Indore DCP Sunil Mehta VRS : मध्य प्रदेश सरकार ने इंदौर पुलिस कमिश्नरेट के जोन-4 में DCP के पद पर रहे IPS अधिकारी सुनील कुमार मेहता के स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी VRS आवेदन को मंजूरी दे दी है। गृह विभाग ने 31 अगस्त 2026 को इस संबंध में आदेश जारी किया। आदेश के मुताबिक उनकी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति भी इसी तारीख से प्रभावी मानी गई है। मेहता ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए समय से पहले पुलिस सेवा से अलग होने का निर्णय लिया था।
1 जून को दिया था VRS का आवेदन
सुनील मेहता ने करीब तीन महीने पहले, 1 जून 2026 को राज्य शासन को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन दिया था। अपने आवेदन में उन्होंने 31 अगस्त से सेवा से मुक्त किए जाने का अनुरोध किया था। गृह विभाग ने उनके आवेदन और संबंधित औपचारिकताओं की समीक्षा के बाद अखिल भारतीय सेवा से जुड़े नियमों के तहत VRS को मंजूरी प्रदान कर दी।
परिवार के साथ समय बिताने का फैसला
VRS लेने के कारणों को लेकर सुनील मेहता ने स्पष्ट किया है कि वह अब अपने परिवार के साथ अधिक समय बिताना चाहते हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि पारिवारिक वजहों से उन्होंने सेवा छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने VRS के पीछे किसी अन्य कारण की बात से इनकार किया है। उनके बयान के मुताबिक, यह फैसला व्यक्तिगत और पारिवारिक प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
सेवा में करीब साढ़े चार साल बाकी थे
सुनील मेहता की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ऐसे समय हुई है, जब उनकी नौकरी में करीब साढ़े चार साल का समय बाकी था। उन्होंने खुद बातचीत में इस अवधि की जानकारी दी है। ऐसे में उन्होंने निर्धारित सेवानिवृत्ति आयु तक सेवा जारी रखने के बजाय समय से पहले पुलिस विभाग से अलग होने का विकल्प चुना। यह निर्णय उनके करियर के अंतिम चरण में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
1996 बैच के राज्य पुलिस सेवा अधिकारी
सुनील कुमार मेहता मूल रूप से 1996 बैच के राज्य पुलिस सेवा अधिकारी रहे हैं। बाद में उन्हें पदोन्नति के जरिए भारतीय पुलिस सेवा यानी IPS में शामिल किया गया। वह 2016 बैच के प्रमोटी IPS अधिकारी बने। IPS में आने के बाद उन्होंने मध्य प्रदेश पुलिस में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं और अलग-अलग जिलों में पुलिस प्रशासन का अनुभव हासिल किया।
इंदौर ग्रामीण और सिवनी में संभाली जिम्मेदारी
IPS बनने के बाद सुनील मेहता ने इंदौर ग्रामीण में पुलिस अधीक्षक यानी SP के तौर पर काम किया। इसके बाद उन्होंने सिवनी के पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी भी संभाली। विभिन्न पदों पर रहते हुए उन्हें कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशासन से जुड़े मामलों में काम करने का अनुभव मिला। उनके लंबे पुलिस करियर के दौरान कई अहम जिम्मेदारियां उनके पास रहीं।
मई में बने थे जोन-4 के DCP
सुनील मेहता को मई 2026 में इंदौर पुलिस कमिश्नरेट के जोन-4 का DCP नियुक्त किया गया था। उन्होंने 8 मई को इस पद का कार्यभार संभाला था। पदभार ग्रहण करने के दौरान उन्होंने अपराधों पर नियंत्रण और आम नागरिकों की सुरक्षा को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल बताया था। हालांकि, इस पद पर उनकी जिम्मेदारी ज्यादा लंबे समय तक नहीं रही।
करीब तीन सप्ताह बाद दिया VRS आवेदन
जोन-4 DCP का पद संभालने के कुछ ही सप्ताह बाद सुनील मेहता ने VRS के लिए आवेदन कर दिया। उन्होंने 1 जून को शासन के समक्ष स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की मांग रखी थी। इसके बाद विभागीय प्रक्रिया आगे बढ़ी और अंततः 31 अगस्त को गृह विभाग ने उनके आवेदन को मंजूरी दे दी। इस तरह इंदौर जोन-4 के DCP के रूप में उनका कार्यकाल काफी छोटा रहा।
VRS के बाद एक साल तक व्यावसायिक पद पर रोक
सरकार ने VRS मंजूर करते समय सुनील मेहता पर एक महत्वपूर्ण शर्त भी लागू की है। आदेश के अनुसार, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद वह एक वर्ष तक किसी व्यावसायिक पद को स्वीकार नहीं कर सकेंगे। यह प्रतिबंध VRS से संबंधित सरकारी आदेश का हिस्सा है और निर्धारित अवधि तक लागू रहेगा।
1 सितंबर से सक्रिय पुलिस सेवा में नहीं
गृह विभाग के आदेश के अनुसार सुनील मेहता की VRS 31 अगस्त 2026 से प्रभावी हो चुकी है। इसका सीधा मतलब है कि 1 सितंबर से वह मध्य प्रदेश पुलिस की सक्रिय सेवा का हिस्सा नहीं हैं। अब विभाग की ओर से उनकी सेवा समाप्ति और सेवानिवृत्ति से संबंधित आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। परिवार के साथ समय बिताने की इच्छा के साथ उनका पुलिस करियर अब औपचारिक रूप से समाप्त हो गया है।
Read More : Abhishek Banerjee Office: कैमक स्ट्रीट दफ्तर में दमकल जांच, दिलीप घोष बोले- अब हिसाब देना होगा