Sawan Somwar 2026: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। सावन के आखिरी सोमवार के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा अमरकंटक पहुंचे। उन्होंने मां नर्मदा के उद्गम स्थल पर विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इस दौरान उन्होंने मां नर्मदा के उद्गम स्थल के दर्शन कर धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया। सावन सोमवार के कारण अमरकंटक में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही।
नर्मदा जल लेकर ज्वालेश्वर महादेव का किया जलाभिषेक
पूजा-अर्चना के बाद उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने मां नर्मदा के उद्गम स्थल से पवित्र जल लिया। इसके बाद वह छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित स्वयंभू ज्वालेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने नर्मदा जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। सावन के अंतिम सोमवार पर भगवान शिव को जल अर्पित करने की इस धार्मिक परंपरा के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का उत्साह देखने को मिला। हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
आदिकाल से आस्था का प्रमुख केंद्र है अमरकंटक
पूजा के बाद उपमुख्यमंत्री ने अमरकंटक की धार्मिक और आध्यात्मिक महत्ता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अमरकंटक आदिकाल से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। भगवान शिव से जुड़े धार्मिक स्थलों और मां नर्मदा के उद्गम स्थल के कारण इस क्षेत्र की देशभर में विशेष पहचान है। सावन के महीने में यहां विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु पहुंचते हैं और मंदिरों में पूजा-अर्चना के साथ मां नर्मदा का आशीर्वाद लेते हैं।
छत्तीसगढ़ के लोगों की अमरकंटक से गहरी आस्था
विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों का अमरकंटक के साथ विशेष धार्मिक और भावनात्मक जुड़ाव है। कबीरधाम, बेमेतरा, मुंगेली, खैरागढ़ समेत आसपास के जिलों से हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि सावन के दौरान ऐसा लगता है जैसे कबीरधाम का बड़ा हिस्सा ही अमरकंटक पहुंच गया हो। श्रद्धालु यहां मां नर्मदा के दर्शन और आशीर्वाद लेकर अपनी आस्था प्रकट करते हैं।
मां नर्मदा से प्रदेश की खुशहाली के लिए की प्रार्थना
उपमुख्यमंत्री ने पूजा के दौरान छत्तीसगढ़ के लोगों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने मां नर्मदा से प्रार्थना करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी परिवार सुखी और समृद्ध रहें। राज्य में शांति, खुशहाली और विकास का वातावरण लगातार बना रहे। साथ ही उन्होंने प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के बेहतर भविष्य और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना की। सावन में भगवान शिव की आराधना और मां नर्मदा के दर्शन को उन्होंने आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण बताया।
सावन सोमवार पर मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
सावन के आखिरी सोमवार के अवसर पर अमरकंटक के प्रमुख मंदिरों और मां नर्मदा के उद्गम क्षेत्र में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आई। भक्तों ने भगवान शिव और मां नर्मदा की विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में धार्मिक जयकारों और मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने भी सावन सोमवार के अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया।
प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने संभाली व्यवस्थाएं
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। पूजा स्थलों और मंदिर परिसरों में भक्तों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के प्रयास किए गए। श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण माहौल में भगवान शिव और मां नर्मदा की पूजा की। सावन के अंतिम सोमवार पर अमरकंटक में धार्मिक आस्था और भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिला।
धार्मिक पर्यटन के लिहाज से भी खास है अमरकंटक
अमरकंटक न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि मध्य भारत के प्रमुख आध्यात्मिक और पर्यटन स्थलों में भी इसकी विशेष पहचान है। मां नर्मदा के उद्गम स्थल और भगवान शिव से जुड़े अनेक मंदिरों के कारण सालभर यहां श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। सावन के दौरान भक्तों की संख्या और बढ़ जाती है। डिप्टी सीएम विजय शर्मा की यात्रा के दौरान भी अमरकंटक में आस्था, पूजा और धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा।
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