Durga Puja 2026 : पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा 2026 को लेकर प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस बार महाष्टमी के दिन राज्य में शराब की बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसके अलावा पूजा पंडालों और प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे साउंड सिस्टम बजाने पर भी प्रतिबंध रहेगा। सरकार ने धार्मिक भावनाओं, यातायात व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूजा समितियों के लिए कई नियम तय किए हैं।
महाष्टमी पर शराब की बिक्री पूरी तरह बंद
महाष्टमी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं और पुष्पांजलि को ध्यान में रखते हुए शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इस दौरान शराब की दुकानों के साथ होटल, रेस्तरां और बार में भी शराब परोसने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आबकारी विभाग की ओर से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पूजा की थीम को लेकर भी सख्त निर्देश
दुर्गा पूजा समितियों को पंडाल और प्रतिमा से जुड़े विषयों को लेकर भी सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मूर्ति निर्माण, मंडप की सजावट या किसी भी तरह की ऐसी थीम इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी, जिससे किसी व्यक्ति या समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है। समितियों से जिम्मेदारी के साथ आयोजन करने की अपील की गई है।
पूजा समितियों को मिलेगी एक लाख रुपये की सहायता
दुर्गा पूजा से पहले राज्य की प्रत्येक दुर्गा पूजा समिति को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के अनुसार, प्रत्येक समिति को एक लाख रुपये की वित्तीय मदद दी जाएगी। हालांकि, बड़े बजट में पूजा आयोजित करने वाली समितियों से सरकार की इस सहायता को लेने से बचने की अपील की गई है।सरकार की ओर से कहा गया है कि जिन पूजा समितियों के पास आयोजन के लिए पर्याप्त आर्थिक संसाधन मौजूद हैं, वे सरकारी सहायता का लाभ न लें। इससे सीमित सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल उन छोटी पूजा समितियों के लिए किया जा सकेगा, जिन्हें आयोजन के लिए आर्थिक मदद की अधिक आवश्यकता है।
सड़कों और यातायात व्यवस्था पर विशेष निगरानी
त्योहार के दौरान शहरों में यातायात व्यवस्था बनाए रखने और जरूरी सेवाओं को सुचारू रखने के लिए भी कई नियम लागू किए गए हैं। देवी पक्ष या मातृ पक्ष की शुरुआत से पहले किसी भी पूजा मंडप का उद्घाटन नहीं किया जा सकेगा। प्रशासन की अनुमति के बिना निर्धारित समय से पहले पंडालों का उद्घाटन करने की अनुमति नहीं होगी।राष्ट्रीय राजमार्गों और व्यस्त सड़कों को अवरुद्ध करने वाले पूजा पंडालों के निर्माण पर पूरी तरह रोक रहेगी। खासतौर पर कोलकाता में रेड रोड और कैथेड्रल रोड समेत 13 प्रमुख सड़कों पर पंडाल निर्माण और सड़क अवरोधन को लेकर कड़े नियम लागू किए जाएंगे। इसका उद्देश्य पूजा के दौरान यातायात को व्यवस्थित रखना है।
पूजा और विसर्जन जुलूस में डीजे रहेगा बंद
सरकार ने दुर्गा पूजा और प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे साउंड सिस्टम के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। पूजा पंडालों के साथ-साथ विसर्जन जुलूस में भी डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन का यह कदम सार्वजनिक व्यवस्था और लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।प्रतिमा विसर्जन को लेकर भी सरकार ने स्पष्ट समय सीमा निर्धारित की है। सभी दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन कोजागरी लक्ष्मी पूजा से एक दिन पहले तय समय सीमा के भीतर पूरा करना होगा। विसर्जन की निर्धारित तारीख को किसी तरह के दबाव, धमकी या जबरन तरीके से बदलने की अनुमति नहीं होगी।
नई पूजा समितियों पर नहीं होगा अतिरिक्त प्रतिबंध
नई दुर्गा पूजा समितियों के गठन या उनके अनुमोदन को लेकर कोई अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने की बात नहीं कही गई है। हालांकि, इस साल उत्सव के आयोजन को लेकर सरकार की ओर से अलग-अलग दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इन सभी नियमों का उद्देश्य धार्मिक आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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