Priyank Kharge on RSS : कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने राज्य विधान परिषद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े मामलों को लेकर लिखित जवाब दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में RSS के खिलाफ सांप्रदायिक दंगों या अन्य आपराधिक गतिविधियों से संबंधित कोई मामला दर्ज नहीं है। यह जानकारी विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावडी नारायणस्वामी द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में सामने आई।
सांप्रदायिक दंगों में संलिप्तता पर भी मांगी गई जानकारी
चलावडी नारायणस्वामी ने सरकार से RSS के खिलाफ दर्ज मामलों, सांप्रदायिक दंगों में संगठन की कथित भूमिका और उसके पथ संचलन या दैनिक शाखाओं के दौरान हुई किसी अप्रिय घटना का विवरण मांगा था। गृह मंत्री की ओर से दिए गए लिखित उत्तर में कहा गया कि RSS के खिलाफ ऐसा कोई मामला दर्ज नहीं है। इस जवाब के सामने आने के बाद कर्नाटक की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए।
BJP ने प्रियांक खरगे पर साधा निशाना
RSS के मुखर आलोचक माने जाने वाले प्रियांक खरगे के इस आधिकारिक जवाब को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। विपक्ष के नेता चलावडी नारायणस्वामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर गृह मंत्री के लिखित जवाब को साझा करते हुए कांग्रेस पर राजनीतिक द्वेष का आरोप लगाया।
चलावडी नारायणस्वामी ने उठाए सरकार पर सवाल
नारायणस्वामी ने कहा कि सरकारी दस्तावेज स्वयं स्थिति स्पष्ट कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब गृह विभाग के पास RSS के खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, तब सरकार को राज्य की कानून-व्यवस्था और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। BJP नेता ने सवाल किया कि आखिर कांग्रेस सरकार RSS को लेकर लगातार राजनीति क्यों कर रही है।
सुनील कुमार ने भी कांग्रेस पर किया हमला
पूर्व मंत्री और BJP विधायक सुनील कुमार ने भी प्रियांक खरगे के जवाब पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि दिसंबर 2025 में तत्कालीन गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने भी विधानसभा में RSS को लेकर इसी तरह का जवाब दिया था। सुनील कुमार ने कांग्रेस पर RSS के खिलाफ राजनीतिक बयानबाजी करने का आरोप लगाते हुए तीखी टिप्पणी की।
BJP के आधिकारिक हैंडल से भी प्रतिक्रिया
BJP के आधिकारिक X हैंडल से भी इस मुद्दे पर कांग्रेस सरकार को घेरा गया। पार्टी ने कहा कि RSS के खिलाफ किसी आपराधिक रिकॉर्ड के नहीं होने की जानकारी खुद गृह विभाग के जवाब में सामने आई है। BJP ने इसे कांग्रेस के आरोपों के विपरीत बताते हुए प्रियांक खरगे की भूमिका और उनके राजनीतिक रुख पर सवाल खड़े किए।
प्रियांक खरगे ने दी अपने जवाब पर सफाई
BJP के आरोपों के बाद गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने अपने बयान की अलग व्याख्या सामने रखी। उन्होंने कहा कि RSS कानूनी रूप से पंजीकृत संस्था नहीं है, इसलिए उसके नाम पर आपराधिक मामले दर्ज नहीं किए जाते। खरगे के अनुसार, यदि RSS से जुड़े किसी व्यक्ति पर अपराध का आरोप होता है, तो केस संबंधित व्यक्ति के खिलाफ दर्ज होता है, संगठन के नाम पर नहीं।
RSS के पंजीकरण को लेकर उठाया सवाल
प्रियांक खरगे ने RSS के पंजीकरण और उसकी कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संगठन के पास औपचारिक सदस्यता व्यवस्था और सदस्यता कार्ड नहीं हैं। गृह मंत्री ने दावा किया कि संगठन की संपत्तियों, फंडिंग और वित्तीय गतिविधियों को लेकर अधिक पारदर्शिता की आवश्यकता है।
पंजीकरण और वित्तीय पारदर्शिता की मांग
खरगे ने दोहराया कि RSS को स्वयं को औपचारिक रूप से पंजीकृत कराना चाहिए और कानूनी दायरे में पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने संगठन के खातों, संपत्तियों, फंडिंग और देनदारियों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। इस बयान से स्पष्ट है कि मामला केवल आपराधिक रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि RSS की कानूनी स्थिति और जवाबदेही भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गई है।
कर्नाटक में राजनीतिक विवाद बढ़ने के संकेत
RSS को लेकर सामने आए सरकारी जवाब और उसके बाद BJP तथा कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रियाओं ने कर्नाटक की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक तरफ BJP गृह मंत्री के लिखित जवाब को अपने पक्ष में बता रही है, वहीं प्रियांक खरगे संगठन के पंजीकरण और जवाबदेही पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य की सियासत में और गर्माने की संभावना है।
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