UP Election 2027 : लखनऊ में गुरुवार शाम समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बंद कमरे में बातचीत हुई। अगले साल प्रस्तावित उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले हुई इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। हालांकि, बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई और इसका आगे क्या असर होगा, इसको लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट कार्यालय में हुई बैठक
सूत्रों के अनुसार, आशुतोष रांका और अखिलेश यादव की बैठक शाम करीब चार बजे समाजवादी पार्टी मुख्यालय के नजदीक स्थित जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट के कार्यालय में हुई। दोनों के बीच लगभग 90 मिनट तक बातचीत चली। बैठक समाप्त होने के बाद रांका वहां से रवाना हो गए। उन्होंने बाहर मौजूद मीडिया से बातचीत नहीं की। समाजवादी पार्टी की ओर से भी बैठक के एजेंडे या बातचीत के परिणाम को लेकर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया।
सपा ने मुलाकात की पुष्टि की
समाजवादी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने अखिलेश यादव और आशुतोष रांका की मुलाकात की पुष्टि की है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक में किन विषयों पर बातचीत हुई, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। चौधरी ने संभावना जताई कि युवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई हो सकती है। इनमें बेरोजगारी और स्कूलों में शिक्षा की स्थिति जैसे विषय शामिल हो सकते हैं।
युवाओं और शिक्षा के मुद्दों पर चर्चा की संभावना
सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि बैठक में छात्रों से जुड़े मुद्दों के अलावा Gen Z और Gen Alpha की मौजूदा चिंताओं पर बातचीत हुई हो सकती है। शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर आगे उठाने की रणनीति पर भी विचार होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, इन संभावित चर्चाओं की अभी तक दोनों पक्षों की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
हमले के बाद रांका से जुड़े मुद्दे चर्चा में रहे
अखिलेश यादव और आशुतोष रांका की मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब CJP पिछले कुछ महीनों से छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय नजर आ रही है। पिछले महीने राजस्थान में चलाए गए ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के दौरान रांका पर कथित तौर पर हमला हुआ था। इस घटना के बाद अखिलेश यादव ने सार्वजनिक रूप से मुद्दा उठाते हुए प्रतिक्रिया दी थी।
जंतर-मंतर प्रदर्शन को भी मिला था सपा का समर्थन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP की ओर से आयोजित छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने का भी दावा किया गया था। इसके बाद समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव और आजमगढ़ से सांसद धर्मेंद्र यादव सहित पार्टी के कई नेता प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने छात्रों के आंदोलन के प्रति समर्थन जताया था। अखिलेश यादव भी विभिन्न मौकों पर CJP से जुड़े छात्र आंदोलनों का समर्थन करते रहे हैं।
शिक्षा और बेरोजगारी पर सरकार को घेरते रहे हैं अखिलेश
अखिलेश यादव लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था, स्कूलों और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते रहे हैं। उन्होंने कई मौकों पर स्कूलों के बंद होने और शिक्षा व्यवस्था की स्थिति को लेकर सवाल उठाए हैं। उत्तर प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों से जुड़े मामलों को लेकर भी वह राज्य की बीजेपी सरकार पर सवाल खड़े करते रहे हैं।
महंगाई और रोजगार भी सपा के प्रमुख मुद्दे
समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी, शिक्षा और महंगाई जैसे मुद्दों को लगातार राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाती रही है। पार्टी का जोर खासतौर पर युवाओं से जुड़े सवालों पर रहा है। ऐसे में CJP जैसे युवा-केंद्रित मंच के साथ किसी भी तरह की बातचीत राजनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण मानी जा सकती है, हालांकि अभी किसी औपचारिक गठजोड़ की पुष्टि नहीं हुई है।
यूपी चुनाव से पहले मुलाकात के राजनीतिक मायने
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में प्रस्तावित हैं। ऐसे समय अखिलेश यादव और CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता की मुलाकात ने राजनीतिक चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है। हालांकि, बैठक में कोई समझौता हुआ या भविष्य में दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक तालमेल की संभावना है, इस बारे में फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। आने वाले समय में दोनों पक्षों के बयानों और गतिविधियों से इस मुलाकात के वास्तविक राजनीतिक मायने और स्पष्ट हो सकते हैं।
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