Kolkata Police : कोलकाता में पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आपातकालीन प्रतिक्रिया और नियमित पेट्रोलिंग व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। कोलकाता पुलिस के बेड़े में अब 51 नए वाहन शामिल किए गए हैं। सोमवार को लालबाजार स्थित कोलकाता पुलिस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एक निजी ऑटोमोबाइल कंपनी की ओर से पुलिस विभाग को 50 मोटरसाइकिल और एक चार पहिया वाहन सौंपा गया। इस मौके पर राज्य के परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह, कोलकाता पुलिस आयुक्त और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
हरी झंडी दिखाकर पुलिस सेवा में शामिल हुए वाहन
कार्यक्रम के दौरान नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर औपचारिक रूप से पुलिस सेवा में शामिल किया गया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने नए वाहनों के साथ जागरूकता रैली भी निकाली। अधिकारियों का मानना है कि नए वाहनों के मिलने से महानगर में पुलिस की मौजूदगी और निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकेगा। खासकर ऐसे इलाकों में इनका इस्तेमाल उपयोगी होगा, जहां यातायात का दबाव अधिक रहता है।
संकरी गलियों में बाइक से पहुंचेगी पुलिस
कोलकाता की घनी आबादी और कई इलाकों की संकरी सड़कों को देखते हुए मोटरसाइकिलों को पुलिसिंग के लिए बेहद उपयोगी माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में बाइक के जरिए पुलिसकर्मी चार पहिया वाहनों की तुलना में तेजी से घटनास्थल तक पहुंच सकते हैं। इससे पेट्रोलिंग के साथ-साथ किसी आपात स्थिति में शुरुआती प्रतिक्रिया का समय कम करने में मदद मिल सकती है।
QRT और स्थानीय पुलिसिंग को मिलेगा फायदा
नई मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल क्विक रिस्पॉन्स टीम यानी QRT, नियमित पेट्रोलिंग और स्थानीय पुलिसिंग में किया जा सकता है। इसके अलावा संवेदनशील इलाकों, अलग-अलग ट्रैफिक गार्ड, वायरलेस विंग और पुलिस थानों की निगरानी व्यवस्था में भी इन वाहनों का उपयोग किया जा सकता है। नए संसाधनों के जरिए पुलिस की फील्ड मौजूदगी बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर तेजी से कार्रवाई करने का लक्ष्य रखा गया है।
आपात स्थिति में शुरुआती मिनट महत्वपूर्ण
कार्यक्रम में परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय में तेज और आसानी से आवाजाही करने वाले वाहन पुलिसकर्मियों को कम समय में मौके तक पहुंचने में मदद कर सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई मोटरसाइकिलों से महानगर में इमरजेंसी रिस्पॉन्स और निगरानी व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
VIP काफिलों में पायलट बाइक का सुझाव
कार्यक्रम के दौरान परिवहन मंत्री ने VIP काफिलों को लेकर भी एक प्रस्ताव सामने रखा। उन्होंने कोलकाता पुलिस आयुक्त से कहा कि भविष्य में VIP मूवमेंट के दौरान पायलट कार की जगह प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों द्वारा संचालित पायलट बाइक के इस्तेमाल पर विचार किया जा सकता है। उनका तर्क था कि कोलकाता जैसे व्यस्त शहर में बड़े वाहनों के कारण कई बार यातायात पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
ट्रैफिक दबाव कम करने में मिल सकती है मदद
अर्जुन सिंह के अनुसार, मोटरसाइकिल कम जगह घेरती है और भीड़भाड़ तथा संकरी सड़कों पर अपेक्षाकृत आसानी से आगे बढ़ सकती है। ऐसे में VIP काफिले के लिए रास्ता तैयार करने के दौरान आम यातायात पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में बाइक उपयोगी हो सकती है। हालांकि, यह प्रस्ताव फिलहाल सुझाव के स्तर पर है और इस पर अंतिम निर्णय संबंधित सुरक्षा मूल्यांकन के बाद ही लिया जाएगा।
सुरक्षा मानकों का होगा मूल्यांकन
VIP सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी बदलाव के लिए सुरक्षा मानकों, ट्रैफिक प्रबंधन और तकनीकी पहलुओं का विस्तृत मूल्यांकन जरूरी होगा। पुलिस प्रशासन इन सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही पायलट बाइक को लेकर आगे की व्यवस्था तय करेगा। फिलहाल 51 नए वाहनों का शामिल होना कोलकाता पुलिस की पेट्रोलिंग, निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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