Ratanpur Mahamaya Temple : बिलासपुर जिले के रतनपुर में रक्षाबंधन की रात दो समुदायों के बीच हुई घटना का मामला अभी पूरी तरह शांत नहीं हुआ था कि महामाया नगरी में एक और विरोध प्रदर्शन सामने आ गया। मंदिर परिसर में हुई कथित मारपीट की घटना को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा और व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठाई।
मंदिर परिसर में महिला से मारपीट का मामला
विरोध प्रदर्शन की वजह 22 अगस्त को मंदिर परिसर में दुकान लगाने वाली एक महिला और कुछ लोगों के बीच हुआ विवाद बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, विवाद के दौरान मारपीट की स्थिति बन गई थी। घटना के बाद हिंदू संगठनों ने मामले को गंभीर बताते हुए कार्रवाई की मांग की। इसी सिलसिले में कार्यकर्ताओं ने रतनपुर में रैली निकाली और मंदिर ट्रस्ट के सामने अपनी आपत्तियां रखीं।
VHP और बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने निकाली रैली
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में VHP और बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ता शामिल हुए। रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने मंदिर परिसर में सुरक्षा और अनुशासन से जुड़े मुद्दे उठाए। संगठन की ओर से कहा गया कि धार्मिक स्थल की गरिमा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा बनाए रखना प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
मंदिर क्षेत्र की व्यवस्था पर उठाए सवाल
हिंदू संगठन से जुड़े दुर्गेश ने आरोप लगाया कि रतनपुर मां भगवती की धार्मिक नगरी है और यहां लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिनसे मंदिर क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसी मुद्दे को लेकर कार्यकर्ता एकजुट हुए हैं। संगठन की ओर से मंदिर समिति के पदाधिकारियों को ज्ञापन देकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई।
प्रवेश और दुकानों की व्यवस्था को लेकर मांग
प्रदर्शनकारियों ने मंदिर क्षेत्र में प्रवेश और दुकान आवंटन से जुड़ी व्यवस्था को लेकर भी अपनी मांगें रखीं। संगठन के प्रतिनिधियों का कहना था कि मंदिर परिसर में आने वाले लोगों और वहां व्यवसाय करने वालों के लिए स्पष्ट नियम होने चाहिए। हालांकि, इस दौरान लगाए गए कुछ आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की कार्रवाई के बाद ही स्थिति को लेकर पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
ट्रस्ट अध्यक्ष को सौंपा गया ज्ञापन
रैली और प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने महामाया मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष को आवेदन सौंपा। इसमें कथित घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने मंदिर परिसर की व्यवस्था, सुरक्षा और भविष्य में विवाद की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग भी रखी।
ट्रस्ट ने कार्रवाई का दिया भरोसा
महामाया मंदिर ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी अरुण शर्मा ने बताया कि हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि अपनी मांगों को लेकर ट्रस्ट के पास आए थे। उन्होंने कहा कि इन मांगों से संबंधित नोटिस पहले भी दिया जा चुका है। ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत चार दिन बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत होगी कार्रवाई
ट्रस्ट प्रबंधन ने संकेत दिया कि मामले में कार्रवाई नियमों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की जाएगी। मंदिर परिसर में किसी भी विवाद की स्थिति पैदा न हो, इसके लिए प्रबंधन की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वहीं प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर आगे भी आवाज उठाते रहेंगे।
दोबारा घटना पर आंदोलन की चेतावनी
VHP और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में मंदिर परिसर में ऐसी घटना दोबारा सामने आती है, तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है। फिलहाल मामले में ट्रस्ट और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
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