PM Modi Guterres Meeting : नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं के बीच हुई इस बातचीत में तेजी से बदलती वैश्विक परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान गुटेरेस ने ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालने के लिए भारत और प्रधानमंत्री मोदी को बधाई भी दी।
बहुपक्षीय व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी और संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने मौजूदा वैश्विक व्यवस्था में बहुपक्षवाद को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने माना कि दुनिया में बढ़ती चुनौतियों के बीच देशों के बीच सहयोग और संवाद को प्राथमिकता देना जरूरी है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को वर्तमान वैश्विक वास्तविकताओं के अनुरूप अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठाने की जरूरत पर भी चर्चा की।
UNSC समेत अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार जरूरी
बैठक में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) सहित प्रमुख वैश्विक संस्थाओं में सुधार के मुद्दे को भी प्रमुखता मिली। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की संरचना और कार्यप्रणाली में समय के अनुरूप बदलाव आवश्यक है। भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार और विकासशील देशों को अधिक प्रतिनिधित्व दिए जाने की मांग करता रहा है।
वैश्विक संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान पर चर्चा
मोदी और गुटेरेस के बीच दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जारी संघर्षों और तनाव पर भी बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति के माध्यम से करने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके अलावा नौवहन की स्वतंत्रता को बनाए रखने तथा सुरक्षित समुद्री मार्गों की जरूरत पर भी चर्चा हुई, क्योंकि वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए समुद्री परिवहन बेहद महत्वपूर्ण है।
AI से लेकर खाद्य सुरक्षा तक अहम मुद्दे
बैठक का एजेंडा केवल राजनीतिक विषयों तक सीमित नहीं रहा। मानव-केंद्रित कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI, सतत विकास, अक्षय ऊर्जा और वैश्विक खाद्य सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी दोनों नेताओं ने विचार साझा किए। दोनों पक्षों ने ऐसी तकनीकी और विकास नीतियों की आवश्यकता पर जोर दिया, जिनका लाभ आम लोगों तक पहुंचे और जो पर्यावरण तथा भविष्य की पीढ़ियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जाएं।
दिल्ली पहुंच चुके हैं कई देशों के बड़े नेता
12 और 13 सितंबर को आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए विभिन्न देशों के प्रमुख नेता और प्रतिनिधि नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा समेत कई सदस्य और साझेदार देशों के प्रतिनिधि सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।
भारत ने रखा लचीलापन और सहयोग का एजेंडा
इस बार भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का केंद्रीय विषय “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और निरंतरता के लिए निर्माण” रखा गया है। इस एजेंडे के जरिए भारत आर्थिक विकास के साथ तकनीकी सहयोग, टिकाऊ विकास और वैश्विक स्थिरता जैसे विषयों को आगे बढ़ा रहा है। सम्मेलन को भारत की कूटनीतिक प्राथमिकताओं को वैश्विक मंच पर रखने के महत्वपूर्ण अवसर के तौर पर भी देखा जा रहा है।
ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत करने की कोशिश
ब्रिक्स के विस्तार के बाद समूह की वैश्विक भूमिका और प्रभाव को लेकर चर्चा बढ़ी है। भारत इस मंच के माध्यम से विकासशील देशों यानी ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं तक पहुंचाने पर जोर दे रहा है। नई दिल्ली में हो रहा यह सम्मेलन व्यापार और निवेश के साथ वैश्विक शांति, सुरक्षा, ऊर्जा, तकनीक और सतत विकास के मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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