Surguja News: सरगुजा जिले के दरिमा थाना क्षेत्र में हुई करीब दो लाख रुपये की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस डॉग कोका ने अहम भूमिका निभाई। घटनास्थल से मिले एक कपड़े को सूंघने के बाद कोका ने संदिग्धों के घर तक पहुंचकर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग दिया। इसके आधार पर पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान दोनों ने दुकान में चोरी करने की बात स्वीकार कर ली। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने कुल 2 लाख 8 हजार 580 रुपये नकद बरामद किए हैं।
दुकान से नकदी और DVR हुआ था चोरी
पुलिस के मुताबिक ग्राम मोतीपुर भाठापारा निवासी सुरेश महाजन 4 सितंबर को किसी काम से गुमला, झारखंड गए थे। अगले दिन 5 सितंबर को जब वह वापस लौटे तो दुकान का सामान अस्त-व्यस्त मिला। जांच करने पर दुकान में लगा डीवीआर और करीब दो लाख रुपये की नकदी गायब मिली। इसके बाद उन्होंने दरिमा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 205/26 के तहत बीएनएस की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए घटनास्थल से साक्ष्य
चोरी की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल ने पुलिस अधिकारियों को जल्द आरोपियों तक पहुंचने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच शुरू की। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया और वहां मौजूद संभावित साक्ष्यों को सुरक्षित किया गया। जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से एक कपड़ा मिला, जिसे आरोपियों तक पहुंचने के लिए अहम सुराग माना गया।
कपड़े की गंध से संदिग्धों तक पहुंचा कोका
पुलिस डॉग कोका को उसके हैंडलर आरक्षक कुलेश्वर साहू और नीरज वर्मा की मदद से घटनास्थल पर ले जाया गया। वहां मिले कपड़े को सूंघने के बाद कोका ने गंध का पीछा करना शुरू किया। पुलिस के अनुसार डॉग सीधे संदिग्धों के घर तक पहुंच गया। इसके बाद पुलिस टीम ने दोनों संदिग्धों को हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ शुरू की। पुलिस की पूछताछ में मामले की परतें खुलने लगीं।
सिद्धार्थ और कबीर ने कबूली चोरी
पूछताछ के दौरान सिद्धार्थ निषाद उर्फ रानू और कबीर दास उर्फ विक्की ने मिलकर चोरी करने की बात स्वीकार की। पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी पहले प्रार्थी की कपड़े की दुकान पर काम कर चुके थे। दुकान और वहां रखी नकदी के संबंध में उन्हें जानकारी थी। इसी जानकारी का फायदा उठाकर दोनों ने चोरी की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया।
पहले भी दुकान में काम कर चुके थे आरोपी
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के पुराने संबंधों के बारे में भी जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार सिद्धार्थ उर्फ रानू को वर्ष 2023 में चोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था और न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। इसके बाद उसे दुकान से निकाल दिया गया था। वहीं कबीर दास उर्फ विक्की को भी रक्षाबंधन के समय दुकान से हटा दिया गया था। पुलिस के मुताबिक दोनों ने काफी पहले से चोरी की साजिश तैयार कर रखी थी।
DVR तोड़कर नदी में फेंका
पुलिस के अनुसार चोरी के दौरान दोनों आरोपियों ने दुकान में लगे डीवीआर को भी तोड़ दिया था। उन्होंने डीवीआर को कई टुकड़ों में तोड़कर बेलखरिखा नदी में फेंक दिया, ताकि दुकान में लगे कैमरों से कोई सुराग पुलिस के हाथ न लग सके। हालांकि, घटनास्थल से मिले कपड़े और पुलिस डॉग कोका की मदद से जांच आगे बढ़ी और पुलिस संदिग्धों तक पहुंचने में सफल रही।
आरोपियों से 2 लाख 8 हजार 580 रुपये बरामद
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही और उनके कब्जे से कुल 2 लाख 8 हजार 580 रुपये नकद बरामद किए। यह रकम चोरी की बताई गई राशि से अधिक है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और पहले भी अपराधों में संलिप्त रहे हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
कोका और डॉग स्क्वाड को मिलेगा इनाम
चोरी की गुत्थी सुलझाने में पुलिस डॉग कोका और उसके हैंडलर्स की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आने के बाद डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा ने डॉग स्क्वाड की सराहना की। टीम का उत्साह बढ़ाने के लिए इनाम देने की घोषणा भी की गई है। इस कार्रवाई में प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक निशांत गौरव कुर्रे, उप निरीक्षक सत्येंद्र सिंह, प्रशिक्षु उप निरीक्षक देव सिंह, सहायक उप निरीक्षक मनोज सिंह सहित आरक्षक अखलेश यादव, मकर ध्वज, सुरेश यादव, भूपेंद्र सिंह और रंजीत गुप्ता की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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