Abhishek Banerjee Office: कोलकाता की कैमक स्ट्रीट स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय में दमकल विभाग की टीम के पहुंचने को लेकर बीजेपी नेता दिलीप घोष ने राज्य की पुरानी व्यवस्था पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम उनके लिए कोई असामान्य बात नहीं है। घोष के मुताबिक, बंगाल में लंबे समय तक एक परिवार का प्रभाव रहा और इसी दौरान कई नियम-कायदों की अनदेखी की गई।
नियमों की अनदेखी पर दिलीप घोष का हमला
दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि पहले अदालत, पुलिस और प्रशासन से जुड़े नियमों को भी गंभीरता से नहीं लिया जाता था। उन्होंने कहा कि अब अगर किसी मामले में जवाबदेही तय की जा रही है तो संबंधित लोगों को उसका हिसाब देना होगा। उनके अनुसार, शासन-प्रशासन में नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है और पुरानी कार्यशैली में बदलाव होना चाहिए।
अभिषेक बनर्जी की शिक्षा पर भी प्रतिक्रिया
अभिषेक बनर्जी की शैक्षणिक योग्यता को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के सवाल पर घोष ने कहा कि इंटरनेट पर तरह-तरह के दावे सामने आते रहते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इन दावों की वास्तविकता की जानकारी नहीं है। घोष ने यह भी कहा कि यदि कोई जनप्रतिनिधि गलत जानकारी देकर लोगों को गुमराह करता है तो संबंधित व्यक्ति अदालत का रुख कर सकता है।
सोशल मीडिया बहस के बजाय कानूनी रास्ते की सलाह
बीजेपी नेता ने कहा कि आरोपों और दावों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस करने के बजाय कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेना अधिक उचित है। उनके मुताबिक, किसी भी गंभीर आरोप की सच्चाई तय करने के लिए उचित मंच अदालत है। इस तरह उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को लेकर सावधानी बरतने की बात कही।
शहर में गंदगी पर जुर्माने का किया समर्थन
शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर कानून के तहत जुर्माना लगाने के फैसले का दिलीप घोष ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ऐसा कदम काफी पहले उठाया जाना चाहिए था। उनके अनुसार, स्वच्छ शहर बनाना केवल सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि नागरिकों को भी अपनी भूमिका निभानी होगी।
इंदौर मॉडल का दिया उदाहरण
दिलीप घोष ने सफाई व्यवस्था के लिए इंदौर का उदाहरण देते हुए कहा कि वह अधिकारियों के साथ वहां की व्यवस्था देख चुके हैं। उनके मुताबिक, इंदौर में कचरा संग्रहण, अलग-अलग श्रेणियों में छंटाई और उसके प्रसंस्करण पर व्यवस्थित तरीके से काम किया जाता है। उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक करने के साथ नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना और कार्रवाई भी जरूरी है।
पंचायतों में कचरा प्रबंधन पर सवाल
पंचायत क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था को लेकर घोष ने दावा किया कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए पंचायतों को बड़ी राशि उपलब्ध कराई गई, लेकिन कई स्थानों पर इसका अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं देता। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कचरा प्रसंस्करण संयंत्र बंद पड़े हैं, जबकि कई जगह योजनाएं शुरू होने के बाद भी प्रभावी तरीके से संचालित नहीं हो सकीं।
ई-वाहनों के इस्तेमाल पर भी उठाए सवाल
घोष ने कहा कि कचरा संग्रहण के लिए खरीदे गए कई ई-वाहन इस्तेमाल नहीं हो रहे हैं। कुछ वाहनों की बैटरियां खराब होने की बात भी उन्होंने कही। उन्होंने बताया कि अब ऐसी योजनाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया जा रहा है, ताकि सरकारी संसाधनों का सही इस्तेमाल सुनिश्चित किया जा सके।
मॉडल वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट की तैयारी
दिलीप घोष ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में मॉडल परियोजनाएं शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत पंचायतों से एकत्र कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाएगा और फिर वैज्ञानिक तरीके से उसका प्रसंस्करण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था में कुछ कंपनियों को भी जोड़ने की कोशिश हो रही है।
पंचायतों में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच
पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर घोष ने कहा कि जानकारी जुटाने और योजनाओं की वास्तविक स्थिति समझने का काम जारी है। उन्होंने बताया कि अलग-अलग जिलों का दौरा कर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली जा रही है। उनका कहना है कि उपलब्ध सरकारी धन का बेहतर इस्तेमाल होना चाहिए और किसी भी तरह की बर्बादी रोकना जरूरी है।
राजनीति में नीति को बताया सबसे महत्वपूर्ण
बंगाल की राजनीति में नेता बड़ा है या नीति, इस सवाल पर दिलीप घोष ने कहा कि राजनीति में व्यक्ति से ज्यादा नीति महत्वपूर्ण होती है। नेताओं का कार्यकाल बदल सकता है, लेकिन नीतियों का असर लंबे समय तक रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में लंबे समय तक नियमों की जगह भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला।
GDP और विकास को लेकर भी रखी राय
देश की आर्थिक वृद्धि और GDP के आंकड़ों पर प्रधानमंत्री के विकास संदेश को लेकर घोष ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती देना और विकास की रफ्तार बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से जमीन पर लागू करने तथा सरकारी संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दिया।
राहुल गांधी के विरोध मामले में कार्रवाई की मांग
सरकारी कार्यालय में राहुल गांधी के विरोध से जुड़े मामले पर भी दिलीप घोष ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में निर्धारित नियमों का पालन होना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति ने कानून का उल्लंघन किया है तो प्रशासन को मामले की जांच कर नियमों के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
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