Moti Bagh News : दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक हॉस्टल की इमारत अचानक ढह गई। पांच मंजिला इमारत के गिरते ही आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे के दौरान इमारत के अंदर कई छात्रों के मौजूद होने की जानकारी सामने आई है। इमारत के मलबे में छात्रों के दबे होने की आशंका के चलते मौके पर बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया।
तेज आवाज के बाद चारों तरफ छा गया धूल और धुआं
एक प्रत्यक्षदर्शी युवक ने बताया कि उसकी दुकान घटनास्थल के पास ही है। वह दुकान के अंदर बैठा हुआ था, तभी अचानक बेहद तेज आवाज सुनाई दी। आवाज इतनी जोरदार थी कि ऐसा लगा जैसे भूकंप आया हो। आवाज सुनते ही लोग बाहर की ओर भागे। बाहर निकलने पर चारों तरफ धूल और धुआं दिखाई दे रहा था और पूरी इमारत जमीन पर गिरी हुई थी।
मलबे से छात्रों के रोने की आवाज आने का दावा
प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, घटनास्थल से कुछ शव बरामद किए गए हैं और कई लोगों को बचाने की कोशिश जारी है। उन्होंने बताया कि चार से पांच बच्चों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका था और वे सांस ले रहे थे। वहीं, मलबे के अंदर से लोगों की आवाजें सुनाई देने की बात भी सामने आई। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि अंदर फंसे बच्चे कथित तौर पर मदद के लिए आवाज लगा रहे थे।
25 से 30 छात्रों के दबे होने की आशंका
चश्मदीदों ने दावा किया कि हादसे के बाद मलबे में करीब 25 से 30 छात्र दबे हो सकते हैं। घटनास्थल के आसपास लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग पीजी होने की बात भी सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, करीब चार-पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका था, जबकि दो-तीन शव बरामद होने की जानकारी दी गई। हालांकि, इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही हो सकेगी।
निर्माण कार्य के दौरान कमजोर ढांचे की बात सामने आई
स्थानीय लोगों के मुताबिक, इमारत के नीचे निर्माण कार्य चल रहा था। बताया जा रहा है कि बेसमेंट बनाने के साथ भूतल पर किराए के लिए अतिरिक्त जगह तैयार करने का काम किया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि ऊपरी हिस्से को मजबूत किया गया था, लेकिन नीचे के कुछ खंभों के कमजोर होने की वजह से ढांचा अचानक गिर गया। निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के भी मलबे में फंसने की आशंका जताई गई है।
‘हॉस्टल डेज’ नाम की पांच मंजिला इमारत बताई गई
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने दावा किया कि ढहने वाली इमारत का नाम ‘हॉस्टल डेज’ था। यह लड़कों के लिए संचालित एक पीजी बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, इमारत करीब पांच मंजिल की थी। इसके ठीक बगल में स्थित एक अन्य इमारत के भी क्षतिग्रस्त होकर गिरने की बात सामने आई है। हादसे के समय कमरों में मौजूद छात्रों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई।
दमकल और बचाव दल ने तुरंत संभाला मोर्चा
इमारत गिरने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटनास्थल पर पहुंचने के बाद बचावकर्मियों ने तुरंत मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। कई छात्र घायल बताए जा रहे हैं। राहतकर्मी बेहद सावधानी के साथ कंक्रीट और अन्य मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
दोपहर करीब 1:30 बजे मिली हादसे की सूचना
दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे इमारत गिरने की आपात सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां और राहतकर्मी घटनास्थल के लिए रवाना किए गए। मौके पर पहुंचने के बाद मलबा हटाने का अभियान तेज कर दिया गया। हॉस्टल वाली पांच मंजिला इमारत होने के कारण बचाव दल के सामने चुनौती काफी बढ़ गई है।
मलबे में कितने लोग फंसे, आधिकारिक आंकड़ा नहीं
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी तरह सक्रिय है और फिलहाल अभियान शुरुआती चरण में है। अधिकारियों का कहना है कि मलबे के नीचे वास्तव में कितने लोग फंसे हैं, इसकी सटीक संख्या अभी सामने नहीं आई है। बचाव कार्य आगे बढ़ने और मलबा हटाए जाने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
कटर और भारी मशीनों से चल रहा रेस्क्यू अभियान
बचावकर्मी कटर और भारी मशीनों की मदद से कंक्रीट के स्लैब और मलबे को हटाने में जुटे हैं। उनका प्राथमिक लक्ष्य अंदर फंसे लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है। एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है। मौके पर एंबुलेंस भी तैनात हैं, ताकि मलबे से निकाले जाने वाले घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जा सके।
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