Bemetara News : छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में आदिवासी महासम्मेलन के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और आदिवासी समाज के गौरव शहीद वीर नारायण सिंह को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। जिला स्तरीय इस आयोजन में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने शहीद वीर नारायण सिंह की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया और इसके बाद महासम्मेलन में शामिल होकर समाज के लोगों को संबोधित किया।
वीर नारायण सिंह की प्रतिमा का हुआ अनावरण
बेमेतरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा का लोकार्पण किया। प्रतिमा के अनावरण के साथ ही उपस्थित लोगों ने महान स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उनके संघर्ष, साहस और समाज के प्रति योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की बड़ी भागीदारी रही।
पारंपरिक संस्कृति और लोककला ने मोहा मन
कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित जिला स्तरीय आदिवासी महासम्मेलन में छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति की शानदार झलक देखने को मिली। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे समाज के लोगों ने पारंपरिक लोकनृत्य, गीत-संगीत और पारंपरिक वेशभूषा के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत किया। कार्यक्रम स्थल पर पूरे दिन उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
लोकनृत्य और वाद्ययंत्रों से गूंजा कार्यक्रम स्थल
पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर धुनों के बीच जब आदिवासी समाज के लोग लोकनृत्य करते हुए कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे तो वहां मौजूद लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। पारंपरिक नृत्य और संगीत ने समारोह को आकर्षक बना दिया। समाज के लोगों ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव का भी पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। इस दौरान आदिवासी समाज की एकजुटता, उत्साह और सांस्कृतिक गौरव साफ दिखाई दिया।
वीर नारायण सिंह के संघर्ष को किया याद
प्रतिमा के अनावरण के अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने शहीद वीर नारायण सिंह के जीवन और उनके संघर्ष को याद किया। उन्होंने कहा कि वीर नारायण सिंह छत्तीसगढ़ की धरती के ऐसे महान सपूत थे, जिन्होंने अंग्रेजी शासन के अत्याचार और शोषण के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाई। उनका जीवन देशभक्ति, त्याग, साहस और संघर्ष की मिसाल रहा है।
युवाओं के लिए प्रेरणा हैं महान स्वतंत्रता सेनानी
अरुण साव ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह का जीवन आज भी समाज और विशेष रूप से युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और समाज तथा देश के हित में अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को भी देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा देता रहेगा।
त्याग और साहस को किया नमन
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वीर नारायण सिंह का संघर्ष केवल स्वतंत्रता आंदोलन तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने गरीबों और वंचित लोगों के हितों के लिए भी आवाज उठाई। उनका जीवन सामाजिक न्याय, आत्मसम्मान और अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक रहा है। ऐसे महान व्यक्तित्व की प्रतिमा स्थापित होना नई पीढ़ी को उनके विचारों और आदर्शों से परिचित कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम भी उनके नाम पर
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में रायपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्टेडियम का नाम शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम रखा गया है। यह नामकरण महान स्वतंत्रता सेनानी के प्रति छत्तीसगढ़वासियों के सम्मान और श्रद्धा को दर्शाता है।
खेल के जरिए दुनिया तक पहुंचेगा नाम
अरुण साव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का नाम वीर नारायण सिंह के नाम पर होना केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह उनके सम्मान का प्रतीक है। देश-विदेश से आने वाले क्रिकेट खिलाड़ी और दर्शक इस नाम से परिचित होते हैं। इस तरह खेलों के माध्यम से भी शहीद वीर नारायण सिंह की पहचान और उनके योगदान की जानकारी व्यापक स्तर तक पहुंच रही है।
आदिवासी समाज की एकता का संदेश
बेमेतरा में आयोजित इस महासम्मेलन ने आदिवासी समाज की सांस्कृतिक एकता और गौरव को भी प्रदर्शित किया। अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने पारंपरिक कार्यक्रमों में भाग लेकर अपनी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत किया। आयोजन के दौरान समाज के लोगों में उत्साह और एकजुटता देखने को मिली। कार्यक्रम ने नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का संदेश भी दिया।
सम्मान और विरासत को आगे बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम के माध्यम से शहीद वीर नारायण सिंह के योगदान को याद करने के साथ उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया। उनके आदर्शों में साहस, त्याग, देशप्रेम और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता प्रमुख रही। ऐसे आयोजनों के जरिए उनके विचारों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। बेमेतरा का यह महासम्मेलन आदिवासी संस्कृति, एकता और वीर नारायण सिंह के प्रति सम्मान का महत्वपूर्ण अवसर बनकर सामने आया।
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