Raipur Ganesh Idol Controversy : रायपुर में गणेशोत्सव से पहले भगवान गणेश की प्रतिमाओं के स्वरूप को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शहर में छह ऐसी गणेश प्रतिमाएं सामने आने की बात कही जा रही है, जिनमें भगवान गणेश को अलग-अलग पैक्स और डायनासोर जैसे आधुनिक स्वरूपों के साथ दिखाया गया है। इन प्रतिमाओं को लेकर कुछ हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई है और धार्मिक मान्यताओं एवं परंपराओं का पालन करने की मांग की है।
हिंदू संगठनों ने जताई नाराजगी
हिंदू संगठनों का कहना है कि गणेश प्रतिमा केवल सजावट या आकर्षण का माध्यम नहीं है, बल्कि यह श्रद्धा और धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय है। संगठनों ने प्रतिमाओं के स्वरूप को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि गणेशोत्सव के दौरान मूर्तियां बनाते समय धार्मिक भावनाओं और परंपराओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
छह प्रतिमाओं को लेकर उठे सवाल
विवाद का केंद्र रायपुर में सामने आईं छह गणेश प्रतिमाएं हैं। इनमें भगवान गणेश के पारंपरिक स्वरूप के बजाय पैक्स और डायनासोर जैसे रूपों के साथ प्रतिमाओं को तैयार किए जाने पर सवाल उठाए गए हैं। संगठनों का कहना है कि आधुनिक प्रयोगों के नाम पर देवी-देवताओं के पारंपरिक स्वरूप में इस तरह के बदलाव से श्रद्धालुओं की भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
धार्मिक परंपराओं के पालन की मांग
आपत्ति जताने वाले संगठनों ने मूर्ति निर्माताओं और गणेश उत्सव समितियों से आग्रह किया है कि वे प्रतिमाएं तैयार करते समय हिंदू धर्म की मान्यताओं और परंपराओं को प्राथमिकता दें। उनका कहना है कि त्योहार की भव्यता बढ़ाने के लिए नए प्रयोग किए जा सकते हैं, लेकिन धार्मिक प्रतीकों और आराध्य देवताओं के स्वरूप को लेकर संवेदनशीलता जरूरी है।
आंदोलन की चेतावनी से बढ़ी हलचल
हिंदू संगठनों ने मामले में जल्द उचित कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं को नजरअंदाज कर इसी तरह की प्रतिमाएं तैयार की जाती रहीं तो वे आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं। इस चेतावनी के बाद स्थानीय स्तर पर मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा भी तेज हो गई है।
पहले भी AI और कार्टून प्रतिमाओं पर हुआ था विवाद
रायपुर में गणेश प्रतिमाओं के आधुनिक स्वरूप को लेकर इससे पहले भी विवाद सामने आ चुके हैं। पिछले साल AI आधारित गणेश प्रतिमाओं को लेकर आपत्तियां उठी थीं और पारंपरिक स्वरूप की मूर्तियों की मांग को लेकर चर्चा हुई थी। हालिया घटनाक्रम को उसी बहस के अगले चरण के रूप में देखा जा रहा है।
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
विरोध करने वाले संगठनों की ओर से प्रशासन से भी मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि गणेशोत्सव जैसे धार्मिक आयोजन के दौरान ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए, जिससे किसी समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हों। साथ ही आयोजकों और मूर्तिकारों के बीच संवाद स्थापित कर विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
गणेशोत्सव से पहले बढ़ी निगरानी
गणेशोत्सव को लेकर रायपुर में तैयारियां तेज हैं और अलग-अलग इलाकों में प्रतिमाएं स्थापित करने की तैयारी चल रही है। ऐसे में प्रतिमाओं के स्वरूप को लेकर उठे विवाद ने आयोजकों और प्रशासन का ध्यान भी आकर्षित किया है। अब देखना होगा कि संबंधित पक्ष इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और विवादित प्रतिमाओं को लेकर आगे क्या निर्णय होता है।
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