Jashpur Doctor Bribe Case : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिला अस्पताल में तैनात एक डॉक्टर पर मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करने के बदले रिश्वत मांगने और लेने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि डॉक्टर ने मेडिकल प्रमाण पत्र बनाने के लिए पहले 1 हजार रुपये की मांग की थी। बाद में कथित तौर पर 500 रुपये लिए गए। इस पूरे मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें डॉक्टर के पैसे लेते हुए दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा कथित रिश्वत का वीडियो
मामले के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। वीडियो में एक व्यक्ति को कथित तौर पर पैसे लेते हुए देखा जा सकता है और दावा किया जा रहा है कि वह जिला अस्पताल का संबंधित डॉक्टर है। शिकायतकर्ता ने इसी घटना को आधार बनाकर डॉक्टर पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया है। प्रशासन ने वायरल वीडियो समेत शिकायत में सामने आए सभी तथ्यों को जांच के दायरे में रखा है।
सीएम हेल्पलाइन में दर्ज कराई गई शिकायत
इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से की गई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है। जांच टीम शिकायत, वायरल वीडियो और संबंधित दस्तावेजों सहित अन्य तथ्यों का परीक्षण कर रही है।
मेडिकल प्रमाण पत्र के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे शिकायतकर्ता
जानकारी के मुताबिक, सन्ना थाना क्षेत्र के कवई गांव निवासी मुक्तेश्वर राम ने शपथ पत्र के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 4 जुलाई 2026 को वह अपने दोस्त सहिन्द्र राम की बेटी करिश्मा का मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए राजा देवशरण जिला अस्पताल पहुंचे थे। शिकायतकर्ता के अनुसार, करिश्मा को आगे की पढ़ाई के लिए मेडिकल प्रमाण पत्र की जरूरत थी।
पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में एडमिशन के लिए था जरूरी
शिकायत में बताया गया है कि करिश्मा को आरा चौकी क्षेत्र के झपरा स्थित पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में प्रवेश लेना था। छात्रावास में दाखिले के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट जरूरी दस्तावेजों में शामिल था। इसी वजह से मुक्तेश्वर राम करिश्मा का मेडिकल परीक्षण और प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे। इसी दौरान डॉक्टर से कथित तौर पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया है।
पहले एक हजार रुपये मांगने का आरोप
मुक्तेश्वर राम के आरोप के मुताबिक, मेडिकल सर्टिफिकेट जारी करने के एवज में डॉक्टर ने उनसे 1 हजार रुपये की मांग की थी। बाद में कथित तौर पर 500 रुपये लिए गए। शिकायतकर्ता ने इस घटना से संबंधित जानकारी प्रशासन को दी और कार्रवाई की मांग की। इसके बाद मामला सीएम हेल्पलाइन तक पहुंचा और प्रशासन ने जांच के निर्देश दिए।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी आरोपों की सच्चाई
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान वायरल वीडियो, शिकायतकर्ता के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले डॉक्टर पर लगाए गए आरोपों को सही या गलत बताना उचित नहीं होगा। सभी तथ्यों के सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
प्रशासन ने मामले में निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। अब जांच कमेटी की रिपोर्ट पर सभी की नजरें हैं। यदि जांच में रिश्वत लेने के आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित डॉक्टर के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो स्थिति भी स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल जशपुर जिला अस्पताल से जुड़े इस मामले ने स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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