Chhattisgarh Politics : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक बार फिर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। बिलासपुर रवाना होने से पहले रायपुर हेलीपैड पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने झीरम घाटी मामले में NIA कोर्ट के फैसले को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब दिया। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पंजाब प्रभारी की जिम्मेदारी से हटाए जाने को लेकर भी निशाना साधा।
झीरम घाटी मामले की जांच NIA को सौंपी गई थी
झीरम घाटी मामले को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इस प्रकरण की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA को सौंपी गई थी। उन्होंने कहा कि जिस समय जांच NIA को दी गई थी, उस वक्त केंद्र में यूपीए की सरकार थी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, NIA ने इस मामले में करीब 13 वर्षों तक सुनवाई की और जांच के दौरान 100 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
13 साल की सुनवाई के बाद आया NIA कोर्ट का फैसला
सीएम साय ने कहा कि लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद NIA कोर्ट ने 5 सितंबर को अपना फैसला सुनाया है। उन्होंने बताया कि अदालत ने मामले में 10 लोगों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। हालांकि, दोषियों को कितनी सजा दी जाएगी, इसका फैसला 16 सितंबर को NIA कोर्ट द्वारा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 13 वर्षों तक मामले की सुनवाई चली और उसके बाद अदालत का फैसला सामने आया है।
कांग्रेस के सवालों पर मुख्यमंत्री ने दिया जवाब
झीरम घाटी मामले में अदालत के फैसले को लेकर कांग्रेस की ओर से सवाल उठाए जाने के बीच मुख्यमंत्री ने जांच और न्यायिक प्रक्रिया का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच लंबे समय तक चली है और इस दौरान बड़ी संख्या में गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अब अदालत ने उपलब्ध तथ्यों और सुनवाई के आधार पर फैसला सुनाया है। सजा की अवधि पर निर्णय भी अदालत द्वारा निर्धारित तारीख पर लिया जाएगा।
भूपेश बघेल को लेकर भी सीएम साय का बयान
झीरम घाटी मामले पर प्रतिक्रिया देने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस के भीतर चल रही कथित गुटबाजी को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस की कार्यशैली की तुलना अंग्रेजों की ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति से की। सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस में आंतरिक स्तर पर मतभेद और खींचतान की स्थिति दिखाई देती है।
पंजाब प्रभारी पद से हटाए जाने पर साधा निशाना
भूपेश बघेल को कांग्रेस की ओर से पंजाब प्रभारी की जिम्मेदारी से हटाए जाने को लेकर भी मुख्यमंत्री साय ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पंजाब में भूपेश बघेल के खिलाफ विरोध हुआ था और शायद इसी का परिणाम है कि उनका प्रभार बदल दिया गया। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में कांग्रेस और बीजेपी के बीच बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।
झीरम फैसले पर पहले से गरम है सियासत
झीरम घाटी मामले में NIA कोर्ट के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बयानबाजी पहले से ही तेज है। कांग्रेस और बीजेपी की ओर से मामले को लेकर अलग-अलग सवाल और दावे सामने आ रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की प्रतिक्रिया ने इस राजनीतिक बहस को और गरमा दिया है। अब सजा की अवधि को लेकर 16 सितंबर को होने वाली अदालत की सुनवाई पर भी नजर रहेगी।
फैसले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी
झीरम घाटी मामले में करीब 13 साल तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद आए फैसले को लेकर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने जहां जांच और अदालत की प्रक्रिया का उल्लेख किया, वहीं कांग्रेस की कार्यशैली और भूपेश बघेल को लेकर भी हमला बोला। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है।
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