Heera Thakur Congress Join : उत्तर प्रदेश की राजनीति में सोमवार को बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश विधान परिषद के पूर्व सदस्य हीरा ठाकुर ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। कांग्रेस में शामिल होने के बाद ठाकुर ने बीजेपी छोड़ने की वजह जातिगत जनगणना के मुद्दे को बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर पिछड़े वर्गों के साथ धोखा किया गया, जिससे वह काफी आहत हुए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में ली सदस्यता
हीरा ठाकुर ने कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, पार्टी के ओबीसी विभाग के अध्यक्ष अनिल जयहिंद और सांसद राकेश राठौर की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने उनका पार्टी में स्वागत किया। ठाकुर के कांग्रेस में शामिल होने को उत्तर प्रदेश में पिछड़े वर्ग के राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
अनिल जयहिंद ने बीजेपी पर साधा निशाना
कांग्रेस के ओबीसी विभाग के अध्यक्ष अनिल जयहिंद ने हीरा ठाकुर का स्वागत करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जातिगत जनगणना के मामले में जिस तरह ओबीसी समाज के साथ कथित तौर पर धोखा हुआ, उससे आहत होकर ठाकुर ने बीजेपी छोड़ने का फैसला किया है। जयहिंद ने बीजेपी की विचारधारा पर भी सवाल उठाते हुए ठाकुर के कांग्रेस में आने को पिछड़े वर्गों की आवाज मजबूत करने वाला कदम बताया।
कर्पूरी ठाकुर का किया जिक्र
कांग्रेस में शामिल होने के बाद हीरा ठाकुर ने जननायक कर्पूरी ठाकुर का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर देश के उन प्रमुख नेताओं में रहे, जिन्होंने पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया। ठाकुर ने कहा कि इसके बावजूद आज भी पिछड़े समाज की बड़ी आबादी अपने अधिकारों से वंचित है।
राहुल गांधी को जातिगत जनगणना पर समर्थन
हीरा ठाकुर ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की भी तारीफ की। उन्होंने जातिगत जनगणना के मुद्दे को मजबूती से उठाने के लिए राहुल गांधी को धन्यवाद दिया। ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी ने जातिगत गणना के लिए बड़ी लड़ाई लड़ी, लेकिन जब जनगणना का एजेंडा सामने आया तो पिछड़ी जातियों के हितों के साथ कथित रूप से धोखा किया गया।
जातिगत जनगणना को लेकर क्या बोले ठाकुर?
ठाकुर ने कहा कि पिछड़े वर्गों की वास्तविक स्थिति और उनकी हिस्सेदारी को समझने के लिए जातिगत आंकड़े महत्वपूर्ण हैं। उनके मुताबिक, पिछड़े समुदायों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता है। उन्होंने इसी मुद्दे को बीजेपी छोड़ने के अपने फैसले की प्रमुख वजह बताया।
12 साल तक विधान परिषद के सदस्य रहे
हीरा ठाकुर का उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबा अनुभव रहा है। वह करीब 12 वर्षों तक उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं। इसके अलावा वह उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। इस पद पर रहते हुए उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त था।
अति-पिछड़े समाज के अधिकारों की उठाते हैं आवाज
हीरा ठाकुर अति-पिछड़े समाज के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर लंबे समय से अपनी आवाज उठाते रहे हैं। वह ‘राष्ट्रीय कर्पूरी ठाकुर विचार मंच’ नामक संगठन भी चलाते हैं। संगठन के जरिए पिछड़े और अति-पिछड़े वर्गों से जुड़े सामाजिक एवं राजनीतिक मुद्दों को उठाने का काम किया जाता है।
यूपी की राजनीति में बढ़ सकती है सियासी हलचल
हीरा ठाकुर के कांग्रेस में शामिल होने से उत्तर प्रदेश की राजनीति में पिछड़े वर्गों को लेकर सियासी गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कांग्रेस इसे ओबीसी और अति-पिछड़े समाज के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के अवसर के तौर पर देख सकती है। वहीं, ठाकुर के बीजेपी छोड़ने के पीछे बताए गए कारणों को लेकर आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
Read More : Guwahati Murder Case: पत्नी की सिर कटी लाश मिली, सिर फ्रिज में छिपाने का शक; पति पर हत्या का आरोप