Jharkhand SIR : झारखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान जमशेदपुर की मतदाता सूची को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान तीन ऐसे लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनके अफगानिस्तान के नागरिक होने का संदेह जताया गया है। मामला सामने आने के बाद पूर्वी सिंहभूम के जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने इसकी विस्तृत जांच के लिए एक समिति गठित कर दी है। अधिकारियों की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि इन लोगों के नाम मतदाता सूची में किस प्रक्रिया के तहत शामिल हुए।
गणना प्रपत्रों के सत्यापन में सामने आया मामला
झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार के मुताबिक, SIR के तहत प्राप्त गणना प्रपत्रों की जांच और सत्यापन के दौरान तीन संदिग्ध मामले सामने आए। इन मामलों में ऐसे व्यक्तियों के नाम पाए गए, जिनकी नागरिकता को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। अब निर्वाचन अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि इन नामों को ड्राफ्ट मतदाता सूची में किस तरह शामिल किया गया और आवेदन के साथ कौन-कौन से दस्तावेज जमा किए गए थे।
फर्जी दस्तावेजों की भी होगी जांच
जांच समिति यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए कथित तौर पर किसी फर्जी या गलत दस्तावेज का इस्तेमाल किया गया था या नहीं। इसके अलावा अधिकारियों की नजर इस बात पर भी है कि संबंधित व्यक्तियों ने आवेदन में किस व्यक्ति को अपना रिश्तेदार बताया था। जांच के जरिए यह स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि पूरा मामला व्यक्तिगत स्तर पर हुआ या इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति अथवा नेटवर्क की भूमिका भी थी।
पासपोर्ट की जांच से बढ़ा संदेह
पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी राजीव रंजन ने बताया कि सत्यापन के दौरान तीनों व्यक्तियों के पासपोर्ट जांच के लिए पासपोर्ट कार्यालय भेजे गए थे। जांच के दौरान अधिकारियों को संदेह हुआ कि तीनों व्यक्ति अफगानिस्तान के नागरिक हो सकते हैं। इनमें से एक व्यक्ति का पासपोर्ट पहले ही रद्द किया जा चुका है, जबकि अन्य दो पासपोर्ट से संबंधित प्रक्रिया अभी जारी बताई गई है। जांच पूरी होने के बाद नागरिकता और दस्तावेजों की स्थिति और स्पष्ट होगी।
SIR में केवल भारतीय नागरिकों को शामिल किया जाता है
निर्वाचन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया भारतीय नागरिकों के लिए है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने में असमर्थ रहता है या जांच के दौरान उसके दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, संबंधित तीन मामलों में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
झारखंड में लाखों नाम ड्राफ्ट सूची से हटे
गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग ने 5 अगस्त को झारखंड की ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की थी। SIR शुरू होने से पहले राज्य में करीब 2.64 करोड़ मतदाता दर्ज थे, जबकि ड्राफ्ट सूची में लगभग 2.21 करोड़ मतदाताओं को शामिल किया गया। पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान 43.61 लाख से अधिक नाम हटाए गए हैं। इस बड़े बदलाव के बाद मतदाता सूची की शुद्धता और सत्यापन को लेकर भी चर्चा तेज हुई है।
15 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे मतदाता
झारखंड में SIR के तहत गणना प्रक्रिया 30 जून से 29 जुलाई तक पूरी की गई थी। इसके बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित कर दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया है। निर्वाचन आयोग ने दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 15 सितंबर कर दी है। इसके बाद प्राप्त आपत्तियों और दावों की जांच की जाएगी।
19 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के बाद झारखंड की संशोधित अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी। जमशेदपुर में सामने आए तीन संदिग्ध मामलों की जांच भी इसी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर यदि किसी तरह की अनियमितता या फर्जीवाड़ा सामने आता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच समिति की रिपोर्ट का इंतजार है।
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