Shalini Pandey Deepfake: बॉलीवुड अभिनेत्री शालिनी पांडे इन दिनों एक गंभीर साइबर अपराध का सामना कर रही हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनका एक कथित AI-जनरेटेड डीपफेक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद अभिनेत्री को खुद सामने आकर सफाई देनी पड़ी। शालिनी ने साफ शब्दों में कहा कि वायरल वीडियो नकली है और उसमें दिखाई देने वाली महिला वह नहीं हैं। उन्होंने इंटरनेट यूजर्स से अपील की कि इस तरह की भ्रामक सामग्री को आगे बढ़ाने के बजाय तुरंत रिपोर्ट करें।
शालिनी पांडे ने फर्जी वीडियो पर दी सफाई
शालिनी पांडे ने सोमवार को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने बयान में स्पष्ट किया कि उनके नाम और पहचान का इस्तेमाल करके एक पूरी तरह मनगढ़ंत वीडियो प्रसारित किया जा रहा है। अभिनेत्री ने कहा कि उनका इस वीडियो से किसी भी तरह का संबंध नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वीडियो को सच मानकर उस पर विश्वास न करें और न ही इसे किसी दूसरे व्यक्ति तक पहुंचाएं।
AI के गलत इस्तेमाल पर अभिनेत्री ने जताई चिंता
अभिनेत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीक के दुरुपयोग को बेहद चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने, उसकी प्रतिष्ठा प्रभावित करने या विशेष रूप से महिलाओं को निशाना बनाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जाना बेहद परेशान करने वाला है। उनके मुताबिक, ऐसे मामलों को सामान्य घटना समझकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। तकनीक का उपयोग जिम्मेदारी और सावधानी के साथ होना जरूरी है।
यूजर्स से वीडियो शेयर नहीं करने की अपील
शालिनी ने अपने प्रशंसकों और सोशल मीडिया यूजर्स से खास अपील की कि यदि उन्हें यह फर्जी वीडियो दिखाई देता है, तो वे उसे डाउनलोड, शेयर या फॉरवर्ड न करें। उन्होंने लोगों से वीडियो पर प्रतिक्रिया देने से भी बचने को कहा। अभिनेत्री ने सलाह दी कि ऐसे आपत्तिजनक कंटेंट को तुरंत संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट किया जाना चाहिए, ताकि उसकी पहुंच को सीमित किया जा सके और गलत सूचना को फैलने से रोका जा सके।
फैंस ने अभिनेत्री का किया समर्थन
शालिनी के बयान के बाद उनके प्रशंसकों और सोशल मीडिया यूजर्स ने उनका समर्थन किया। कई लोगों ने AI डीपफेक के बढ़ते खतरे पर चिंता जताई। कुछ यूजर्स ने स्वीकार किया कि वीडियो पहली नजर में वास्तविक प्रतीत हो सकता है, लेकिन बाद में इसकी सच्चाई सामने आई। वहीं, कई लोगों ने कहा कि AI तकनीक का सकारात्मक इस्तेमाल महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके गलत उपयोग से खासकर महिलाओं और सार्वजनिक हस्तियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं।
कई सितारे पहले भी बने डीपफेक के शिकार
शालिनी पांडे इस तरह के फर्जी AI कंटेंट का सामना करने वाली पहली अभिनेत्री नहीं हैं। इससे पहले रश्मिका मंदाना, आलिया भट्ट, दीपिका पादुकोण और कैटरीना कैफ जैसी अभिनेत्रियों से जुड़े फर्जी वीडियो या तस्वीरें भी इंटरनेट पर वायरल हो चुके हैं। इसके अलावा आमिर खान, रणवीर सिंह और क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर भी डीपफेक या AI से तैयार की गई भ्रामक सामग्री के मामलों में चर्चा में रहे हैं। इन घटनाओं ने डिजिटल सुरक्षा और ऑनलाइन पहचान की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
2017 में ‘अर्जुन रेड्डी’ से शुरू हुआ फिल्मी सफर
शालिनी पांडे ने साल 2017 में तेलुगु फिल्म ‘अर्जुन रेड्डी’ से अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। फिल्म में वह विजय देवरकोंडा के साथ नजर आई थीं और उनके अभिनय को दर्शकों ने काफी पसंद किया। फिल्म की सफलता के बाद शालिनी ने दक्षिण भारतीय सिनेमा के साथ हिंदी फिल्मों में भी काम किया। उन्होंने अलग-अलग भाषाओं के प्रोजेक्ट्स में अपनी अभिनय क्षमता का प्रदर्शन किया।
कई फिल्मों और डिजिटल प्रोजेक्ट्स में आईं नजर
शालिनी पांडे के करियर में ‘महानटी’, ‘118’, ‘100% काधल’, ‘जयेशभाई जोरदार’ और ‘महाराज’ जैसी फिल्में शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी काम किया है। हाल के समय में वह ‘डब्बा कार्टेल’ जैसी डिजिटल सीरीज और ‘राहु केतु’ फिल्म में नजर आईं, जिसमें वरुण शर्मा, पुलकित सम्राट और चंकी पांडे जैसे कलाकार भी शामिल रहे।
डीपफेक के खिलाफ जागरूकता जरूरी
शालिनी पांडे का मामला एक बार फिर दिखाता है कि AI तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ डिजिटल सुरक्षा को लेकर जागरूक रहना कितना जरूरी हो गया है। किसी भी वायरल वीडियो या तस्वीर को बिना सत्यापन के सही मानना नुकसानदायक हो सकता है। खासकर सेलिब्रिटी से जुड़ी सनसनीखेज सामग्री को साझा करने से पहले उसकी प्रामाणिकता जांचना जरूरी है। ऐसे फर्जी कंटेंट की रिपोर्टिंग और जिम्मेदार सोशल मीडिया व्यवहार इसके प्रसार को रोकने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
Read More : Panjab University Election 2026 : पंजाब यूनिवर्सिटी चुनाव में ABVP की बड़ी जीत, अंकित बिधान अध्यक्ष पद पर विजयी