PM Modi Putin Friendship: किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात ने एक बार फिर दोनों नेताओं के बीच मजबूत व्यक्तिगत संबंधों की झलक दिखाई। द्विपक्षीय बैठक के बाद दोनों नेता छठे विश्व नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए एक ही कार से रवाना हुए। दोनों नेताओं का इस तरह साथ जाना चर्चा का विषय बना और भारत-रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों की तस्वीर सामने आई।
द्विपक्षीय बैठक के बाद साथ निकले दोनों नेता
पीएम मोदी और पुतिन के बीच बिश्केक में करीब 30 मिनट तक द्विपक्षीय बातचीत हुई। बैठक के बाद दोनों नेता नोमैड गेम्स के कार्यक्रम के लिए एक साथ रवाना हुए। इस दौरान दोनों के बीच सहज और आत्मीय अंदाज देखने को मिला। दोनों नेताओं की इस मुलाकात को भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
पिछले साल भी एक कार में नजर आए थे मोदी-पुतिन
मोदी और पुतिन के बीच एक कार में साथ यात्रा करने का यह पहला मौका नहीं है। पिछले साल दिसंबर में जब रूसी राष्ट्रपति भारत दौरे पर आए थे, तब भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने व्यक्तिगत रूप से उनका स्वागत किया था। एयरपोर्ट से पुतिन को रिसीव करने के बाद पीएम मोदी उन्हें अपनी सफेद फॉर्च्यूनर में बैठाकर आवास तक लेकर गए थे। उस समय भी दोनों नेताओं की यह तस्वीर काफी चर्चा में रही थी।
मोदी ने भारत-रूस सहयोग को लेकर कही बड़ी बात
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और रूस के बीच बढ़ते सहयोग पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष पुतिन की भारत यात्रा बेहद सफल और यादगार रही थी। पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों देश अपने नागरिकों के कल्याण के लिए मिलकर काम कर रहे हैं और राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देना दोनों पक्षों का साझा दृष्टिकोण है।
पुतिन ने भी मोदी के प्रयासों की सराहना की
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत-रूस संबंधों को लेकर सकारात्मक रुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी के भारत-रूस संबंधों पर विशेष ध्यान देने की सराहना की। उन्होंने दोनों देशों के बीच विकसित व्यापारिक और मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत बनाने में पीएम मोदी की भूमिका के लिए आभार भी व्यक्त किया।
रक्षा और ऊर्जा सहयोग पर हो सकती है चर्चा
बैठक से पहले अधिकारियों ने संकेत दिया था कि दोनों नेताओं के बीच भारत-रूस सहयोग के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर बातचीत हो सकती है। इनमें रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और निवेश जैसे पारंपरिक क्षेत्र प्रमुख हैं। दोनों देशों के बीच इन क्षेत्रों में लंबे समय से सहयोग जारी है और शीर्ष नेतृत्व की बैठक में भविष्य के सहयोग की दिशा पर भी चर्चा होने की संभावना थी।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी बातचीत की उम्मीद
मोदी और पुतिन की बैठक ऐसे समय हुई जब रूस-यूक्रेन संघर्ष लगातार वैश्विक चिंता का विषय बना हुआ है। माना जा रहा था कि दोनों नेता युद्ध और उससे जुड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर भी विचार साझा कर सकते हैं। भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के माध्यम से संघर्ष के समाधान की जरूरत पर जोर देता रहा है। ऐसे में दोनों नेताओं के बीच इस मुद्दे पर चर्चा को खास महत्व दिया जा रहा है।
पश्चिम एशिया संकट भी एजेंडे में रहा
भारत और रूस के बीच बातचीत में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति भी महत्वपूर्ण विषयों में शामिल हो सकती है। क्षेत्र में जारी तनाव का असर वैश्विक राजनीति, ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार पर पड़ रहा है। ऐसे में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श को व्यापक रणनीतिक संदर्भ में देखा जा रहा है।
नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में हुए शामिल
द्विपक्षीय बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन छठे विश्व नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। एक ही कार से कार्यक्रम स्थल की ओर रवाना होने की तस्वीरों ने दोनों नेताओं की दोस्ती को लेकर चर्चाओं को फिर हवा दे दी। राजनीतिक और कूटनीतिक संबंधों के साथ दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत तालमेल भी भारत-रूस रिश्तों की खास पहचान माना जाता है।
भारत-रूस रिश्तों की मजबूत तस्वीर फिर सामने आई
बिश्केक में हुई यह मुलाकात केवल औपचारिक कूटनीतिक बैठक तक सीमित नहीं रही। करीब 30 मिनट की बातचीत, एक साथ कार्यक्रम के लिए रवाना होना और दोनों नेताओं के गर्मजोशी भरे बयानों ने भारत-रूस संबंधों की मजबूती को रेखांकित किया। आने वाले समय में रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, निवेश और वैश्विक मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में यह संवाद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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