Chhattisgarh Critical Minerals: खनिजों में आत्मनिर्भरता बदलेगी राज्य का भविष्य, CM साय बोले- सोने से भी कीमती

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि खनिजों में आत्मनिर्भरता छत्तीसगढ़ के भविष्य को नई दिशा दे सकती है। उन्होंने क्रिटिकल मिनरल्स के बढ़ते महत्व पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिक अर्थव्यवस्था और तकनीक के दौर में इन संसाधनों की भूमिका बेहद अहम हो गई है। राज्य के खनिज संसाधन विकास का आधार बन सकते हैं।

Chhattisgarh Critical Minerals:  रायपुर में क्रिटिकल और स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी को लेकर आयोजित रोड शो में खनन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू सहित खनन विशेषज्ञ, अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए। आयोजन का उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, खनन, प्रसंस्करण और उनसे जुड़े उद्योगों में निवेश को बढ़ावा देना रहा।

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आधुनिक अर्थव्यवस्था में बढ़ा क्रिटिकल मिनरल्स का महत्व

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि तकनीक के तेजी से बदलते दौर में क्रिटिकल मिनरल्स का महत्व लगातार बढ़ रहा है। आधुनिक उद्योग, रक्षा उपकरण, इलेक्ट्रिक वाहन, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में इन खनिजों की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के पांच क्रिटिकल मिनरल ब्लॉक्स राज्य को औद्योगिक विकास के नए अवसर दे सकते हैं। रोड शो में नीलामी प्रक्रिया, निवेश की संभावनाओं और खनिज सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर उद्योग प्रतिनिधियों को जानकारी दी गई।

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20 महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉक्स नीलामी में शामिल

क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की नीलामी की आठवीं किश्त में कुल 20 ब्लॉक्स रखे गए हैं। इनमें तीन माइनिंग लीज और 17 कंपोजिट लाइसेंस ब्लॉक्स शामिल हैं। इन ब्लॉक्स में ग्रेफाइट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स, रेयर मेटल्स, वैनेडियम, गैलियम, टाइटेनियम, मोलिब्डेनम और टंगस्टन जैसे महत्वपूर्ण खनिज मौजूद हैं। इनका उपयोग भविष्य की तकनीकों, रक्षा क्षेत्र, ऊर्जा और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सहित कई अहम क्षेत्रों में होता है।

Chhattisgarh CM Vishnudev Sai

खनिज आत्मनिर्भरता को जरूरी बता रहे केंद्र सरकार

केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि भारत अभी भी कई महत्वपूर्ण खनिजों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर है। वैश्विक परिस्थितियों में आपूर्ति बाधित होने या दूसरे देशों द्वारा टैक्स और रॉयल्टी बढ़ाए जाने जैसी परिस्थितियां भारत के लिए चुनौती बन सकती हैं। इसलिए घरेलू संसाधनों की खोज और खनन को तेज करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

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सुई से लेकर जहाज तक खनिजों की जरूरत

सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि आज भारत में सुई से लेकर जहाज तक अनेक उत्पाद बनाए जा रहे हैं और इनके निर्माण में खनिज संसाधनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सड़क पर चलने वाले वाहन, ई-रिक्शा, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और आधुनिक तकनीक से जुड़े उत्पाद सभी किसी न किसी रूप में क्रिटिकल मिनरल्स पर निर्भर हैं। ऐसे में भविष्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए इन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है।

बदली टेंडर व्यवस्था से युवाओं को अवसर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पहले खनन और अन्वेषण से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया में नए लोगों और युवाओं के लिए कई कठिनाइयां थीं। अब व्यवस्था में बदलाव किया गया है, जिससे युवा समूह बनाकर इस क्षेत्र में भागीदारी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए युवाओं को खनन, अन्वेषण और इससे जुड़े उद्योगों में अवसर देना जरूरी है।

mineral blocks auction

खनन के बाद जमीन के पुन: उपयोग पर जोर

सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि पहले कई स्थानों पर खनन पूरा होने के बाद जमीन को उसके हाल पर छोड़ दिया जाता था। अब सरकार का जोर खनन के बाद भूमि को दोबारा उपयोग योग्य बनाने पर है। उन्होंने कहा कि खनिजों का दोहन करते हुए स्थानीय समुदायों के हितों को भी ध्यान में रखना होगा। खनन प्रभावित क्षेत्रों को विकास से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का उदाहरण ब्रह्मोस

केंद्रीय मंत्री ने भारत की रक्षा क्षेत्र में बढ़ती आत्मनिर्भरता का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले देश को हथियारों के लिए विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब भारत ब्रह्मोस जैसी आधुनिक मिसाइलें तैयार कर रहा है और कई देश भारतीय रक्षा उपकरणों में रुचि दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। रक्षा क्षेत्र की इस क्षमता को आगे बढ़ाने के लिए स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की घरेलू उपलब्धता भी जरूरी है।

प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाते हैं मुद्दा

सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेशी नेताओं के साथ बातचीत और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर क्रिटिकल मिनरल्स के विषय को लगातार प्रमुखता देते हैं। उन्होंने बताया कि कई महत्वपूर्ण खनिजों के लिए भारत की बाहरी निर्भरता अभी भी काफी अधिक है। इस निर्भरता को कम करने के लिए खोज, खनन, प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन की पूरी व्यवस्था देश में विकसित करनी होगी।

Satish Chandra Dubey

छत्तीसगढ़ में रोड शो का आयोजन गौरव की बात

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी की आठवीं किश्त के रोड शो के लिए छत्तीसगढ़ को चुना जाना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने केंद्र सरकार और खान मंत्रालय के प्रति आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया के कई देश अब महत्वपूर्ण खनिजों को अपनी आर्थिक और रणनीतिक सुरक्षा का आधार मान रहे हैं। ऐसे में भारत के लिए इन संसाधनों में आत्मनिर्भर होना बेहद जरूरी है।

नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन से नई दिशा

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन के माध्यम से खनिजों की खोज और प्रसंस्करण को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि केवल खनिज निकालना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनसे जुड़े उद्योगों और वैल्यू एडिशन को भी देश में बढ़ावा देना होगा। इससे रोजगार, निवेश और औद्योगिक विकास के नए अवसर तैयार होंगे।

रक्षा उद्योग को स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की जरूरत

सीएम साय ने कहा कि देश का रक्षा उद्योग तेजी से विस्तार कर रहा है और आधुनिक हथियारों के निर्माण में कई स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की आवश्यकता होती है। ऐसे में रक्षा उत्पादन बढ़ाने के साथ खनिज संसाधनों की घरेलू उपलब्धता भी मजबूत करनी होगी। उन्होंने कहा कि क्रिटिकल मिनरल्स की आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होने से देश की रणनीतिक क्षमता और आर्थिक सुरक्षा दोनों को मजबूती मिलेगी।

एआई और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए जरूरी संसाधन

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, डिजिटल टेक्नोलॉजी और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग के दौर में प्रवेश कर चुका है। इन क्षेत्रों में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों और तकनीकों के लिए कई महत्वपूर्ण खनिज जरूरी होते हैं। इसलिए आने वाले समय में क्रिटिकल मिनरल्स की मांग और बढ़ने की संभावना है। छत्तीसगढ़ अपने संसाधनों के माध्यम से इस बदलाव में अहम भूमिका निभा सकता है।

छत्तीसगढ़ के पांच ब्लॉक्स निवेशकों के लिए अवसर

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के पांच क्रिटिकल मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने उद्योग जगत और निवेशकों से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की। उनके अनुसार यह केवल खनन क्षेत्र में निवेश का अवसर नहीं है, बल्कि इससे प्रदेश में नए उद्योग, रोजगार और आधुनिक तकनीक आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।

सोने-चांदी से आगे बढ़ा महत्वपूर्ण खनिजों का महत्व

सीएम साय ने कहा कि आज के तकनीकी युग में क्रिटिकल मिनरल्स कई मामलों में पारंपरिक कीमती धातुओं से भी अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं। लिथियम जैसे संसाधन इलेक्ट्रिक वाहनों और ऊर्जा भंडारण जैसी तकनीकों के लिए अहम हैं। उन्होंने कहा कि जिन देशों के पास महत्वपूर्ण खनिजों के पर्याप्त भंडार हैं, वे वैश्विक सप्लाई चेन में मजबूत स्थिति हासिल कर सकते हैं। इसलिए छत्तीसगढ़ के संसाधन राज्य के लिए बड़े आर्थिक अवसर पैदा कर सकते हैं।

एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और वैल्यू एडिशन पर जोर

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल खनिज उत्पादन बढ़ाना नहीं है। सरकार खनिज आधारित उद्योगों, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, नवाचार और वैल्यू एडिशन को भी प्रोत्साहित कर रही है। कच्चे माल के स्रोत के करीब उद्योग स्थापित होने से परिवहन लागत घट सकती है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा मिल सकता है। इससे प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होने की उम्मीद है।

नवा रायपुर से राजनांदगांव तक बन रहा औद्योगिक इकोसिस्टम

सीएम साय ने बताया कि नवा रायपुर में एआई आधारित डेटा सेंटर पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। राजनांदगांव में भी इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर की दिशा में काम हो रहा है। इन उद्योगों को क्रिटिकल मिनरल्स की जरूरत होगी। ऐसे में राज्य में खनिज संसाधनों की उपलब्धता स्थानीय उद्योगों और निवेशकों के लिए प्रतिस्पर्धात्मक लाभ बन सकती है।

CM Sai in Mineral Blocks Auction Program

निवेशकों के लिए आसान हुई एनओसी प्रक्रिया

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से निवेशकों के लिए विभिन्न अनुमतियों और एनओसी की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। सरकार पूंजी निवेश सहायता, स्टांप शुल्क और बिजली शुल्क में छूट तथा ब्याज और रोजगार आधारित प्रोत्साहन जैसी सुविधाएं भी दे रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि निवेशकों को उद्योग स्थापित करने में कम से कम प्रशासनिक बाधाओं का सामना करना पड़े।

डीएमएफटी से खनन प्रभावित क्षेत्रों का विकास

सीएम साय ने बताया कि डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट यानी डीएमएफटी की राशि का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए किया जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों को इस फंड से गति मिल रही है। सरकार का उद्देश्य खनन गतिविधियों से प्रभावित स्थानीय लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।

क्रिटिकल मिनरल्स से छत्तीसगढ़ के विकास को नई दिशा

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों से समृद्ध प्रदेश है और आने वाले वर्षों में क्रिटिकल मिनरल्स राज्य की औद्योगिक तथा आर्थिक प्रगति में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। खनिजों की खोज से लेकर खनन, प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन तक पूरी श्रृंखला विकसित होने पर प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। रायपुर का यह रोड शो इसी दिशा में केंद्र, राज्य और उद्योग जगत के बीच सहयोग को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।

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