CG Rahul Gandhi Cartoon: रायपुर में चाय की दुकानों पर जातिगत भेदभाव और अलग-अलग कपों के इस्तेमाल को लेकर राहुल गांधी के बयान के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष के इस मुद्दे पर बीजेपी ने एक कार्टून पोस्टर जारी कर कांग्रेस पर पलटवार किया। पोस्टर में राहुल गांधी को ‘जातिवाद की चाय’ बेचते हुए दिखाया गया है। इसके बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
कार्टून पोस्टर में राहुल गांधी पर निशाना
छत्तीसगढ़ बीजेपी की ओर से जारी किए गए पोस्टर में राहुल गांधी को चाय बेचते हुए दिखाया गया है। पोस्टर के जरिए बीजेपी ने राहुल गांधी के जातिगत भेदभाव वाले बयान पर राजनीतिक व्यंग्य किया। बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस सामाजिक मुद्दों को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। इसी को लेकर पार्टी ने कार्टून के माध्यम से अपना जवाब सामने रखा।
तीन कांग्रेस नेताओं को अलग-अलग कपों में दिखाया
बीजेपी के पोस्टर में कांग्रेस के तीन प्रमुख नेताओं को अलग-अलग कपों के साथ दिखाया गया है। शिव डहरिया को प्लास्टिक के गिलास, भूपेश बघेल को कागज के कप और टीएस सिंहदेव को कांच के कप के साथ दर्शाया गया। बीजेपी ने इन अलग-अलग कपों के जरिए कांग्रेस के भीतर नेताओं की कथित स्थिति पर तंज कसा है। पोस्टर को राहुल गांधी के बयान का राजनीतिक जवाब माना जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने साधा निशाना
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बीजेपी के पोस्टर का बचाव करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में लंबे समय तक कांग्रेस की सरकार रही है और इसके बावजूद जाति, छुआछूत तथा ऊंच-नीच की सामाजिक खाई पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। जायसवाल ने सवाल उठाया कि अगर आज भी ऐसे भेदभाव मौजूद हैं, तो इसके लिए कांग्रेस को अपनी भूमिका पर जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस पर समाज को बांटने का आरोप
श्याम बिहारी जायसवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता जाति और सामाजिक भेदभाव जैसे मुद्दों को उठाकर समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस ने अपने लंबे शासनकाल के दौरान सामाजिक समरसता के लिए पर्याप्त प्रयास किए होते, तो आज भी इन मुद्दों को लेकर सवाल नहीं उठते। बीजेपी नेता ने पोस्टर में कांग्रेस नेताओं को अलग-अलग कपों में दिखाने को राजनीतिक व्यंग्य बताया।
मोदी सरकार की योजनाओं का किया जिक्र
स्वास्थ्य मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की सामाजिक समरसता से जुड़ी पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर से जुड़े जन्मस्थल और कर्मस्थल के विकास सहित विभिन्न कार्यों का जिक्र किया। इसके अलावा संत कबीरदास की विरासत और उनके विचारों को व्यापक स्तर पर सामने लाने के प्रयासों की बात भी कही। जायसवाल ने कहा कि सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र पर काम कर रही है।
कांग्रेस ने पोस्टर को बताया डैमेज कंट्रोल
बीजेपी के पोस्टर पर कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने पलटवार किया। उन्होंने पोस्टर को स्तरहीन राजनीति करार देते हुए कहा कि बीजेपी इस तरह के पोस्टर के जरिए डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस नेता ने बीजेपी पर गंभीर सामाजिक मुद्दे से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
खड़गे की रैली के बाद शुद्धिकरण का मुद्दा उठाया
सुशील आनंद शुक्ला ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी रैली के बाद कथित शुद्धिकरण की घटना का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी से जुड़े या समर्थित संगठनों के लोगों ने कथित तौर पर शुद्धिकरण किया। कांग्रेस का दावा है कि ऐसी घटनाएं बीजेपी के सामाजिक रवैये पर सवाल खड़े करती हैं। शुक्ला ने कहा कि दलितों के प्रति व्यवहार को लेकर बीजेपी को जवाब देना चाहिए।
पोस्टर पॉलिटिक्स से और गरमाई सियासत
राहुल गांधी के चाय की दुकानों पर जातिगत भेदभाव के बयान से शुरू हुआ विवाद अब पोस्टर पॉलिटिक्स में बदल गया है। बीजेपी जहां कार्टून पोस्टर के जरिए कांग्रेस पर निशाना साध रही है, वहीं कांग्रेस इसे गंभीर मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश बता रही है। ऐसे में चाय के कप को लेकर शुरू हुई राजनीतिक बहस ने छत्तीसगढ़ में जाति और सामाजिक समरसता के मुद्दे पर नई सियासी बहस छेड़ दी है।
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