Nepal Flood : नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। जैसे-जैसे राहत और बचाव अभियान आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे मृतकों और लापता लोगों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। मध्य और उत्तरी नेपाल के रसुवा तथा नुवाकोट जिलों से करीब 600 स्कूली बच्चों के अब तक लापता होने की जानकारी सामने आई है। इस प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वालों की कुल संख्या बढ़कर 1,282 तक पहुंच गई है।
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास शुरू हुई थी तबाही
बताया जा रहा है कि 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा के नजदीक बर्फ और चट्टानों से जुड़ी एक बड़ी प्राकृतिक घटना के बाद अचानक नदियों का जलस्तर बढ़ गया। देखते ही देखते नदियों में भीषण बाढ़ आ गई और पानी का तेज बहाव आसपास के गांवों तथा कस्बों में घुस गया। इस बाढ़ ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई और बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित किया।
कई जिलों से बरामद किए गए शव
नेपाल पुलिस के अनुसार, बाढ़ प्रभावित विभिन्न इलाकों में राहत और तलाशी अभियान लगातार जारी है। अब तक चितवन से 359, नवलपरासी पूर्व से 218 और नवलपरासी पश्चिम से 208 शव बरामद किए गए हैं। इसके अलावा नुवाकोट से 185, रसुवा से 140, गोरखा से 72, धादिंग से 60 और तनहुं से 38 शव मिलने की जानकारी दी गई है। सुरक्षा बलों का संयुक्त कमान अब भी अलग-अलग प्रभावित क्षेत्रों में लापता लोगों की तलाश कर रहा है।
करीब 4,800 लोगों की तलाश जारी
सुरक्षा बलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन हजारों लोगों को ढूंढना है, जिनका अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। अधिकारियों के मुताबिक करीब 4,798 लोगों के लापता होने की जानकारी है। प्रभावित इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और संचार व्यवस्था प्रभावित होने के कारण बचाव दलों के सामने कई तरह की मुश्किलें बनी हुई हैं।
रसुवा और नुवाकोट से सैकड़ों बच्चे गायब
स्थानीय शिक्षा विकास एवं समन्वय इकाइयों तथा स्कूलों से जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक रसुवा जिले से करीब 280 स्कूली बच्चों के लापता होने की जानकारी है। वहीं पड़ोसी नुवाकोट जिले में लगभग 300 से 350 बच्चों के लापता होने की बात सामने आई है। अकेले नुवाकोट की विदुर नगरपालिका से करीब 250 बच्चों के गायब होने की जानकारी ने प्रशासन और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
22 शिक्षक और स्कूल कर्मचारी भी लापता
बाढ़ की चपेट में केवल विद्यार्थी ही नहीं आए हैं, बल्कि स्कूलों से जुड़े शिक्षक और अन्य कर्मचारी भी प्रभावित हुए हैं। दोनों जिलों में कम से कम 22 शिक्षकों और स्कूल कर्मचारियों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि इनमें से कुछ शिक्षक रसुवा की धार्मिक यात्रा पर गए थे और इसी दौरान अचानक आई बाढ़ की चपेट में आ गए।
22 स्कूलों को पहुंचा भारी नुकसान
नेपाल के शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, विनाशकारी बाढ़ का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा है। बाढ़ से कुल 22 स्कूल प्रभावित हुए हैं। इनमें से 12 स्कूल पूरी तरह नष्ट होने की जानकारी है। स्कूल भवनों और शैक्षणिक संसाधनों को हुए नुकसान के कारण प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।
संचार व्यवस्था ठप होने से आंकड़े जुटाना मुश्किल
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और संपर्क व्यवस्था के बड़े पैमाने पर प्रभावित होने के कारण प्रशासन के लिए लापता लोगों की सही संख्या निर्धारित करना बेहद कठिन हो गया है। स्थानीय अधिकारी, स्कूल प्रमुख और अन्य कर्मचारी अलग-अलग स्रोतों से जानकारी जुटाने में लगे हैं। हालात सामान्य नहीं होने के कारण कई परिवार अभी तक अपने बच्चों और रिश्तेदारों की स्थिति की पुष्टि नहीं कर पाए हैं।
कई परिवारों में अपनों का इंतजार
बाढ़ के बाद प्रभावित क्षेत्रों की जमीनी तस्वीर बेहद दर्दनाक बताई जा रही है। कहीं माता-पिता सुरक्षित हैं, लेकिन उनके बच्चे अब तक लापता हैं, तो कई परिवारों में बच्चे अपने माता-पिता या अन्य परिजनों की तलाश कर रहे हैं। ऐसे में राहत और बचाव अभियान के साथ लापता लोगों को जल्द से जल्द खोजने की चुनौती प्रशासन के सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।
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