CG High Court: : रायपुर में सोमवार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के नए मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र ने पद की शपथ ली। ओडिशा हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश रहे कृष्ण राम महापात्र को राज्यपाल रमेन डेका ने लोक भवन में आयोजित औपचारिक समारोह में शपथ दिलाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, वरिष्ठ मंत्रिमंडल के सदस्य, राज्य सरकार के अधिकारी और न्यायिक क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
राज्यपाल रमेन डेका ने दिलाई पद की शपथ
शपथ ग्रहण समारोह लोक भवन में आयोजित किया गया, जहां राज्यपाल रमेन डेका ने न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की शपथ दिलाई। शपथ लेने के बाद उन्होंने संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन की जिम्मेदारी संभाली। समारोह में मौजूद अतिथियों ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। न्यायमूर्ति महापात्र के मुख्य न्यायाधीश बनने के साथ ही हाईकोर्ट के प्रशासनिक नेतृत्व में बदलाव हुआ है।
1965 में हुआ था न्यायमूर्ति महापात्र का जन्म
न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र का जन्म 18 अप्रैल 1965 को हुआ था। उन्होंने बीए एलएलबी की शिक्षा हासिल की। इसके बाद फरवरी 1988 में उन्होंने ओडिशा राज्य बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में अपना पंजीकरण कराया। कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने लंबे समय तक वकालत की और न्यायिक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई।
26 साल तक विभिन्न क्षेत्रों में की वकालत
न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र को दीवानी, आपराधिक, सेवा और संवैधानिक मामलों में व्यापक अनुभव प्राप्त है। उन्होंने करीब 26 वर्षों तक अलग-अलग कानूनी मामलों में अधिवक्ता के तौर पर काम किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न प्रकार के महत्वपूर्ण मामलों में पक्ष रखा और कानूनी क्षेत्र में लंबा अनुभव हासिल किया। उनकी विशेषज्ञता और अनुभव को देखते हुए उन्हें आगे न्यायिक जिम्मेदारी मिली।

ओडिशा सरकार के अतिरिक्त स्थायी वकील रहे
न्यायमूर्ति महापात्र ने ओडिशा राज्य और ओडिशा लोक सेवा आयोग के लिए अतिरिक्त स्थायी वकील के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। इसके अलावा उन्होंने कई महत्वपूर्ण सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों का न्यायालय में प्रतिनिधित्व किया। इनमें केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड, क्योंझर, नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड, बैंक ऑफ बड़ौदा और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय संस्थान जैसे संस्थान शामिल रहे।

2015 में ओडिशा हाईकोर्ट के न्यायाधीश बने
न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र को 17 अप्रैल 2015 को ओडिशा हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था। न्यायाधीश के रूप में उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई की। लंबे न्यायिक अनुभव के बाद अब उन्हें छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी नियुक्ति को हाईकोर्ट के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

रमेश सिन्हा के बाद खाली हुआ था पद
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पद पूर्व मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा के 4 सितंबर को सेवानिवृत्त होने के बाद रिक्त हुआ था। इसके बाद न्यायमूर्ति संजय कुमार अग्रवाल ने 5 सितंबर से कुछ समय के लिए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। अब न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र की नियुक्ति के बाद हाईकोर्ट को स्थायी मुख्य न्यायाधीश मिल गया है।

न्यायमूर्ति महापात्र के सामने नई जिम्मेदारी
मुख्य न्यायाधीश के तौर पर न्यायमूर्ति कृष्ण राम महापात्र के सामने न्यायिक प्रशासन को प्रभावी ढंग से संचालित करने के साथ लंबित मामलों के निपटारे जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां रहेंगी। उनके लंबे न्यायिक और कानूनी अनुभव से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के कामकाज को लाभ मिलने की उम्मीद है। सोमवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह के साथ उन्होंने औपचारिक रूप से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पदभार संभाल लिया।
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