Mehbooba Mufti on BJP: पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने देश में महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा और गंभीर अपराधों के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता जताई है। सोमवार, 31 अगस्त को उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया कि देश में महिलाओं की सुरक्षा की तुलना में गोरक्षा के मुद्दे को अधिक महत्व दिया जा रहा है।
गोरक्षा और महिला सुरक्षा को लेकर किया सवाल
महबूबा मुफ्ती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखे अपने पोस्ट में कहा कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में गोरक्षा को महिलाओं की सुरक्षा से ज्यादा प्राथमिकता मिलती दिखाई दे रही है। उन्होंने गोवध के संदेह में भीड़ द्वारा लोगों की हत्या किए जाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए महिलाओं के खिलाफ दुष्कर्म और यौन हिंसा के मामलों पर भी सवाल उठाए।
दुष्कर्म के आरोपियों को लेकर जताई नाराजगी
PDP प्रमुख ने अपने बयान में दुष्कर्म के दोषियों को मिलने वाली पैरोल और कथित संरक्षण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को यौन हिंसा और बर्बरता से बचाने के मामले में सख्ती दिखाई जानी चाहिए। उनके मुताबिक, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना किसी भी समाज और सरकार की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल होना चाहिए।
महिला सुरक्षा में संसाधन लगाने की अपील
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि यदि गोरक्षा के लिए दिखाई जाने वाली ऊर्जा और प्राथमिकता का एक हिस्सा भी महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में लगाया जाए, तो देश में महिलाओं के लिए स्थिति बेहतर हो सकती है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि ऐसी कोशिशों से हर बेटी, बहन और मां के लिए भारत को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है।
किश्तवाड़ की घटना का भी किया जिक्र
महबूबा मुफ्ती ने अपने बयान में जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में सामने आई एक स्कूली छात्रा से दुष्कर्म और हत्या की घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने इससे पहले सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस वारदात पर गहरा दुख व्यक्त किया था। उन्होंने कहा था कि किश्तवाड़ के छत्रु इलाके में छात्रा के साथ हुई घटना को महिलाओं के खिलाफ अपराध की एक सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
घटना को समाज की अंतरात्मा पर गहरा घाव बताया
पूर्व मुख्यमंत्री ने किश्तवाड़ की घटना को समाज की अंतरात्मा पर गंभीर चोट बताया था। उनका कहना था कि महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ होने वाली हिंसा केवल किसी एक परिवार या व्यक्ति को प्रभावित नहीं करती, बल्कि इसका असर पूरे समाज पर पड़ता है। उन्होंने ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
महिलाओं की सुरक्षा पर राजनीतिक बहस तेज
महबूबा मुफ्ती के ताजा बयान के बाद महिलाओं की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और राजनीतिक प्राथमिकताओं को लेकर बहस फिर तेज होने की संभावना है। उनके बयान में गोरक्षा और महिला सुरक्षा के मुद्दों की तुलना किए जाने से राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आ सकती है। उन्होंने महिलाओं के खिलाफ अपराधों को गंभीर सामाजिक चुनौती बताते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर अधिक ध्यान देने की मांग की है।
महिला अपराधों पर सख्त कार्रवाई की जरूरत
महिलाओं के खिलाफ दुष्कर्म, यौन हिंसा और हत्या जैसी घटनाएं समाज में सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। ऐसे मामलों में पीड़ितों को त्वरित सहायता, निष्पक्ष जांच और समयबद्ध न्याय मिलना महत्वपूर्ण माना जाता है। महबूबा मुफ्ती का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए सरकार और समाज दोनों स्तरों पर प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
बयान से फिर गरमाया राजनीतिक मुद्दा
महबूबा मुफ्ती का बयान ऐसे समय आया है जब महिलाओं के खिलाफ अपराध और उनकी सुरक्षा लगातार सार्वजनिक चर्चा का विषय बने हुए हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक रुख के अनुरूप केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधते हुए महिला सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। उनके बयान ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और राजनीतिक प्राथमिकताओं के बीच संबंध को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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