CG Housing Project: छत्तीसगढ़ की राजधानी क्षेत्र नवा रायपुर में आवास सुविधाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने सोमवार को सेक्टर-12 फेस-2 में नई हाउसिंग परियोजना का भूमिपूजन किया। करीब 119.89 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाली इस परियोजना में HIG और MIG श्रेणी के कुल 348 मकान बनाए जाएंगे। नवा रायपुर में लगातार बढ़ रही आवासीय मांग को देखते हुए छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड अलग-अलग चरणों में नई परियोजनाओं पर काम कर रहा है।
HIG और MIG श्रेणी के 348 मकान होंगे तैयार
नई परियोजना के तहत बनने वाले मकानों में निर्माण गुणवत्ता के साथ आधुनिक सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। घरों में बेहतर टाइल्स, अच्छी गुणवत्ता की फिटिंग और आकर्षक रंग-रूप उपलब्ध कराने की योजना है। हाउसिंग बोर्ड का उद्देश्य ऐसे आवास तैयार करना है, जहां लोगों को कीमत के साथ सुविधाओं और निर्माण गुणवत्ता का भी बेहतर विकल्प मिल सके। नवा रायपुर को ग्रीनफील्ड सिटी के तौर पर विकसित किए जाने के साथ आवासीय विस्तार को भी गति दी जा रही है।
मांग के आधार पर ही शुरू होंगे नए हाउसिंग प्रोजेक्ट
मंत्री ओपी चौधरी ने स्पष्ट किया कि भविष्य में हाउसिंग बोर्ड किसी भी स्थान पर बिना मांग का आकलन किए नई परियोजना शुरू नहीं करेगा। पहले यह पता लगाया जाएगा कि संबंधित क्षेत्र में कितने लोगों को आवास की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि किसी परियोजना में 60 प्रतिशत बुकिंग होने या शुरुआती तीन महीनों में 30 प्रतिशत बुकिंग पूरी होने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे अनावश्यक परियोजनाओं पर खर्च रोकने और मांग के अनुसार निर्माण करने में मदद मिलेगी।
मकानों की गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा
ओपी चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मकानों के निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाए। जरूरत के मुताबिक बेहतर निर्माण सामग्री का इस्तेमाल करने के साथ कॉलोनियों की डिजाइन और फिनिशिंग को भी आकर्षक बनाने पर जोर दिया जाएगा। अच्छी टाइल्स, गुणवत्तापूर्ण फिटिंग, बेहतर रंग संयोजन और जरूरी सुविधाओं के जरिए लोगों को सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराने की कोशिश होगी।
अगले चरण में बनेंगे 704 नए फ्लैट
सेक्टर-12 फेस-2 में 348 मकानों के बाद अगले चरण में 704 फ्लैट विकसित किए जाएंगे। इनमें अलग-अलग आय वर्गों को ध्यान में रखते हुए EWS, LIG, MIG और HIG श्रेणियों के आवास शामिल होंगे। प्रस्तावित 704 फ्लैट में 128 HIG, 320 MIG और 256 LIG फ्लैट बनाए जाने हैं। इनकी शुरुआती कीमत लगभग 16.76 लाख रुपये से 40.47 लाख रुपये के बीच रखी गई है।
348 मकानों की कीमत 45 लाख से अधिक
वर्तमान में शुरू की गई 348 मकानों वाली परियोजना में आवासों की बेस कीमत लगभग 45.70 लाख रुपये से 85.17 लाख रुपये तक निर्धारित की गई है। इस तरह नवा रायपुर में अलग-अलग बजट और जरूरत के हिसाब से लोगों को आवास खरीदने के विकल्प उपलब्ध होंगे। हाउसिंग बोर्ड का कहना है कि भविष्य में भी नई परियोजनाएं क्षेत्र में वास्तविक आवासीय मांग के आधार पर ही शुरू की जाएंगी।
कॉलोनियों के रखरखाव पर भी रहेगा जोर
मंत्री ने हाउसिंग बोर्ड की मौजूदा और नई कॉलोनियों में बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने रेसिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन यानी RWA को मजबूत करने तथा परियोजनाएं पूरी होने के बाद समय पर कॉलोनियों का हैंडओवर करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि हाउसिंग बोर्ड पर पहले करीब 700 करोड़ रुपये का कर्ज था, जिसे अब चुका दिया गया है। बोर्ड अब कर्जमुक्त होकर नई योजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
नवा रायपुर में हरियाली और रिक्रिएशनल एरिया भी
नवा रायपुर में आवासीय विकास के साथ पर्यावरण और हरियाली को भी प्राथमिकता दी जा रही है। मंत्री के मुताबिक शहर के करीब एक-तिहाई हिस्से को रिक्रिएशनल एरिया के रूप में विकसित किया गया है, जबकि 28 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में हरियाली मौजूद है। कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत ओपी चौधरी ने पीपल का पौधा भी लगाया। नए मकानों और आगामी 704 फ्लैटों से नवा रायपुर में आवास के विकल्प बढ़ेंगे और शहर का विकास अधिक व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ेगा।
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