Sagar Liquor Case : मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है। दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 40 पीड़ितों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इनमें तीन मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा हुआ है।
दुबई से लौटते ही सागर पहुंचे मुख्यमंत्री
दुबई से लौटने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव बुधवार को सागर पहुंचे और खुद पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की और हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इतनी गंभीर घटना की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि वास्तविक जिम्मेदार लोगों की पहचान हो सके और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
न्यायिक जांच के आदेश से तय होगी जवाबदेही
मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य हादसे के कारणों और प्रशासनिक स्तर पर हुई संभावित लापरवाही की पड़ताल करना है। जांच के दौरान यह भी सामने आएगा कि अवैध शराब का नेटवर्क किस तरह संचालित हो रहा था और संबंधित विभागों ने समय रहते इसे रोकने के लिए क्या कार्रवाई की थी।
सागर में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल
जहरीली शराब कांड के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा बदलाव किया है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दिलीप कुमार को सागर संभाग का नया कमिश्नर नियुक्त किया गया है। वहीं वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी इरशाद वली को सागर रेंज का नया आईजी बनाया गया है। इन नियुक्तियों को सरकार की ओर से व्यवस्था मजबूत करने और मामले की निगरानी बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
गंभीर मामलों में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि गंभीर मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सागर की घटना के बाद तीन आबकारी अधिकारियों और दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। सरकार का कहना है कि जिम्मेदारी तय होने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इलाज के दौरान दो और पीड़ितों की मौत
पुलिस के मुताबिक, बांदा तहसील में हुई इस जहरीली शराब त्रासदी में मंगलवार को दो और लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके साथ ही हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई। लगातार मौतों से प्रभावित परिवारों में गहरा आक्रोश और चिंता है। अस्पतालों में भर्ती अन्य मरीजों के उपचार पर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है।
अवैध शराब नेटवर्क से जुड़े आरोपी की भी मौत
मृतकों में एक ऐसा व्यक्ति भी शामिल बताया गया है, जिसे पुलिस अवैध शराब के नेटवर्क से जुड़ा आरोपी मान रही थी। इस घटनाक्रम ने मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जहरीली शराब कहां तैयार हुई, इसे किन लोगों ने सप्लाई किया और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे।
30 आरोपियों में 14 गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में कुल 30 आरोपियों की पहचान की है, जिनमें से अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बाकी आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। जांच एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर अवैध शराब की सप्लाई और वितरण से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। प्रशासन की कार्रवाई के बीच अब न्यायिक जांच से पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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