Patna Flood News: नेपाल से छोड़े गए पानी और बिहार में लगातार हो रही बारिश के बीच राजधानी पटना में गंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी ने कई इलाकों में विकराल रूप धारण कर लिया है और खतरे के निशान से करीब दो मीटर ऊपर बह रही है। गंगा के बढ़ते पानी के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर होती जा रही है। घाटों के आसपास भी पानी फैल गया है, जिससे स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
हर घंटे करीब एक सेंटीमीटर बढ़ रहा गंगा का पानी
केंद्रीय जल आयोग (CWC) के अनुसार गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। नदी का पानी करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रहने पर पटना के अन्य निचले इलाकों में भी बाढ़ का पानी पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
गांधी घाट पूरी तरह पानी में डूबा
पटना के गांधी घाट पर हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। यहां गंगा का खतरे का निशान 48.60 मीटर बताया गया है, जबकि नदी का जलस्तर करीब 50.26 मीटर तक पहुंच गया है। पानी घाट से आगे बढ़कर आसपास की सड़कों तक पहुंच गया है। घाट परिसर में मौजूद मंदिर भी पानी में पूरी तरह डूब गए हैं। इसके कारण श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
CWC कार्यालय में घुसा बाढ़ का पानी
बढ़ते जलस्तर का असर गांधी घाट स्थित NIT परिसर में केंद्रीय जल आयोग के कार्यालय पर भी पड़ा है। कार्यालय परिसर में पानी प्रवेश कर गया है और कर्मचारी जलभराव के बीच काम करने को मजबूर हैं। पानी को इमारत के अंदर आगे बढ़ने से रोकने के लिए रेत की बोरियां लगाई जा रही हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि गंगा का पानी किस तेजी से आसपास के क्षेत्रों में फैल रहा है।
घाटों पर नहाने पहुंच रहे लोग, हादसे का खतरा
जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंचने के बावजूद कुछ लोग और बच्चे घाटों पर नहाने के लिए पहुंच रहे हैं। कमर तक पानी होने के बावजूद घाटों पर लोगों की मौजूदगी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही है। स्थानीय स्तर पर पुलिस की पर्याप्त तैनाती और प्रवेश पर रोक नहीं होने से किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। प्रशासन से घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की जा रही है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लिया हालात का जायजा
पटना में बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए राज्य सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गंगा के बढ़ते जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और जान-माल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
नीतीश कुमार और संजय झा ने भी किया दौरा
पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जेडीयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति की जानकारी ली। संजय झा ने कहा कि नेपाल से पानी छोड़े जाने के कारण बिहार के कई जिलों में जलस्तर बढ़ा है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार और प्रशासन स्थिति पर पूरी तरह नजर बनाए हुए हैं और जरूरत के अनुसार कदम उठाए जा रहे हैं।
पांच सितंबर से शुरू होगा ‘नीतीश संवाद’
बाढ़ की स्थिति की समीक्षा के बीच संजय झा ने आगामी राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रमों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि पांच सितंबर से बिहार के 12 जिलों में ‘नीतीश संवाद’ कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसके पहले चरण की शुरुआत बक्सर से होगी। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सामाजिक और जनहित के मुद्दों पर लोगों से संवाद किया जाएगा।
जल समझौतों के असर पर होगी चर्चा
‘नीतीश संवाद’ के दौरान पड़ोसी राज्यों और देशों के साथ हुए जल समझौतों से बिहार को हुए लाभ और नुकसान पर भी चर्चा की जाएगी। खासतौर पर बाढ़ और जल प्रबंधन से जुड़े मुद्दों को संवाद का हिस्सा बनाया जाएगा। संजय झा ने बेंगलुरु में आयोजित ‘बिहार महोत्सव’ का भी उल्लेख किया और इसे देशभर में बिहार की संस्कृति तथा सकारात्मक पहचान को सामने रखने वाली पहल बताया।
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