Delhi Building Collapse : दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए भीषण इमारत हादसे ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के एक परिवार की खुशियां छीन लीं। हादसे में 20 वर्षीय छात्र युवराज सोनी की मौत हो गई। युवराज दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू कॉलेज में बीकॉम की पढ़ाई कर रहा था। वह छुट्टियां बिताने के बाद महज तीन दिन पहले ही दुर्ग से दिल्ली वापस लौटा था। हादसे की खबर सामने आते ही दुर्ग में उसके परिवार और परिचितों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।
हादसे के वक्त दोस्त से फोन पर बात कर रहा था युवराज
बताया जा रहा है कि जिस वक्त इमारत हादसा हुआ, उस समय युवराज अपने दोस्त आर्यन से मोबाइल फोन पर बातचीत कर रहा था। दोनों दोस्त बाहर घूमने जाने की योजना बना रहे थे। बातचीत के दौरान अचानक युवराज की आवाज आनी बंद हो गई। आर्यन ने फोन पर कई बार ‘हेलो-हेलो’ कहकर अपने दोस्त से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।
अचानक कट गया फोन, बढ़ी दोस्त की चिंता
करीब एक मिनट तक फोन पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद अचानक कॉल कट गई। इसके बाद आर्यन ने युवराज को दोबारा फोन किया, लेकिन उससे संपर्क नहीं हो सका। इसी दौरान उसे सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की जानकारी मिली। घटना और फोन संपर्क टूटने के बीच संबंध को लेकर चिंतित आर्यन तुरंत घटनास्थल की ओर रवाना हो गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच दोस्त तलाशता रहा युवराज
घटनास्थल पर पहुंचने के बाद आर्यन ने देखा कि इमारत के मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा था। राहत और बचाव दल लगातार मलबा हटाकर लोगों की तलाश कर रहे थे। आर्यन भी अपने दोस्त युवराज की जानकारी हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करता रहा। कई घंटे की बेचैनी और तलाश के बाद उसे युवराज की मौत की सूचना मिली।
एम्स ट्रॉमा सेंटर में मिला शव
आर्यन को बताया गया कि युवराज की मौत हो चुकी है और उसका शव एम्स ट्रॉमा सेंटर में रखा गया है। महज 20 साल की उम्र में पढ़ाई और भविष्य के सपने लेकर दिल्ली आए युवराज की अचानक हुई मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। एक सामान्य फोन कॉल के दौरान अचानक संपर्क टूटने के बाद सामने आई यह खबर उसके दोस्तों और परिचितों के लिए भी बेहद दुखद रही।
खबर मिलते ही दिल्ली रवाना हुए परिजन
युवराज की मौत की सूचना जैसे ही दुर्ग स्थित उसके परिजनों को मिली, परिवार में मातम छा गया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन तत्काल दिल्ली के लिए रवाना हो गए। परिवार के लिए यह हादसा इसलिए भी ज्यादा पीड़ादायक है क्योंकि युवराज कुछ ही दिन पहले छुट्टियां बिताकर वापस दिल्ली लौटा था और अपनी पढ़ाई तथा भविष्य को लेकर आगे बढ़ रहा था।
सत्य निकेतन हादसे में कई लोगों की जान गई
सत्य निकेतन में हुए इमारत हादसे के बाद बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया गया। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए दमकलकर्मियों और राहत टीमों ने स्थानीय लोगों की मदद से तलाशी अभियान चलाया। हादसे में अब तक कई लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
पुरानी इमारत में चल रहा था मरम्मत का काम
बताया गया कि सत्य निकेतन नाम की पुरानी इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था। इमारत के बेसमेंट में पानी भरा होने की भी जानकारी सामने आई। इसी दौरान एक पिलर को नुकसान पहुंचने के बाद इमारत का हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के बाद वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोग मलबे में दब गए। बताया जा रहा है कि इस इलाके में कॉलेज के कई छात्र पीजी के तौर पर रहकर पढ़ाई करते हैं। युवराज की मौत ने ऐसे छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
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