West Bengal New Rules : पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक स्थानों को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए मंगलवार से नई जुर्माना व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसके तहत सड़क, बाजार और अन्य सार्वजनिक जगहों पर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ आर्थिक दंड लगाया जाएगा। सड़क पर थूकना, कचरा फेंकना, खुले में पेशाब या शौच करना और प्रतिबंधित प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल करना अब लोगों की जेब पर भारी पड़ सकता है। सरकार का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता बढ़ाना है।
थूकने पर 100 और कचरा फैलाने पर 200 रुपये
नई व्यवस्था के अनुसार सार्वजनिक स्थान पर थूकते हुए पकड़े जाने पर 100 रुपये का जुर्माना देना होगा। वहीं सड़क या किसी अन्य सार्वजनिक जगह पर कचरा फेंकने अथवा गंदगी फैलाने पर 200 रुपये की पेनल्टी तय की गई है। खुले में शौच करने या सार्वजनिक स्थान पर पेशाब करने पर भी 200 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। सरकार ने इन नियमों के जरिए सार्वजनिक स्थानों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने की कोशिश की है।
प्रतिबंधित प्लास्टिक बैग इस्तेमाल करने पर भी कार्रवाई
नई जुर्माना व्यवस्था में प्लास्टिक के इस्तेमाल को लेकर भी सख्ती की गई है। 125 माइक्रोन से कम मोटाई वाले सिंगल यूज प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल करने पर 200 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। सरकार का मानना है कि प्लास्टिक कचरा शहरों में सफाई व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती है। इसलिए लोगों को प्लास्टिक के बजाय पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बताया सरकार का उद्देश्य
राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने नई व्यवस्था को लेकर कहा कि जुर्माने की रकम जानबूझकर कम रखी गई है। सरकार का उद्देश्य लोगों को डराना या जुर्माने के जरिए सरकारी खजाना भरना नहीं है। इसके बजाय प्रशासन नागरिकों के भीतर अपने आसपास की सफाई बनाए रखने की जिम्मेदारी विकसित करना चाहता है। उनका कहना है कि कोलकाता सहित पश्चिम बंगाल के दूसरे शहरों को भी स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
वाहन से कचरा फेंकने और थूकने वालों को चेतावनी
मंत्री ने वाहन चालकों और यात्रियों से भी सार्वजनिक स्वच्छता का ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कार की खिड़की खोलकर सड़क पर पैकेट या कोई अन्य कचरा फेंकने और बस से बाहर थूकने जैसी आदतों को बदलना जरूरी है। लोगों के भीतर यह भावना होनी चाहिए कि शहर और राज्य उनकी अपनी जिम्मेदारी हैं। नागरिकों को सार्वजनिक जगहों को गंदा करने से बचना चाहिए।
बाजारों और रेलवे स्टेशनों के पास बढ़ेंगे कूड़ेदान
सरकार ने केवल जुर्माना लगाने के बजाय सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने की भी तैयारी की है। अग्निमित्रा पॉल के मुताबिक, विभिन्न शहरों में बाजारों और रेलवे स्टेशनों के आसपास अधिक संख्या में कूड़ेदान लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही सार्वजनिक शौचालयों की उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार का प्रयास है कि लोगों को कचरा फेंकने और खुले में शौच जैसी गतिविधियों से रोकने के लिए बेहतर सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं।
प्लास्टिक के विकल्प के लिए मशीनों की व्यवस्था
प्रतिबंधित प्लास्टिक बैग के विकल्प उपलब्ध कराने के लिए बाजारों में विशेष मशीनें लगाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इनमें से एक मशीन करीब एक रुपये में मक्के से बने बैग उपलब्ध कराएगी। दूसरी मशीन के जरिए लोग 5 से 10 रुपये में कपड़े के थैले खरीद सकेंगे। सरकार का मानना है कि सस्ते और आसानी से उपलब्ध विकल्प मिलने से लोग प्रतिबंधित प्लास्टिक का इस्तेमाल कम कर सकते हैं।
पहले से लागू हैं सार्वजनिक गंदगी के खिलाफ नियम
पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने के खिलाफ पहले से ही कानूनी प्रावधान मौजूद हैं। 2019 में संशोधित नगर निकाय कानून के तहत सार्वजनिक स्थान पर थूकने पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान था। कोलकाता में अवैध तरीके से कचरा फेंकने पर 50 रुपये से लेकर 5,000 रुपये तक की पेनल्टी का प्रावधान भी रहा है। हालांकि, इन नियमों को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करना नगर निकायों के सामने लंबे समय से चुनौती रहा है।
स्वच्छता को लेकर सरकार ने बढ़ाई सख्ती
नई व्यवस्था के जरिए राज्य सरकार अब सार्वजनिक स्वच्छता के नियमों को ज्यादा प्रभावी बनाने की कोशिश कर रही है। सरकार का जोर केवल जुर्माना वसूलने पर नहीं, बल्कि लोगों की आदतों में बदलाव लाने पर है। प्रशासन की योजना है कि पर्याप्त कूड़ेदान, सार्वजनिक शौचालय और प्लास्टिक के विकल्प उपलब्ध कराने के साथ नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जाए। इससे पश्चिम बंगाल के शहरों को साफ रखने और नागरिकों में स्वच्छता की जिम्मेदारी बढ़ाने की उम्मीद है।
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