CG Doctor Transfer : छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक फेरबदल का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में चिकित्सा शिक्षा विभाग ने शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों और उनसे संबद्ध अस्पतालों में पदस्थ 14 चिकित्सकों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। विभाग ने 3 सितंबर 2026 को नई पदस्थापना का आदेश जारी किया। आदेश के तहत कई डॉक्टरों को प्रभारी अधिष्ठाता और अस्पताल अधीक्षक जैसी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। यह नई पदस्थापना आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से प्रभावी रहेगी।
डॉ. प्रतिभा जैन शाह को कबीरधाम की जिम्मेदारी
आदेश के अनुसार, शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में निश्चेतना विभाग की प्राध्यापक डॉ. प्रतिभा जैन शाह को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कबीरधाम का प्रभारी अधिष्ठाता बनाया गया है। वहीं कबीरधाम में प्रभारी अधिष्ठाता की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ. अजय कोसाम को राजनांदगांव चिकित्सा महाविद्यालय में शिशुरोग विभाग का प्राध्यापक बनाया गया है।
जशपुर और अंबिकापुर में भी बदली जिम्मेदारियां
मेडिसिन विभाग के प्राध्यापक डॉ. गोपाल सिंह कंवर को कोरबा से शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय जशपुर का प्रभारी अधिष्ठाता बनाया गया है। वहीं डॉ. एसपी कुजूर को कुनकुरी, जशपुर स्थित शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से अंबिकापुर चिकित्सा महाविद्यालय में पदस्थ किया गया है। दोनों पदस्थापन से संबंधित संस्थानों की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव होगा।
कोरबा अस्पताल अधीक्षक बने डॉ. रविकांत दास
रायपुर के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में अस्थि रोग विभाग के प्राध्यापक डॉ. रविकांत दास को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कोरबा का प्रभारी अस्पताल अधीक्षक बनाया गया है। वहीं अंबिकापुर में प्रभारी अधिष्ठाता की जिम्मेदारी संभाल रहे डॉ. अविनाश मेश्राम को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग में प्राध्यापक सह संचालक के पद पर नई जिम्मेदारी दी गई है।
अंबिकापुर में भी दो डॉक्टरों को नई जिम्मेदारी
डॉ. आरसी आर्या को अंबिकापुर चिकित्सा महाविद्यालय में प्रभारी अस्पताल अधीक्षक से प्रभारी अधिष्ठाता की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं निश्चेतना विभाग के प्राध्यापक डॉ. राकेश निगम को अंबिकापुर चिकित्सा महाविद्यालय का प्रभारी अस्पताल अधीक्षक बनाया गया है। दोनों नियुक्तियां आगामी आदेश तक प्रभावी रहेंगी।

बिलासपुर और जांजगीर-चांपा में भी बदलाव
डॉ. एआर बेन को जांजगीर-चांपा में प्रभारी अस्पताल अधीक्षक की जिम्मेदारी से हटाकर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय बिलासपुर में अस्थि रोग विभाग का प्राध्यापक बनाया गया है। वहीं डॉ. ओंकार कश्यप को जांजगीर-चांपा चिकित्सा महाविद्यालय में प्रभारी अस्पताल अधीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। इससे स्थानीय चिकित्सा प्रशासन में भी बदलाव हुआ है।
दुर्ग चिकित्सा महाविद्यालय में दो पदस्थापन
दंत रोग विभाग के प्राध्यापक डॉ. कुलदीप सांग को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग में प्राध्यापक बनाया गया है। वहीं डॉ. अमित अग्रवाल, जो दुर्ग में जर्नल सर्जरी विभाग के प्राध्यापक हैं, उन्हें इसी चिकित्सा महाविद्यालय का प्रभारी अस्पताल अधीक्षक नियुक्त किया गया है।

मनेन्द्रगढ़ और अंबिकापुर में डॉक्टरों की नई जिम्मेदारी
डॉ. अरुणेश सिंह को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय मनेन्द्रगढ़ के प्रभारी अस्पताल अधीक्षक पद से हटाकर अंबिकापुर चिकित्सा महाविद्यालय में अस्थि रोग विभाग का प्राध्यापक बनाया गया है। वहीं डॉ. जयपाल चंद्रवंशी को मनेन्द्रगढ़ चिकित्सा महाविद्यालय का प्रभारी अस्पताल अधीक्षक बनाया गया है। इस तरह मनेन्द्रगढ़ में भी प्रशासनिक जिम्मेदारियों में फेरबदल हुआ है।
15 दिनों के भीतर कार्यभार संभालना होगा
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित चिकित्सकों और अधिकारियों को नई पदस्थापना वाले स्थान पर आदेश जारी होने की तारीख से 15 दिनों के भीतर कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया है। निर्धारित अवधि में कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर संबंधित अधिकारी को नियमानुसार स्वतः भारमुक्त माना जाएगा।
तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश
विभाग ने संबंधित संस्थानों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नई जिम्मेदारी पाने वाले चिकित्सकों को उनके वर्तमान पद से भारमुक्त कर नवीन पदस्थापना स्थल के लिए कार्यमुक्त किया जाए। इसकी जानकारी चिकित्सा शिक्षा विभाग को भी भेजनी होगी। विभाग के अनुसार यह पदस्थापना आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगा।
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