8th Pay Commission: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के बीच वेतन में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीदें बनी हुई हैं। इसी बीच रक्षा क्षेत्र के कर्मचारियों के संगठन भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ यानी BPMS ने न्यूनतम बेसिक पे को लेकर एक बड़ा प्रस्ताव सामने रखा है। संगठन ने मौजूदा ₹18,000 न्यूनतम बेसिक वेतन को बढ़ाकर ₹72,000 करने की मांग की है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ₹72,000 की राशि फिलहाल कर्मचारी संगठन की मांग है, इसे केंद्र सरकार या 8वें वेतन आयोग का अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता।
BPMS ने 4 गुना फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव रखा
BPMS की ओर से 16 अप्रैल 2026 को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के लिए अपना ड्राफ्ट प्रस्ताव जारी किया गया था। इसमें न्यूनतम वेतन निर्धारित करने के लिए 4.00 फिटमेंट फैक्टर लागू करने का सुझाव दिया गया है। मौजूदा ₹18,000 बेसिक पे पर चार गुना फिटमेंट फैक्टर लगाने पर रकम ₹72,000 हो जाती है। संगठन का मानना है कि कर्मचारियों की सैलरी तय करते समय केवल महंगाई ही नहीं, बल्कि परिवार की जरूरतों और आर्थिक परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
न्यूनतम बेसिक पे में हो सकती है बड़ी बढ़ोतरी
अगर BPMS की मांग को गणना के आधार पर देखें तो ₹18,000 से ₹72,000 तक पहुंचने पर न्यूनतम बेसिक पे में ₹54,000 की बढ़ोतरी होगी। प्रतिशत के हिसाब से यह मौजूदा बेसिक वेतन से 300 फीसदी अधिक है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि कर्मचारियों की कुल इन-हैंड सैलरी भी इसी अनुपात में बढ़ जाएगी। वास्तविक वेतन कई अन्य भत्तों और सरकार द्वारा तय नियमों पर निर्भर करेगा।
सालाना इंक्रीमेंट 3 से बढ़ाकर 6 प्रतिशत करने की मांग
BPMS ने केवल शुरुआती बेसिक पे बढ़ाने की मांग नहीं की है, बल्कि वार्षिक वेतन वृद्धि में भी बदलाव का प्रस्ताव दिया है। संगठन चाहता है कि कर्मचारियों का सालाना इंक्रीमेंट मौजूदा 3 फीसदी से बढ़ाकर 6 फीसदी किया जाए। यदि ऐसी व्यवस्था लागू होती है तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में हर वर्ष पहले की तुलना में तेज वृद्धि हो सकती है। लंबे समय में इसका असर वेतन और उससे जुड़े लाभों पर भी पड़ सकता है।
परिवार की इकाई पांच सदस्य करने का प्रस्ताव
BPMS ने वेतन निर्धारण के लिए परिवार की इकाई को लेकर भी महत्वपूर्ण बदलाव सुझाया है। संगठन के अनुसार मौजूदा तीन सदस्यीय परिवार की अवधारणा को बढ़ाकर पांच सदस्य किया जाना चाहिए। इसमें कर्मचारी के साथ परिवार के अन्य सदस्यों और आश्रित माता-पिता की जरूरतों को भी ध्यान में रखने की मांग की गई है। संगठन का तर्क है कि कर्मचारी की वास्तविक आर्थिक जिम्मेदारियों का आकलन व्यापक पारिवारिक ढांचे के आधार पर होना चाहिए।
दूसरे कर्मचारी संगठनों ने भी रखी बड़ी मांगें
₹72,000 न्यूनतम बेसिक पे की मांग अकेली नहीं है। अन्य कर्मचारी संगठनों ने भी 8वें वेतन आयोग के सामने अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम वेतन का प्रस्ताव रखा है। नेशनल काउंसिल संयुक्त परामर्श तंत्र के स्टाफ साइड और ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन ने लगभग 3.833 फिटमेंट फैक्टर के साथ करीब ₹69,000 न्यूनतम बेसिक पे की मांग रखी है। कुछ अन्य संगठनों ने 3 से 3.25 के बीच फिटमेंट फैक्टर सुझाया है।
7वें वेतन आयोग में न्यूनतम बेसिक पे कितना था?
7वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 निर्धारित किया गया था। अब 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारी संगठनों की मांग इससे काफी अधिक है। BPMS के प्रस्ताव में ₹72,000 की राशि मौजूदा न्यूनतम बेसिक पे की चार गुना है। यही वजह है कि कर्मचारियों के बीच इस प्रस्ताव को लेकर काफी चर्चा हो रही है।
सिर्फ बेसिक पे से तय नहीं होती कुल सैलरी
केंद्रीय कर्मचारी की वास्तविक मासिक आय केवल बेसिक पे पर निर्भर नहीं करती। वेतन में महंगाई भत्ता यानी DA, हाउस रेंट अलाउंस यानी HRA, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और अन्य अनुमन्य भत्ते भी शामिल होते हैं। इसलिए 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिश आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कर्मचारियों की कुल सैलरी में वास्तविक तौर पर कितनी बढ़ोतरी होगी।
अंतिम फैसला सरकार और वेतन आयोग पर निर्भर
फिलहाल ₹72,000 न्यूनतम बेसिक पे और 4 गुना फिटमेंट फैक्टर BPMS की मांग है। इसे सरकार द्वारा स्वीकृत वेतन संरचना समझना सही नहीं होगा। 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों, केंद्र सरकार के फैसले और अंतिम अधिसूचना के बाद ही नई वेतन व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी। तब यह भी स्पष्ट होगा कि केंद्रीय कर्मचारियों के बेसिक पे, भत्तों और अन्य वेतन लाभों में कितना बदलाव किया जाता है।
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