सरगुजा संभाग के सैकड़ों शिक्षकों ने TET के आधार पर पदोन्नति से वंचित न करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के नाम संयुक्त संचालक को ज्ञापन सौंपा।
सरगुजा संभाग के सैकड़ों शिक्षकों ने TET के आधार पर पदोन्नति से वंचित न करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के नाम संयुक्त संचालक को ज्ञापन सौंपा।

Ambikapur News : सरगुजा संभाग में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के आधार पर पदोन्नति से वंचित किए जाने के मुद्दे को लेकर शिक्षकों ने मोर्चा खोल दिया है। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के बैनर तले संभागभर के बड़ी संख्या में शिक्षक गुरुवार को संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग अंबिकापुर के कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि TET उत्तीर्ण नहीं होने के आधार पर वरिष्ठ शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 से पहले पदोन्नति से वंचित न किया जाए।


शिक्षकों ने अपने अभ्यावेदन में कहा है कि उनकी नियुक्ति के समय शिक्षक पात्रता परीक्षा की व्यवस्था लागू नहीं थी। साथ ही विभाग की ओर से उन्हें कभी TET उत्तीर्ण करने के लिए निर्देशित भी नहीं किया गया। ऐसे में अब अचानक TET को पदोन्नति की प्रक्रिया से जोड़ना उन शिक्षकों के लिए अन्यायपूर्ण है, जिन्होंने वर्षों तक विभाग में अपनी सेवाएं दी हैं।

फेडरेशन के सरगुजा जिलाध्यक्ष संदीप कुमार पाण्डेय ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में आया और अप्रैल 2010 से लागू हुआ। इसके बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा की व्यवस्था अस्तित्व में आई। ऐसे में बाद में लागू हुए प्रावधान को पूर्व में नियुक्त शिक्षकों पर लागू कर उन्हें पदोन्नति से रोकना उचित नहीं है।
शिक्षकों ने अपने ज्ञापन में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी उल्लेख किया है। उनका कहना है कि शिक्षकों को TET उत्तीर्ण करने के लिए 31 अगस्त 2028 तक का समय दिया गया है। इसलिए इस अवधि से पहले केवल TET उत्तीर्ण नहीं होने के आधार पर किसी वरिष्ठ शिक्षक को पदोन्नति से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
संदीप पाण्डेय ने कहा कि यदि शिक्षकों को TET उत्तीर्ण करने के लिए निर्धारित समय दिया गया है, तो उससे पहले पदोन्नति रोकना उनके सेवा अधिकार, अनुभव और वरिष्ठता को प्रभावित करेगा। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के तहत समानता और समान अवसर के अधिकार का भी हवाला दिया।

फेडरेशन ने सरकार से मांग की है कि 31 अगस्त 2028 तक शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए। वैकल्पिक रूप से राज्य सरकार विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित कर सभी संबंधित शिक्षकों को परीक्षा उत्तीर्ण करने का पर्याप्त अवसर दे।
जशपुर जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि शिक्षकों की सेवा शर्तों, संविलियन और विभाग द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों में TET की अनिवार्यता का उल्लेख नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि बिना पूर्व सूचना और पर्याप्त अवसर दिए TET के आधार पर पदोन्नति रोकना शिक्षकों की सेवा, अनुभव और वरिष्ठता के साथ न्याय नहीं है।
ज्ञापन कार्यक्रम में फेडरेशन के प्रदेश महासचिव टिकेश्वर भोय, प्रदेश पदाधिकारी रीता भगत, प्रदेश सलाहकार केसरी लाल पैंकरा, संतोष यादव, यशवंत यादव, धनंजय सिंह सहित कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर, एमसीबी और सरगुजा जिले के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। शिक्षकों ने सरकार से मामले में शीघ्र निर्णय लेकर पदोन्नति प्रक्रिया में TET को लेकर उत्पन्न स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।


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