Janmashtami 2026 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जन्माष्टमी के पावन अवसर पर देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके दिव्य संदेशों का स्मरण करते हुए निष्काम कर्म की महत्ता पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण की शिक्षाएं सदियों से मानवता को सही दिशा दिखाती रही हैं और आज भी उनका महत्व उतना ही प्रासंगिक है।
X पोस्ट में पीएम मोदी ने क्या कहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर देशवासियों को जन्माष्टमी की बधाई दी। उन्होंने अपने संदेश में भगवान श्रीकृष्ण के निष्काम कर्म के सिद्धांत को मानव जीवन के लिए प्रेरणादायक बताया। पीएम मोदी ने कामना की कि भक्ति और आराधना से जुड़ा यह पवित्र पर्व सभी लोगों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, आत्मविश्वास और नई शक्ति लेकर आए।
भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं का किया स्मरण
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में श्रीकृष्ण के उन विचारों को रेखांकित किया, जिनमें कर्म को फल की चिंता किए बिना करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण के दिव्य संदेशों में निस्वार्थ कर्म की ऐसी प्रेरणा मौजूद है, जिसने लगातार मानवता का मार्गदर्शन किया है। जन्माष्टमी का पर्व लोगों को इन शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाने का अवसर भी देता है।
भगवान विष्णु के आठवें अवतार हैं श्रीकृष्ण
जन्माष्टमी को कृष्ण जन्माष्टमी और गोकुलाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। यह हिंदू धर्म का प्रमुख त्योहार है, जो भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रपद महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था।
अगस्त और सितंबर में आता है यह पावन पर्व
हिंदू चंद्र-सौर पंचांग के अनुसार जन्माष्टमी भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के मुताबिक यह तिथि आमतौर पर अगस्त या सितंबर के दौरान पड़ती है। इस दिन श्रद्धालु उपवास रखते हैं, भगवान कृष्ण की पूजा करते हैं और आधी रात को उनके जन्म का उत्सव मनाते हैं।
देशभर में मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
जन्माष्टमी के अवसर पर देश के अलग-अलग हिस्सों में धार्मिक उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचे और भगवान कृष्ण के जन्म के अवसर पर आयोजित विशेष पूजा, आरती और प्रार्थना में शामिल हुए। मंदिरों में भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया।
दिल्ली के इस्कॉन मंदिरों में विशेष आयोजन
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी जन्माष्टमी को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह दिखाई दिया। पूर्वी कैलाश और द्वारका सेक्टर-13 स्थित इस्कॉन मंदिरों में मंगला आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। श्रद्धालुओं ने भगवान कृष्ण की पूजा-अर्चना की और विशेष प्रार्थनाओं में भाग लेकर जन्माष्टमी का पर्व मनाया।
मथुरा में जन्मभूमि पर दिखा भक्तिमय माहौल
भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में जन्माष्टमी का उत्सव विशेष धार्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं ने मंगला आरती और विशेष पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में भक्तों की मौजूदगी रही।
नृत्य और भक्ति में डूबे श्रद्धालु
मथुरा में जन्माष्टमी के दौरान श्रद्धालु भगवान कृष्ण की भक्ति में लीन नजर आए। लोगों ने धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने के साथ नृत्य और भजन-कीर्तन के जरिए अपनी आस्था व्यक्त की। शहर के विभिन्न मंदिरों में विशेष अनुष्ठान और पूजा कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें भक्तों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
कृष्ण जन्मोत्सव ने बढ़ाई धार्मिक उमंग
देशभर में जन्माष्टमी के मौके पर मंदिरों को सजाया गया और भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की झांकियां तैयार की गईं। श्रद्धालुओं ने उपवास, पूजा और प्रार्थना के जरिए भगवान कृष्ण का स्मरण किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश भी श्रीकृष्ण की शिक्षाओं और निष्काम कर्म के महत्व को सामने लाता है। पर्व ने देशभर में आध्यात्मिक ऊर्जा, भक्ति और उत्साह का माहौल बनाया।
Read more : UP Election 2027 : अखिलेश यादव से मिले CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका, बंद कमरे में डेढ़ घंटे चली बातचीत