CG Smart Meter : रायपुर में स्मार्ट मीटर को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। महंत ने आरोप लगाया है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद कई बिजली उपभोक्ताओं की परेशानियां बढ़ी हैं। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की तकनीकी और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
स्मार्ट मीटर की रीडिंग को लेकर दावा
डॉ. चरणदास महंत ने स्मार्ट मीटर की रीडिंग को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि कुछ ऐसे घरों में भी बिजली की यूनिट बढ़ती दिखाई दे रही है, जहां लंबे समय से कोई व्यक्ति मौजूद नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि घर के सभी विद्युत उपकरण बंद हैं, इसके बावजूद मीटर की रीडिंग बढ़ रही है तो इसकी तकनीकी जांच आवश्यक है। महंत के मुताबिक, ऐसी शिकायतों को केवल सामान्य तकनीकी समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
/filters:format(webp)/bansal-news/media/media_files/2026/09/07/letter-3-2026-09-07-16-37-36.jpeg)
बंद घरों में भी बढ़ रही यूनिट पर सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बिजली मीटर का काम वास्तविक खपत के आधार पर रीडिंग दर्ज करना है। ऐसे में बंद मकानों में लगातार यूनिट बढ़ने की शिकायत सामने आना गंभीर विषय है। उन्होंने सरकार और बिजली विभाग से ऐसे मामलों की जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि मीटर की रीडिंग किस वजह से बढ़ रही है। उन्होंने उपभोक्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
बिजली बिल दो से चार गुना बढ़ने का आरोप
डॉ. महंत ने स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल में कथित बढ़ोतरी का मुद्दा भी उठाया है। उनका दावा है कि कुछ उपभोक्ताओं के बिजली बिल पहले की तुलना में दो से चार गुना तक बढ़ गए हैं। उन्होंने कहा कि कई मामलों में बिजली की खपत में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ, इसके बावजूद बिल में अचानक इतनी वृद्धि चिंता पैदा करती है। महंत ने ऐसे सभी मामलों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
/filters:format(webp)/bansal-news/media/media_files/2026/09/07/letter-2026-09-07-16-37-36.jpeg)
सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग में गड़बड़ी का आरोप
चरणदास महंत ने स्मार्ट मीटर के सॉफ्टवेयर और उसकी प्रोग्रामिंग को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मीटर की रीडिंग और बढ़े हुए बिजली बिल से जुड़ी शिकायतों के पीछे सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग में गड़बड़ी हो सकती है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में किसी स्वतंत्र तकनीकी जांच की रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इसलिए मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
/filters:format(webp)/bansal-news/media/media_files/2026/09/07/letter-2-2026-09-07-16-37-36.jpeg)
सरकार से पूरे सिस्टम की जांच की मांग
महंत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली, रीडिंग और बिजली बिल तैयार होने की प्रक्रिया की व्यापक जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान जरूरी है और यदि कहीं तकनीकी खामी या किसी प्रकार की अनियमितता है तो उसे सामने लाया जाना चाहिए। साथ ही, प्रभावित उपभोक्ताओं को राहत देने की व्यवस्था भी की जानी चाहिए।
बिजली विभाग के जवाब का इंतजार
स्मार्ट मीटर को लेकर लगाए गए सॉफ्टवेयर गड़बड़ी और बिजली बिल बढ़ने के आरोप फिलहाल डॉ. चरणदास महंत के दावे हैं। सरकार या संबंधित बिजली विभाग की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने के बाद तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी। ऐसे में स्मार्ट मीटर की रीडिंग, बिलिंग प्रक्रिया और उपभोक्ताओं की शिकायतों की तकनीकी जांच इस पूरे विवाद का महत्वपूर्ण पहलू बन गई है।
Read More : Heera Thakur Congress Join : बीजेपी छोड़ कांग्रेस में आए हीरा ठाकुर, जातिगत जनगणना पर उठाए सवाल