Ambikapur News : अंबिकापुर विकासखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दरिमा में सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराए जाने का मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष अनिल पाण्डेय ने स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत प्राप्त राशि के खर्च से जुड़ी जानकारी के लिए मई 2026 में RTI आवेदन लगाया था। आरोप है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत राशि जमा करने के बावजूद अब तक पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। मामले में आवेदक ने प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सरगुजा के समक्ष अपील कर कार्रवाई की मांग की है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की राशि के खर्च का मांगा था ब्यौरा
अनिल पाण्डेय ने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत ROP के अनुसार शासन से उपलब्ध कराई गई राशि के खर्च का पूरा ब्यौरा मांगा था। इसके अलावा जीवन दीप समिति के बैंक स्टेटमेंट, ROP के विरुद्ध खर्च की गई राशि के लिए अपनाई गई प्रक्रिया तथा भुगतान से संबंधित सभी दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां भी RTI के माध्यम से मांगी गई थीं।

RTI के बाद अधिकारियों से शिकायत का आरोप
आवेदक का आरोप है कि RTI आवेदन लगाए जाने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दरिमा के BMO डॉ. राहुल कुशवाहा द्वारा कलेक्टर सरगुजा सहित स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को अनिल पाण्डेय और संगठन के पदाधिकारियों के संबंध में शिकायत की गई। आवेदक ने इसे RTI के माध्यम से मांगी गई जानकारी को रोकने के लिए दबाव बनाने का प्रयास बताया है। हालांकि, आवेदक का कहना है कि वह किसी दबाव में नहीं आए और जानकारी प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी रखी।
पहले 52 हजार रुपये का चालान बताया, अवलोकन के बाद 28 हजार जमा
आवेदक के मुताबिक, RTI अधिनियम में निर्धारित समय सीमा समाप्त होने से कुछ दिन पहले BMO कार्यालय की ओर से पत्राचार कर करीब 52 हजार रुपये का चालान जमा करने की जानकारी दी गई। अधिक राशि होने के कारण आवेदक ने पहले संबंधित दस्तावेजों का अवलोकन करने का आग्रह किया।
इसके बाद कार्यालय द्वारा निर्धारित समय पर दस्तावेजों का अवलोकन कराया गया। आवेदक ने आवश्यक दस्तावेज चिन्हित करते हुए उनकी प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने का आग्रह किया। इसके बाद नियमानुसार करीब 28 हजार रुपये जमा कराने की जानकारी दी गई।

राशि जमा करने के बाद भी नहीं मिली जानकारी
आवेदक का आरोप है कि निर्धारित राशि 28 हजार रुपये जमा करने के बावजूद अब तक मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। उनका कहना है कि RTI अधिनियम के तहत निर्धारित समय सीमा के साथ-साथ अतिरिक्त समय भी बीत चुका है, लेकिन संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।
प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष पहुंचा मामला
जानकारी नहीं मिलने के बाद अनिल पाण्डेय ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सरगुजा, जो प्रथम अपीलीय अधिकारी हैं, के समक्ष नियमानुसार प्रथम अपील प्रस्तुत की है। अपील में मांगी गई समस्त जानकारी उपलब्ध कराने के साथ ही RTI अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने के आरोप में जिम्मेदार अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।
अब प्रथम अपील पर कार्रवाई का इंतजार
मामले में अब नजर प्रथम अपीलीय अधिकारी की कार्रवाई पर है। आवेदक का कहना है कि सूचना के अधिकार का उद्देश्य आम नागरिक को सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। ऐसे में निर्धारित प्रक्रिया के तहत राशि जमा करने के बाद भी जानकारी नहीं मिलना गंभीर विषय है।

