Jan Shatabdi Express : हावड़ा से भुवनेश्वर जा रही 12073 हावड़ा-भुवनेश्वर जन शताब्दी एक्सप्रेस के वातानुकूलित C-1 कोच में गुरुवार को यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के दौरान ट्रेन के अंदर छत से अचानक तेज धार में पानी गिरने लगा। यात्रियों के मुताबिक, पानी लाइट फिटिंग्स के आसपास बने गैप से नीचे आ रहा था। कुछ ही देर में कोच की कई सीटें और यात्रियों का सामान भीगने लगा। एसी कोच में इस तरह पानी गिरता देख यात्रियों में नाराजगी और चिंता दोनों देखने को मिली।
हावड़ा से भुवनेश्वर तक नहीं रुका पानी का रिसाव
यात्रियों ने बताया कि ट्रेन के हावड़ा स्टेशन से रवाना होने के कुछ समय बाद ही C-1 कोच में पानी गिरने की समस्या शुरू हो गई थी। ट्रेन जब खड़गपुर पहुंची, तब भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद भुवनेश्वर तक सफर के दौरान छत से लगातार पानी टपकता रहा। कभी पानी तेज धार में गिरता तो कभी लगातार बूंदों के रूप में नीचे आता रहा। इससे यात्रियों को सीटों पर बैठने और सामान सुरक्षित रखने में परेशानी हुई।
सीट नंबर 1 से 8 तक सबसे ज्यादा असर
जानकारी के अनुसार, C-1 कोच में सीट नंबर 1 से 8 तक पानी गिरने की समस्या सबसे अधिक रही। इन सीटों के ऊपर मौजूद लाइट फिटिंग्स के बीच से पानी तेजी से नीचे आ रहा था। यात्री दर्शील तिवारी के मुताबिक, पानी की रफ्तार देखकर ऐसा लग रहा था मानो कोच के अंदर ही शावर चल रहा हो। पानी के कारण सीटों के साथ यात्रियों के बैग और अन्य सामान के भीगने का खतरा बना रहा। कई यात्रियों को अपनी सीट छोड़कर दूसरी जगह बैठना पड़ा।
यात्रियों ने बनाए वीडियो, रेलवे पर उठाए सवाल
पानी गिरने की घटना के दौरान कुछ यात्रियों ने वीडियो और तस्वीरें भी रिकॉर्ड कीं। यात्रियों का कहना है कि एसी कोच में इस तरह पानी का रिसाव रेलवे की रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि वातानुकूलित कोच से यात्रा करने के लिए यात्रियों से अपेक्षाकृत अधिक किराया लिया जाता है, इसलिए कोच की छत, सीलिंग और वॉटरप्रूफिंग की स्थिति बेहतर होनी चाहिए।
शिकायत के बाद भी नहीं मिली प्रभावी मदद
यात्रियों के अनुसार, पानी गिरने की जानकारी ट्रेन में मौजूद टीटीई को तुरंत दी गई थी। यात्रियों ने उनसे पानी रोकने और प्रभावित हिस्से की व्यवस्था ठीक कराने की मांग की। हालांकि, उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद सफर के दौरान कोई प्रभावी समाधान नहीं किया गया। पानी रोकने के लिए अस्थायी व्यवस्था तक नहीं की गई। ऐसे में यात्रियों को भुवनेश्वर तक लगातार परेशानी के बीच सफर करना पड़ा।
खड़गपुर जैसे बड़े स्टेशन पर भी नहीं सुधरी स्थिति
यात्रियों ने सवाल उठाया कि ट्रेन के खड़गपुर जैसे बड़े स्टेशन पर रुकने के दौरान भी समस्या को ठीक क्यों नहीं किया गया। उनका कहना है कि बड़े रेलवे स्टेशनों पर तकनीकी और रखरखाव से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं। ऐसी स्थिति में कम से कम प्रभावित हिस्से की जांच, पानी का रास्ता बदलने या यात्रियों को दूसरी सीट उपलब्ध कराने जैसे कदम उठाए जा सकते थे। लेकिन ऐसा नहीं होने से यात्रियों में नाराजगी बढ़ गई।
एसी कोच की वॉटरप्रूफिंग पर ध्यान देने की मांग
यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से बारिश के मौसम में एसी कोचों की विशेष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि छत, सीलिंग, लाइट फिटिंग्स और वॉटरप्रूफिंग की नियमित जांच जरूरी है। किसी भी गैप या लीकेज को ट्रेन के रवाना होने से पहले ठीक किया जाना चाहिए। पानी का लगातार रिसाव यात्रियों के सामान को नुकसान पहुंचाने के साथ फिसलने जैसी दुर्घटनाओं का खतरा भी पैदा कर सकता है।
यात्रियों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई
यात्रियों ने रेल मंत्रालय और संबंधित रेलवे प्रशासन से घटना को गंभीरता से लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में चलने वाली ट्रेनों की तकनीकी जांच बढ़ाई जानी चाहिए। सफर के दौरान ऐसी शिकायत मिलने पर कर्मचारियों को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए और बड़े स्टेशनों पर तकनीकी टीम से खराबी की जांच करानी चाहिए। यात्रियों की मांग है कि इस मामले में स्थायी समाधान किया जाए, ताकि भविष्य में किसी एसी कोच में ऐसी परेशानी दोबारा न हो।
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