Moti Bagh Building Collapse : दिल्ली के मोती बाग स्थित सत्य निकेतन इलाके में चार मंजिला इमारत गिरने की घटना को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल्ली विश्वविद्यालय स्थित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के हालिया दौरे का जिक्र करते हुए छात्रों की सुरक्षा और शैक्षणिक संस्थानों के बुनियादी ढांचे पर सवाल उठाए हैं। दिपके ने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री एक बार फिर दिल्ली विश्वविद्यालय आएंगे और बताएंगे कि छात्रों की सुरक्षा से जुड़ी ऐसी घटना आखिर कैसे हुई?
पीएम मोदी के DU दौरे का किया जिक्र
अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को दिल्ली विश्वविद्यालय का दौरा किया था। उनके मुताबिक, इस दौरान राजनीतिक भाषण और ‘दिमागी नक्सल’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया, लेकिन देश के शैक्षणिक बुनियादी ढांचे की स्थिति पर अपेक्षाकृत कम चर्चा हुई। दिपके ने कहा कि प्रधानमंत्री के DU दौरे के अगले ही दिन दक्षिण कैंपस के पास एक हॉस्टल जैसी इमारत ढह गई, जिसमें छात्रों के फंसे होने की आशंका सामने आई।
छात्रों को सुरक्षित हॉस्टल और सम्मानजनक जीवन की जरूरत
दिपके ने कहा कि छात्रों को सुरक्षित कक्षाएं, सुरक्षित हॉस्टल और बुनियादी सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या छात्रों की इतनी मांग भी बहुत ज्यादा है। उन्होंने देश के आदिवासी इलाकों में सुविधाओं और सहायता की कमी का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी छात्र प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना था कि राजधानी दिल्ली में पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा भी सुनिश्चित नहीं हो पा रही है।
40 से 50 साल पुरानी बताई जा रही इमारत
जानकारी के अनुसार, सत्य निकेतन में गिरी इमारत करीब 40 से 50 साल पुरानी बताई जा रही है। शुरुआती जानकारी में करीब 40-50 लोगों के इमारत के अंदर मौजूद होने की आशंका जताई गई, जिनमें दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र भी शामिल बताए गए हैं। बताया गया कि इमारत में छात्रों के लिए पीजी संचालित किया जा रहा था। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान तत्काल शुरू कर दिया गया।
मलबे से छात्रों को निकालने का अभियान जारी
पुलिस के मुताबिक, सत्य निकेतन में इमारत गिरने की सूचना दक्षिण कैंपस पुलिस थाने को दोपहर करीब 1:34 बजे मिली। इसके बाद दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ, एमसीडी, DDMA और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह इमारत छात्रों के लिए संचालित बॉयज पीजी थी। एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, करीब पांच मंजिला इमारत को ‘Hostel Daze’ के नाम से जाना जाता था।
कई छात्रों को मलबे से सुरक्षित निकाला गया
बचाव अभियान के दौरान करीब 6-7 छात्रों को मलबे से बाहर निकाला गया और अस्पतालों में भर्ती कराया गया। एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती तीन छात्रों की हालत गंभीर बताई गई है। वहीं, हादसे में अब तक दो लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। प्रशासन और राहत दल मलबे में फंसे अन्य लोगों की तलाश में जुटे हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मौके का लिया जायजा
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD, CTS और सिविल डिफेंस की टीमें युद्धस्तर पर अभियान चला रही हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को निकालना और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है।
राहुल गांधी ने बचाव अभियान तेज करने की अपील की
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी सत्य निकेतन हादसे को बेहद दुखद और चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि मलबे में कई लोगों के फंसे होने की खबर है, जिनमें दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र भी शामिल हैं। राहुल गांधी ने NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और अन्य बचाव दलों से हर संभव प्रयास कर लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की अपील की। उन्होंने घायलों को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी की।
इमारत की सुरक्षा और निर्माण मानकों पर उठे सवाल
हादसे के बाद अब इमारत की सुरक्षा, निर्माण मानकों और उसे पीजी के रूप में इस्तेमाल किए जाने से जुड़े पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी। प्रशासन का तत्काल ध्यान बचाव कार्य और घायलों के उपचार पर है, जबकि घटना के कारणों की जांच के बाद जिम्मेदारी और सुरक्षा मानकों से जुड़े सवालों पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
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