CM Sai on Congress: छत्तीसगढ़ में बिजली व्यवस्था के कथित निजीकरण और बिलासपुर हिंसा को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस लगातार राज्य सरकार पर जनता के हितों से समझौता करने और कानून-व्यवस्था संभालने में विफल रहने का आरोप लगा रही है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए इसे दुष्प्रचार और लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश बताया है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि बिजली व्यवस्था को लेकर चल रही प्रक्रिया को निजीकरण से जोड़ना सही नहीं है।
मुख्यमंत्री साय ने निजीकरण की आशंकाओं को बताया गलत
बिजली व्यवस्था के निजीकरण को लेकर कांग्रेस की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी, 400 यूनिट तक मिलने वाली राहत में बदलाव और स्मार्ट मीटर के जरिए आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने के बाद सरकार अब बिजली वितरण व्यवस्था को निजी कंपनियों के हाथों में सौंपने की दिशा में बढ़ रही है। पार्टी ने इसे जनता के साथ विश्वासघात बताया है।
दीपक बैज ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आरोप लगाया था कि सरकार ने विद्युत कंपनी के शेयर बेचने से संबंधित निर्णय लेने के बाद अब निजी कंपनियों को बिजली सप्लाई का ठेका देने की तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस ने दावा किया कि इससे आने वाले समय में उपभोक्ताओं पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। पार्टी की ओर से सरकार से बिजली व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग भी की गई।
CM बोले- रूटीन प्रक्रिया को निजीकरण से जोड़ना गलत
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष लोगों के बीच भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस सवाल उठा रही है, वह सामान्य और नियमित सुनवाई का हिस्सा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस सुनवाई का सीधा अर्थ बिजली व्यवस्था के निजीकरण से निकालना पूरी तरह गलत है। उन्होंने कांग्रेस पर तथ्यों के बजाय राजनीतिक दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया।
बिलासपुर हिंसा पर भी विपक्ष ने सरकार को घेरा
दूसरी ओर बिलासपुर के खपरगंज इलाके में हुए विवाद और उसके बाद भड़की हिंसा ने भी राज्य की राजनीति को गरमा दिया है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में दो पक्षों के बीच विवाद के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। घटना के दौरान पथराव, तोड़फोड़ और हिंसा की घटनाएं सामने आईं। कई वाहन, दुकानें और मकान क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन ने स्थिति संभालने के लिए तत्काल कदम उठाए।
भूपेश बघेल ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिलासपुर की घटना को लेकर राज्य सरकार और गृह विभाग की कार्यशैली पर निशाना साधा। उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि गृह मंत्री का अपना जिला ही पूरी तरह संभल नहीं पा रहा है, तो सरकार की कार्यक्षमता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कार्रवाई करने के बजाय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में उलझी हुई है।
साय ने कहा- व्यक्तिगत विवाद से बिगड़े थे हालात
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भूपेश बघेल के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि बिलासपुर में विवाद की शुरुआत दो लोगों के व्यक्तिगत झगड़े से हुई थी। इसके बाद स्थिति ने गंभीर रूप ले लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन और पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई की है। उनके मुताबिक, फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कानून-व्यवस्था सामान्य बनाए रखने के लिए प्रशासन लगातार नजर रख रहा है।
पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा, संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च
हिंसा के बाद पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया। हालात पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए पुलिस ने फ्लैग मार्च भी किया। कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों से जानकारी ली। पुलिस ने उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान के लिए सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से मिले फुटेज की जांच शुरू कर दी है।
आरोपियों पर गंभीर धाराओं में दर्ज हुए मामले
पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों से जुड़े नामजद आरोपियों के अलावा अन्य संदिग्ध लोगों के खिलाफ भी विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किए गए हैं। इनमें बलवा और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। संवेदनशील इलाकों में शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश भी लागू किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की नई घटना को रोकने के लिए निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था लगातार जारी रहेगी।
बिजली और कानून-व्यवस्था पर आगे भी जारी रहेगा विवाद
छत्तीसगढ़ में बिजली व्यवस्था और बिलासपुर हिंसा दोनों मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव फिलहाल खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। कांग्रेस जहां सरकार से बिजली व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर जवाब मांग रही है, वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक भ्रम और दुष्प्रचार बता रहे हैं। आने वाले दिनों में दोनों मुद्दों को लेकर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
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