Delhi Holiday: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit) और इससे जुड़े कार्यक्रमों की तैयारियों को देखते हुए दिल्ली में शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को सरकारी अवकाश घोषित किया गया है। उपराज्यपाल के निर्देश पर दिल्ली सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया है। आदेश के तहत दिल्ली सरकार के सभी सरकारी कार्यालय, स्वायत्त निकाय और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) इस दिन बंद रहेंगे। प्रशासन का यह फैसला राजधानी में होने वाले महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
राजधानी में ब्रिक्स नेताओं की मेजबानी की तैयारियां
भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में ब्रिक्स के सदस्य देशों और भागीदार देशों के शीर्ष नेता हिस्सा लेंगे। इसके अलावा विभिन्न आमंत्रित देशों के प्रतिनिधियों और अतिथियों की मौजूदगी भी रहने की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा, यातायात और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को विशेष रूप से तैयार किया गया है।
‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता’ है भारत की थीम
भारत की वर्ष 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता का विषय “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” रखा गया है। यह थीम प्रधानमंत्री के ‘मानवता सर्वोपरि’ की भावना पर आधारित जन-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है। भारत की अध्यक्षता के दौरान ब्रिक्स सहयोग को अधिक व्यावहारिक, समावेशी और विकासोन्मुख बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। सम्मेलन के दौरान इसी व्यापक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने पर चर्चा होने की संभावना है।
वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर होगी अहम चर्चा
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के नेता साझा प्राथमिकताओं और आपसी सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर विचार-विमर्श करेंगे। इसके साथ ही वैश्विक और क्षेत्रीय महत्व के विभिन्न मुद्दों पर भी विचार साझा किए जाएंगे। राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक विषयों के अलावा विकास, स्थिरता तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं। सम्मेलन को ब्रिक्स देशों के बीच समन्वय बढ़ाने के महत्वपूर्ण मंच के तौर पर देखा जा रहा है।
भारत में 25 से ज्यादा शहरों में हुईं 350 बैठकें
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान देशभर के 25 से अधिक शहरों में 350 से ज्यादा बैठकें और उच्चस्तरीय विचार-विमर्श आयोजित किए गए हैं। इन बैठकों के जरिए संगठन की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर चर्चा की गई। भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान ब्रिक्स सहयोग को तीन प्रमुख स्तंभों के आधार पर आगे बढ़ाने की कोशिश की है।
तीन प्रमुख स्तंभों पर भारत ने दिया जोर
भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स के तीन प्रमुख स्तंभों में राजनीतिक एवं सुरक्षा सहयोग, आर्थिक एवं वित्तीय सहयोग तथा सांस्कृतिक और जन-जन के बीच आदान-प्रदान शामिल हैं। इसके साथ ही व्यापारिक संस्थाओं और आम लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने वाली पहलों पर भी जोर दिया गया है। भारत का लक्ष्य ऐसी पहलों को बढ़ावा देना रहा है, जिनसे ब्रिक्स देशों के बीच व्यावहारिक और विकासोन्मुखी परिणाम हासिल किए जा सकें।
भारत चौथी बार कर रहा है ब्रिक्स की अध्यक्षता
भारत ब्रिक्स का संस्थापक सदस्य है और इससे पहले वर्ष 2012, 2016 तथा 2021 में संगठन की अध्यक्षता कर चुका है। इसके बाद 1 जनवरी 2026 को भारत ने चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली। इस बार की अध्यक्षता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वर्ष 2026 में ब्रिक्स संगठन अपनी स्थापना के 20 वर्ष पूरे कर रहा है। ऐसे में नई दिल्ली में होने वाला 18वां शिखर सम्मेलन भारत की अध्यक्षता और संगठन की दो दशक लंबी यात्रा, दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दिल्ली में अवकाश का उद्देश्य व्यवस्थाओं को सुचारु रखना
11 सितंबर को सरकारी कार्यालयों में घोषित अवकाश को ब्रिक्स सम्मेलन से जुड़ी व्यवस्थाओं के मद्देनजर अहम प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। इससे राजधानी में आयोजन के दौरान आवश्यक प्रशासनिक, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है। दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के दौरान दुनिया की नजरें नई दिल्ली पर रहेंगी और भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के प्रमुख एजेंडे तथा प्राथमिकताओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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