CG Excise SI Suspended : छत्तीसगढ़ में शराब दुकानों पर निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूलने के मामलों को आबकारी विभाग ने गंभीरता से लिया है। बिलासपुर और राजनांदगांव में सामने आए दो अलग-अलग मामलों में विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो आबकारी उप निरीक्षकों को निलंबित कर दिया है। आबकारी आयुक्त पीएस एल्मा ने यह कार्रवाई स्टेट फ्लाइंग स्क्वॉड की डिकॉय जांच में ओवरप्राइसिंग की पुष्टि होने के बाद की है।
सेल्समैन के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत केस
दोनों मामलों में संबंधित शराब दुकानों के सेल्समैन के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। जांच में शराब की बोतलों या पाव की निर्धारित कीमत से अधिक राशि ग्राहकों से लेने की पुष्टि हुई थी। विभाग ने केवल सेल्समैन पर कार्रवाई नहीं की, बल्कि दुकानों की निगरानी में लापरवाही बरतने वाले आबकारी अधिकारियों को भी जिम्मेदार माना है।
निगरानी में लापरवाही पर अधिकारियों पर गिरी गाज
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया कि शराब दुकानों की नियमित निगरानी संबंधित क्षेत्र के आबकारी उप निरीक्षकों की जिम्मेदारी होती है। डिकॉय कार्रवाई में ओवरप्राइसिंग सामने आने के बाद विभाग ने माना कि निगरानी व्यवस्था में कमी रही। इसी आधार पर बिलासपुर और राजनांदगांव में तैनात दोनों आबकारी उप निरीक्षकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।
राजनांदगांव में दो बार भेजा गया डिकॉय ग्राहक
राजनांदगांव जिले के खुज्जी स्थित कंपोजिट शराब दुकान में 3 सितंबर को स्टेट फ्लाइंग स्क्वॉड ने जांच की। टीम ने ओवरप्राइसिंग की वास्तविक स्थिति पता करने के लिए दुकान पर दो बार डिकॉय ग्राहक भेजे। इस कार्रवाई के दौरान निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बेचने की पुष्टि हुई। इसके बाद दुकान के सेल्समैन होरीलाल देवांगन के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 39 (ग) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
तुलसीश्वरी देवांगन निलंबित, दो अधिकारियों को नोटिस
राजनांदगांव मामले में दुकान की निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहीं आबकारी उप निरीक्षक तुलसीश्वरी देवांगन को निलंबित किया गया है। विभाग ने निगरानी में लापरवाही को कार्रवाई का आधार बनाया। इसके साथ ही जिला आबकारी अधिकारी राजेश शर्मा और सहायक जिला आबकारी अधिकारी संदीप साहरे को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। दोनों अधिकारियों से सात दिनों के भीतर अपना जवाब देने को कहा गया है।
बिलासपुर में 40 रुपये अधिक वसूलने का खुलासा
बिलासपुर के तिफरा स्थित कंपोजिट शराब दुकान में भी स्टेट लेवल फ्लाइंग स्क्वॉड ने डिकॉय कार्रवाई की थी। यह जांच 20 अगस्त को की गई। टीम द्वारा भेजे गए डिकॉय ग्राहक से दुकान के सेल्समैन ने निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूली। जांच में सामने आया कि 12 पाव देशी शराब की तय कीमत 960 रुपये थी, लेकिन ग्राहक से इसके बदले 1000 रुपये लिए गए।
धर्मेंद्र शुक्ला पर कमजोर नियंत्रण का आरोप
बिलासपुर मामले में दुकान की निगरानी की जिम्मेदारी संभाल रहे आबकारी उप निरीक्षक धर्मेंद्र शुक्ला के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। विभाग ने माना कि उनके क्षेत्र में शराब दुकान की निगरानी और नियंत्रण प्रभावी नहीं रहा। इसी लापरवाही के चलते उन्हें निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई से विभाग ने संकेत दिया है कि शराब दुकानों में तय कीमत से अधिक वसूली मिलने पर निगरानी अधिकारियों को भी जवाबदेह बनाया जाएगा।
ओवरप्राइसिंग रोकने के लिए सख्ती का संदेश
आबकारी विभाग की इस कार्रवाई को शराब दुकानों में निर्धारित दरों के पालन को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। डिकॉय जांच के जरिए वास्तविक बिक्री व्यवस्था की निगरानी की गई और अनियमितता सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की गई। विभाग की कार्रवाई से सेल्समैन के साथ-साथ निगरानी अधिकारियों में भी जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।
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