FCRA Amendment Bill : एफसीआरए संशोधन विधेयक-2026 को लेकर संसद में प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद संजय जायसवाल को इस महत्वपूर्ण विधेयक की समीक्षा के लिए गठित संयुक्त संसदीय समिति यानी JPC का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। समिति को विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम यानी FCRA से जुड़े प्रस्तावित संशोधनों की समीक्षा करने और विधेयक पर अपनी रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
FCRA संशोधन विधेयक की होगी विस्तृत समीक्षा
एफसीआरए संशोधन विधेयक-2026 को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजे जाने के बाद अब समिति इसके विभिन्न प्रावधानों का अध्ययन करेगी। समिति विधेयक में प्रस्तावित बदलावों पर विचार करेगी और संबंधित पहलुओं की समीक्षा के बाद अपनी रिपोर्ट संसद के समक्ष पेश करेगी। इस प्रक्रिया के जरिए विधेयक पर सांसदों के विचार और सुझाव भी सामने आने की उम्मीद है।
लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 4 सदस्य
एफसीआरए संशोधन विधेयक की समीक्षा के लिए गठित JPC में कुल 25 सांसदों को शामिल किया गया है। इनमें लोकसभा के 21 सदस्य और राज्यसभा के 4 सदस्य हैं। इस तरह दोनों सदनों के सांसद मिलकर विधेयक के प्रावधानों का परीक्षण करेंगे। समिति के गठन से विधेयक पर संसदीय स्तर पर व्यापक चर्चा का रास्ता साफ हुआ है।
लोकसभा बुलेटिन में नियुक्ति की जानकारी
लोकसभा की ओर से जारी बुलेटिन में संयुक्त संसदीय समिति के गठन और उसके अध्यक्ष के नाम की जानकारी दी गई है। बुलेटिन के मुताबिक, समिति की अध्यक्षता भाजपा सांसद संजय जायसवाल करेंगे। इसके साथ ही समिति में शामिल लोकसभा और राज्यसभा सदस्यों की सूची भी जारी कर दी गई है। अब समिति अपनी निर्धारित प्रक्रिया के तहत विधेयक की समीक्षा का काम आगे बढ़ाएगी।
FCRA कानून से जुड़े बदलाव पर नजर
एफसीआरए यानी Foreign Contribution Regulation Act विदेशी स्रोतों से मिलने वाले अंशदान से जुड़े नियमों और उसके नियमन से संबंधित महत्वपूर्ण कानून है। ऐसे में FCRA में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर संसदीय समिति की भूमिका अहम मानी जा रही है। JPC विधेयक में प्रस्तावित प्रावधानों को अलग-अलग पहलुओं से देखेगी और उसके बाद अपनी सिफारिशें सामने रख सकती है।
समिति में दोनों सदनों का प्रतिनिधित्व
JPC में लोकसभा और राज्यसभा दोनों के सदस्यों को शामिल किया गया है। लोकसभा से 21 और राज्यसभा से 4 सांसद समिति का हिस्सा हैं। दोनों सदनों की भागीदारी से विधेयक पर चर्चा को व्यापक संसदीय प्रतिनिधित्व मिलेगा। समिति के सदस्य विधेयक के प्रावधानों पर विचार-विमर्श करते हुए उससे जुड़े विभिन्न मुद्दों का परीक्षण करेंगे।
संजय जायसवाल के सामने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
समिति के अध्यक्ष के तौर पर संजय जायसवाल के सामने विधेयक की समीक्षा प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। उन्हें समिति की बैठकों और विचार-विमर्श की प्रक्रिया का नेतृत्व करना होगा। समिति के सभी सदस्य विधेयक के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा करेंगे और समीक्षा पूरी होने के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
संसद में आगे बढ़ेगी विधेयक की प्रक्रिया
JPC के गठन के साथ ही एफसीआरए संशोधन विधेयक-2026 की संसदीय प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण शुरू हो गया है। अब संयुक्त समिति विधेयक का अध्ययन करेगी और उससे जुड़े प्रावधानों पर विचार करेगी। समिति की रिपोर्ट आने के बाद विधेयक को लेकर संसद में आगे की प्रक्रिया तय होगी। फिलहाल संजय जायसवाल को समिति का अध्यक्ष बनाए जाने और 25 सांसदों को इसमें शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है।
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