Congress Satyagraha: रायपुर में बढ़ती महंगाई और चीनी की कीमतों को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी 4 सितंबर को सभी जिला मुख्यालयों में एक साथ ‘चीनी सत्याग्रह’ आयोजित करेगी। कांग्रेस ने इस आंदोलन की तुलना महात्मा गांधी के ऐतिहासिक नमक सत्याग्रह से की है। पार्टी का कहना है कि जिस तरह नमक सत्याग्रह के जरिए अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज उठाई गई थी, उसी तरह अब महंगाई के खिलाफ जनता की आवाज बुलंद की जाएगी।
चीनी की बढ़ती कीमतों को बनाया आंदोलन का मुद्दा
कांग्रेस ने चीनी की बढ़ती कीमतों और बाजार में इसकी उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं को अपने आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बनाया है। पार्टी का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से आम परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है। इसी वजह से चीनी को महंगाई के खिलाफ प्रतीक बनाकर प्रदेशभर में प्रदर्शन की तैयारी की गई है।
दीपक बैज ने किया आंदोलन का ऐलान
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने 29 अगस्त को जगदलपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान ‘चीनी सत्याग्रह’ का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाएगी। पार्टी के मुताबिक 4 सितंबर को होने वाला यह आंदोलन प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में एक साथ आयोजित किया जाएगा, ताकि महंगाई के मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाया जा सके।
महापुरुषों की प्रतिमाओं के सामने होगा प्रदर्शन
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जिला इकाइयों को आंदोलन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सभी जिला कांग्रेस कमेटियों को अपने-अपने मुख्यालयों में किसी महापुरुष की प्रतिमा के सामने सत्याग्रह आयोजित करने को कहा गया है। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता चीनी की कीमतों में वृद्धि, बाजार में उपलब्धता से जुड़ी परेशानियों और कथित कालाबाजारी के खिलाफ आवाज उठाएंगे।
बीजेपी ने कांग्रेस के आंदोलन पर साधा निशाना
कांग्रेस के चीनी सत्याग्रह पर बीजेपी ने तीखा हमला बोला है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसे मुद्दाविहीन कांग्रेस का नया राजनीतिक प्रयोग बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है और वह जनता का ध्यान भटकाने के लिए महंगाई तथा चीनी की कीमतों को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है।
मांग और आपूर्ति से तय होते हैं चीनी के दाम
श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि चीनी की कीमतें राष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों और मांग-आपूर्ति के आधार पर तय होती हैं। उनके अनुसार इस वर्ष गन्ने की पैदावार कम होने से चीनी का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। उत्पादन में कमी आने पर बाजार में कीमतों पर असर पड़ना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि कीमतों में उतार-चढ़ाव बाजार की परिस्थितियों के अनुसार होता है।
केंद्र सरकार कीमतों की कर रही निगरानी
स्वास्थ्य मंत्री ने दावा किया कि केंद्र सरकार चीनी की कीमतों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि करों और अन्य आवश्यक पहलुओं को लेकर भी सरकार जरूरी कदम उठा रही है। जायसवाल के मुताबिक बाजार में अब कीमतों को लेकर काफी हद तक स्थिरता आई है और आने वाले समय में चीनी के दाम कम होने की संभावना है।
कांग्रेस को अपने शासनकाल की याद रखनी चाहिए
बीजेपी नेता ने कांग्रेस के आंदोलन पर हमला करते हुए उसके पुराने शासनकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन के दौरान भी महंगाई और चीनी-तेल की कीमतों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए जायसवाल ने कांग्रेस से आत्मचिंतन करने की बात कही।
प्रदेशभर में शामिल होंगे कांग्रेस कार्यकर्ता
चीनी सत्याग्रह को व्यापक बनाने के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जिला और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों को सक्रिय भागीदारी के निर्देश दिए हैं। कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस, जिला कांग्रेस, ब्लॉक कांग्रेस, अग्रिम संगठनों, विभिन्न विभागों और प्रकोष्ठों के पदाधिकारी शामिल होंगे। इसके अलावा निर्वाचित प्रतिनिधियों, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की भागीदारी भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
चीनी की सियासत से गरमाया राजनीतिक माहौल
एक तरफ कांग्रेस बढ़ती महंगाई और चीनी की कीमतों के खिलाफ सत्याग्रह की तैयारी कर रही है, वहीं बीजेपी इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश बता रही है। ऐसे में 4 सितंबर का प्रदर्शन छत्तीसगढ़ की सियासत में अहम माना जा रहा है। चीनी की कीमतों से शुरू हुई यह बहस अब कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का नया मुद्दा बन गई है।
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