Murshidabad Landslide: पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का में गुरुवार सुबह रेलवे लाइन पर भूस्खलन होने से रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हो गया। तिलडांगा और न्यू फरक्का रेलवे स्टेशनों के बीच हुए भूस्खलन के कारण उत्तर बंगाल की ओर जाने वाली कई लंबी दूरी की ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा। पूर्वी रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, ट्रैक पर स्थिति सामान्य होने तक ट्रेनों का संचालन सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए नियंत्रित रखा जाएगा।
दार्जिलिंग मेल और कंचनकन्या एक्सप्रेस भी प्रभावित
भूस्खलन के कारण प्रभावित होने वाली प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों में दार्जिलिंग मेल और कंचनकन्या एक्सप्रेस भी शामिल हैं। दार्जिलिंग मेल फिलहाल मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का इलाके में रोकी गई है। इसके अलावा न्यू जलपाईगुड़ी और सिलीगुड़ी की ओर जाने वाली कई अन्य ट्रेनें भी अलग-अलग स्टेशनों पर रोक दी गई हैं। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रेलवे इंजीनियर युद्धस्तर पर कर रहे ट्रैक मरम्मत
भूस्खलन के बाद रेलवे के इंजीनियर और कर्मचारी मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गए हैं। ट्रैक पर जमा मलबे को हटाने और क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का काम तेजी से किया जा रहा है। रेलवे की कोशिश है कि मरम्मत कार्य जल्द पूरा कर रेल सेवाओं को सामान्य किया जा सके। हालांकि, ट्रैक पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही इस मार्ग पर ट्रेनों को दोबारा चलाने की अनुमति दी जाएगी।
यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की सबसे बड़ी प्राथमिकता
रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परिचालन बहाल करने से पहले ट्रैक की सुरक्षा और स्थिति की पूरी तरह जांच की जाएगी। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं की जाएगी। वहीं, प्रभावित ट्रेनों में मौजूद यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए रेलवे कर्मचारी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने में लगे हैं। रेल सेवाओं की बहाली के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।
कई अन्य ट्रेनों के भी लेट होने की आशंका
रेलवे लाइन पर भूस्खलन के कारण ट्रेनों के परिचालन पर असर लंबे समय तक रह सकता है। अधिकारियों को आशंका है कि प्रभावित मार्ग पर चलने वाली कई अन्य ट्रेनें भी अपने निर्धारित समय से देरी से पहुंच सकती हैं। कुछ ट्रेनों को रोकने या उनके परिचालन में बदलाव करने की आवश्यकता भी पड़ सकती है। यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेनों की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी जा सकती है।
भारी बारिश के बाद हुआ रेलवे ट्रैक पर भूस्खलन
राज्य के कई हिस्सों, खासकर दक्षिण बंगाल में लगातार हो रही भारी बारिश को भूस्खलन की प्रमुख वजह माना जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश के कारण मिट्टी कमजोर होने से रेलवे लाइन के आसपास भूस्खलन की स्थिति बनी।
बीरभूम और मुर्शिदाबाद में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने बीरभूम और मुर्शिदाबाद जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। दक्षिण बंगाल में शुक्रवार से मौसम की स्थिति में कुछ सुधार होने की उम्मीद है, हालांकि बादलों की मौजूदगी के कारण कई स्थानों पर रुक-रुककर बारिश जारी रह सकती है। सोमवार से दक्षिणी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ने का अनुमान है।
समय रहते ट्रेनों को रोके जाने से टला बड़ा खतरा
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, ट्रैक पर भूस्खलन और उससे हुए नुकसान की जानकारी कर्मचारियों को समय रहते मिल गई थी। इसके बाद प्रभावित क्षेत्र की ओर आ रही ट्रेनों को तत्काल रोक दिया गया। समय पर ट्रेनों को रोकने से संभावित दुर्घटना का खतरा टल गया। रेलवे अब ट्रैक की मरम्मत के साथ आसपास के हिस्सों की भी निगरानी कर रहा है, ताकि दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
रेल सेवाएं बहाल करने में जुटा रेलवे प्रशासन
फरक्का में भूस्खलन के बाद रेलवे प्रशासन की प्राथमिकता ट्रैक को सुरक्षित बनाकर परिचालन सामान्य करना है। इंजीनियरिंग और अन्य संबंधित टीमें लगातार काम कर रही हैं। बारिश और मौसम की स्थिति को देखते हुए ट्रैक की सुरक्षा पर विशेष नजर रखी जा रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ही प्रभावित मार्ग पर रेल सेवाओं को पूरी तरह बहाल किया जाएगा।
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