China Masters 2026: भारतीय बैडमिंटन की स्टार पुरुष डबल्स जोड़ी चिराग शेट्टी और सात्विकसाई राज रैंकीरेड्डी ने आखिरकार चीन मास्टर्स का खिताब अपने नाम कर लिया। रविवार को खेले गए रोमांचक फाइनल में भारतीय जोड़ी ने चीन की ही जी टिंग रेन और जियांग यु की जोड़ी को कड़े मुकाबले में हराया। चिराग और सात्विक ने करीब एक घंटे 10 मिनट तक चले मुकाबले में 11-21, 21-13, 21-17 से जीत दर्ज की। यह पहली बार है जब दोनों खिलाड़ियों ने चीन मास्टर्स की ट्रॉफी पर कब्जा किया है।
दो बार फाइनल हारने के बाद मिली बड़ी सफलता
चिराग और सात्विक की जोड़ी इससे पहले भी चीन मास्टर्स के फाइनल तक पहुंच चुकी थी, लेकिन दोनों मौकों पर उसे उपविजेता बनकर संतोष करना पड़ा था। भारतीय जोड़ी ने 2023 और 2025 में फाइनल खेला था, लेकिन खिताबी मुकाबले में जीत हासिल नहीं कर सकी। इस बार दोनों ने पिछली गलतियों से सीख लेते हुए शानदार प्रदर्शन किया और पहले गेम में पिछड़ने के बावजूद मुकाबले का रुख पलटकर ऐतिहासिक खिताब हासिल कर लिया।
इस सीजन भारतीय जोड़ी का दूसरा बड़ा खिताब
चीन मास्टर्स की यह ट्रॉफी मौजूदा सीजन में चिराग और सात्विक की जोड़ी का दूसरा खिताब है। इससे पहले दोनों ने सिंगापुर ओपन-750 में शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था। हालांकि, थाईलैंड ओपन-500 में भारतीय जोड़ी को फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था और उन्हें रनर-अप के तौर पर संतोष करना पड़ा। चीन मास्टर्स की जीत ने उनके शानदार सीजन में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी है।
पहले गेम में भारतीय जोड़ी की खराब शुरुआत
फाइनल मुकाबले की शुरुआत भारतीय जोड़ी के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। पहले गेम में चिराग और सात्विक शुरुआती दौर में ही 0-5 से पिछड़ गए। इसके बाद दोनों ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन चीनी जोड़ी लगातार दबाव बनाए रखने में सफल रही। भारतीय खिलाड़ियों को पहले गेम में अपनी रणनीति के मुताबिक खेलने में परेशानी हुई और अंत में जी टिंग रेन-जियांग यु की जोड़ी ने 21-11 से गेम अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में बदली रणनीति और पलटा मैच
पहला गेम गंवाने के बाद भारतीय जोड़ी ने अपनी रणनीति में बदलाव किया। चिराग और सात्विक ने दूसरे गेम में ज्यादा आक्रामक और नियंत्रित खेल दिखाया। दोनों ने रैलियों में धैर्य बनाए रखने के साथ-साथ सही समय पर आक्रामक शॉट लगाए। इसका असर स्कोर पर भी दिखाई दिया और भारतीय जोड़ी ने चीनी खिलाड़ियों को ज्यादा मौके नहीं दिए। दूसरे गेम को 21-13 से जीतकर उन्होंने मुकाबले को निर्णायक तीसरे गेम तक पहुंचा दिया।
निर्णायक गेम में दोनों जोड़ियों ने झोंकी पूरी ताकत
तीसरे गेम की शुरुआत एक बार फिर चीन की जोड़ी के पक्ष में रही। चीनी खिलाड़ियों ने लगातार शुरुआती चार अंक हासिल कर भारतीय जोड़ी पर 4-0 की बढ़त बना ली। इसके बाद चिराग और सात्विक ने शानदार वापसी करते हुए लगातार चार अंक हासिल किए और मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। दोनों जोड़ियों के बीच हर अंक के लिए कड़ा संघर्ष देखने को मिला।
17-17 के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने नहीं छोड़ा मौका
निर्णायक गेम में मुकाबला 17-17 की बराबरी तक पहुंच गया। यहां से भारतीय जोड़ी ने अपना अनुभव और धैर्य दिखाया। चिराग और सात्विक ने लगातार चार अंक हासिल किए और चीनी जोड़ी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। 21-17 से तीसरा गेम जीतते ही भारतीय खिलाड़ियों ने पहली बार चीन मास्टर्स का खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ उन्होंने न सिर्फ पिछली दो फाइनल हार का बदला लिया, बल्कि मौजूदा सीजन में अपनी शानदार फॉर्म का भी परिचय दिया।
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