Amity University Raipur : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी के मेस में परोसे जाने वाले खाने को लेकर छात्रों ने गंभीर शिकायतें सामने रखी हैं। विद्यार्थियों का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से खाने की गुणवत्ता ठीक नहीं है और कई बार उनकी थाली में कीड़े और इल्ली मिलने की घटनाएं सामने आई हैं। इस तरह की शिकायतों के बाद छात्रों के बीच नाराजगी बढ़ गई है। कुछ विद्यार्थियों का कहना है कि अब वे मेस का खाना खाने के बजाय बाहर से भोजन मंगाने या खाने को मजबूर हैं।
दाल-चावल और अन्य भोजन में कीड़े मिलने का आरोप
छात्रों के मुताबिक, मेस में परोसे जाने वाले भोजन में कभी दाल-चावल के भीतर इल्ली तो कभी छोटे-छोटे कीड़े दिखाई देने की शिकायत सामने आई है। उनका कहना है कि खाने की प्लेट सामने आने के बाद अब उन्हें भोजन करने से पहले उसे अच्छी तरह देखने की चिंता रहती है। विद्यार्थियों का आरोप है कि इस संबंध में मेस प्रबंधन को जानकारी दी गई और मामले की शिकायत यूनिवर्सिटी प्रशासन तक भी पहुंचाई गई, लेकिन इसके बावजूद व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आया।
शिकायतों के बावजूद व्यवस्था में बदलाव नहीं होने का दावा
विद्यार्थियों का कहना है कि मेस के भोजन की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। कुछ छात्रों ने कथित तौर पर खाना खाना ही छोड़ दिया है, जबकि कई विद्यार्थी अपनी जरूरत पूरी करने के लिए बाहर से भोजन ले रहे हैं। छात्रों का कहना है कि मेस उनके दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसलिए वहां मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता तथा स्वच्छता से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
बारिश के मौसम में हाइजीन को लेकर बढ़ी चिंता
छात्रों ने बारिश के मौसम में मेस की साफ-सफाई और खाद्य सामग्री के सुरक्षित रखरखाव को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि नमी और उमस के कारण खाद्य पदार्थों में कीड़े लगने या उनके खराब होने की आशंका बढ़ सकती है। ऐसे में दाल, चावल, सब्जियों और अन्य सामग्री को स्टोर करने से लेकर खाना पकाने तथा परोसने तक हर चरण में विशेष स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है।
किचन और स्टोर रूम की नियमित जांच की मांग
छात्रों ने मेस के किचन और स्टोर रूम की नियमित जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि केवल शिकायत सामने आने के बाद कार्रवाई करने के बजाय खाद्य सामग्री के भंडारण और रसोई की साफ-सफाई की समय-समय पर जांच होनी चाहिए। विद्यार्थियों ने मेस में इस्तेमाल होने वाली सब्जियों, अनाज और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करने की भी मांग रखी है।
खाना बनाने वाले कर्मचारियों की हाइजीन भी जरूरी
विद्यार्थियों का कहना है कि भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए केवल खाद्य सामग्री की जांच पर्याप्त नहीं है। खाना बनाने और परोसने वाले कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता पर भी नियमित निगरानी जरूरी है। इसके साथ ही साफ पानी, स्वच्छ बर्तन, साफ किचन और उचित तरीके से रखी गई खाद्य सामग्री की व्यवस्था होनी चाहिए। छात्रों के अनुसार, इन सभी पहलुओं पर ध्यान देने से Food Hygiene से जुड़ी समस्याओं को कम किया जा सकता है।
सुरक्षित और स्वच्छ भोजन की मांग कर रहे छात्र
छात्रों का कहना है कि उनकी मांग किसी तरह का विवाद खड़ा करना नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जाना चाहिए। यदि शिकायतों के बाद भी मेस व्यवस्था में सुधार नहीं होता है तो विद्यार्थी यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष सामूहिक रूप से अपनी शिकायत रखने की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि रोजाना मेस में भोजन करने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
यूनिवर्सिटी प्रशासन के आधिकारिक जवाब का इंतजार
मामले को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन का आधिकारिक पक्ष जानने के लिए संपर्क किए जाने की बात कही गई है, लेकिन खबर लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। प्रशासन की ओर से जवाब मिलने के बाद उसका पक्ष भी मामले में शामिल किया जा सकता है। फिलहाल छात्रों की शिकायतों के चलते रायपुर की एमिटी यूनिवर्सिटी के मेस की भोजन गुणवत्ता और स्वच्छता व्यवस्था सवालों के घेरे में है। अब देखना होगा कि प्रशासन इन शिकायतों की जांच के लिए क्या कदम उठाता है और छात्रों की समस्याओं का समाधान किस तरह किया जाता है।
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