदार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूडीएफ सांसद इस मुद्दे को राजनीतिक स्तर के साथ-साथ संस्थागत स्तर पर भी उठाएंगे। अब इस विवाद पर केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
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